नया साल फिर आया है

दोस्तों, फिर नया साल आने वाला है, लेकिन इस करोनाकाल के कारण दो साल से “न्यू इयर”  मनाने  के लिए हम घर से बाहर नहीं जा पा  रहे है | करे तो क्या करें,  हमारे हाथ में तो बस यही है कि पुराने दिनों में बिताये गए नए साल को याद कर आनंद का अनुभव प्राप्त किया जाए |

आइये आज उसी याद को ताजा करते है…………

बैंक में मेरी नयी नयी नौकरी लगी थी और  राजस्थान में पोस्टिंग मिली थी  | मेरी जोइनिंग 29th दिसम्बर की थी और 3 दिनों के बाद ही नए साल की पहली तारीख आने वाली थी  | यह दिन हमारे लिए बहुत ख़ास रहता है | इस दिन मैं अपने स्वभाव के विपरीत किसी से भी झगडा नहीं करता हूँ | मैं एक दिन के लिए अच्छा इंसान बन कर रहता हूँ | मेरा मानना है कि साल का पहला दिन अच्छा बीतेगा, तो साल भर वैसा ही अच्छे से कटेगा |

यह अंध -विश्वास ही सही, इसी बहाने एक दिन के लिए तो अच्छा इंसान बन जाता हूँ |

खैर, एक जनवरी को  मैं बैंक शाखा में सुबह सुबह पहुँचा |  मेरे हाथ में मिठाई का डब्बा था और सबसे पहले सभी स्टाफ के सीट पर जाकर नया साल का मुबारकबाद दिया और सभी स्टाफ को मिठाई की पैकेट दिए | सभी लोग आश्चर्यचकित थे | मैं बिलकुल नया स्टाफ, लेकिन इस शाखा में एक नयी प्रथा की शुरुआत की थी | सभी लोग मेरे इस कृत्य से बहुत खुश हुए | इससे अपनापन का एहसास होता है और आपसी सम्बन्ध भी मजबूत होते है |  

उस दिन मैंने  स्टाफ ही नहीं बल्कि सारे कस्टमर को भी मिठाई खिलाई और उन्हें  न्यू इयर का मुबारकबाद कहा |

दिसम्बर माह में मिले तीन दिन की सैलरी, एक जनवरी को उड़ा दिया और फिर नए  साल के साथ अपनी एक नयी प्रोफेशनल लाइफ की शुरुआत की | वो साल थी 1986, आज ३४ साल हो गए क्योंकि आज 29th दिसम्बर है, बैंक में मेरी जोइनिग की तारीख |

एक दूसरा दूसरी वाकया कोलकाता का है | मैं नया नया ही अपनी शाखा में ज्वाइन किया था | कोलकाता मेरे लिए नयी जगह थी | कुछ ही  दिनों के बाद न्यू इयर आने वाला था | मुझे तो न्यू इयर मनाने में बहुत मज़ा आता है | इसलिए मैं कोलकाता में भी न्यू इयर अच्छी तरह मनाने का प्रोग्राम बनाने  की सोचा |

यहाँ मैं बिलकुल नया था किसी से ज्यादा परिचय नहीं था और 29 th दिसम्बर आने वाला था जो मेरे लिए ख़ास  दिन होता है और मैं इस दिन को बैंक जोइनिंग की एनिवर्सरी (anniversary) मनाने की सोच रहा था |  चूँकि कोलकाता में बहुत सारे दर्शानिये स्थान है इसलिए किसी नयी जगह पर जा कर जश्न मनाने की सोच रहा था |

लेकिन उन दिनों मैं कोलकाता में अकेला ही रहता था | मैं बैंक में अपनी कुर्सी पर बैठा इन्ही सब बातों में उलझा हुआ था, तभी मेरे एक सहपाठी ने मेरी समस्याओं को भाप कर मेरे पास आये और मुझे से मेरे गहन विचार में खोने का कारण जानना चाहा | मैंने सारी बातें सच सच बता दी |

उन्होंने  मुझसे  हँसते हुए कहा —  आप कोलकाता में अकेले कहाँ है ?  3 जनवरी को रविवार  है और उस दिन शाखा के सभी स्टाफ अपने अपने फमिले बच्चो के साथ पिकनिक पर जा रहे है | आप भी हमारे साथ चलेंगे | सच, आप बहुत एन्जॉय करेंगे |

हमारे बैंक के सभी लोग पार्टी मनाने के मूड में थे | सब लोगो ने तय किया कि  हर साल की तरह इस साल भी जनवरी के पहले रविवार को (3 जनवरी) को अपने बैंक के परिवार के साथ  मिलकर पिकनिक पर जाएंगे | इसके लिए सभी लोगों  से २०० रूपये चंदे लिए गए | मैं भी उसमे शरीक हो गया |

हमलोग एक बड़ी सी  बस में सवार होकर एक फार्म हाउस के लिए रवाना हो गए | सभी  लोग परिवार और अपने बच्चो के साथ थे, सिर्फ मैं ही बिना परिवार के अकेला था |

करीब एक घंटे  के सफ़र के बाद हलोग नौपाडा पहुंचे | यह बिलकुल गाँव था और फार्म हाउस बहुत  अच्छे से सुसज्जित  किया हुआ था |

चारो तरफ केले के पेड़ लगे हुए थे | कोलकाता में केले की अच्छी खेती होती है | वहीँ  दूसरी तरफ सरसों के खेत थे जिसमे पीले पीले फुल खिले थे | ऐसा लग रहा था किसी ने जैसे खेतों में पिली चादर बिछा रखी हो | बहुत ही मनोरम दृश्य था | हम सभी स्टाफ और उनके बच्चे बहुत खुश थे | कोई बैडमिंटन खेल रहा था तो कोई बॉल से पित्ठो खेल रहा था | और जो बड़े बुजुर्ग थे वे ताश खेल रहे थे | मैं तो चारो तरफ फैले केले के बगान और सरसों के खेतों को देख कर मंत्र मुग्ध था |

 कुछ लोग खाने पीने के इंतज़ाम में लगे हुए थे | तभी थोड़ी देर में गरम – गरम पकौड़ा और चाय सर्व किया जाने लगा | हम सभी गप्पे मार रहे थे और पकौड़े का मजा ले रहे थे | साथ में संगीत  भी चल रहा था | बंगला गाना तो मुझे  समझ में नहीं आता था लेकिन सभी लोगों के साथ मजा आ रहा था |

तभी कुछ लोगों ने संगीत की धुन पर अपने परिवार के साथ जोड़ो में डांस करने लगे और मस्ती में झूमने लगे | सचमुच कुछ समय के लिए हम सभी अपने जीवन में चल रहे परेशानियों को भूल चुके थे | बैंक के रोजमर्रा की खीच – खीच से दूर थे | सभी के चेहरे  पर हँसी ख़ुशी थी | सभी बैंक के स्टाफ अपने परिवार का एक दुसरे से परिचय करा रहे थे |

और  इस तरह हम सभी  बैंक का एक बड़ा परिवार हँसी ख़ुशी से नए साल का जश्न मना रहे थे | दिन कैसे बीत गया पता  ही नहीं चला | खाने में भी तरह तरह के बंगाली व्यंजन का स्वाद चखने  का मौका मिला | सचमुच वो  दिन मेरे लिए अच्छा और मत्वपूर्ण दिन था | और फिर उसके बाद तो जब तक कोलकाता में रहा, हर साल जनवरी माह में बैंकर लोगों के साथ पिकनिक ज़रूर मनाता था |

सचमुच मेट्रो के भीड़ भाड़ वाली ज़िन्दगी से दूर गाँव के वातावरण में कुछ क्षण बिताने का एक अलग ही मज़ा है | इस तरह से यह बैंक के लोगों द्वारा  न्यू इयर मनाने का एक अच्छा प्रयास था, जिसे आज भी हम सिद्दत से हम याद करते है |

हर साल आता है, हर साल जाता है, 

इस नये साल में आपको वो सब मिले,

जो आपका दिल चाहता है,

नये साल की हार्दिक शुभकामनाये.

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Categories: infotainment

17 replies

  1. Happy new year to you and your family 🥳

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  2. Happy New Year and your joining anniversary helped you to enjoy for 4days.Beautiful coincidence.
    Enjoy. Best wishes for New Year.

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  3. Allah aap ko aur apki family ko 2022 mein khub saari khushiyaan de.

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  4. आपको ओर आपके परिवार को नये साल कि बहुत बहुत शुभकामनाएं,

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  5. बहुत सुंदर संस्मरण।
    खुशियों का इन्तजार नहीं
    खुशियों को ढूंढ के लाना है।
    नया साल तो एक बहाना है।
    नव वर्ष मंगलमय हो !

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