# मंजिल की ओर #

Relationship is the finest bond between two humans,
It matures with time & passion, it is maintained through
Connectivity, trust, care always allow it to blossom..

Retiredकलम

कहते है कि ज़िन्दगी में कोई ख्वाब ना हो तो ज़िन्दगी जीने का मज़ा ही क्या है | बिना ख्वाब के ज़िन्दगी अधूरी अधूरी सी लगती है | हर दिल में कोई न कोई ख्वाब पलता है जिसे पाने के लिए हम दिल से प्रयत्न करते हैं |

कई बार रात में सोते वक्त भी वही ख्वाब नजर आता है | जब दिल में हसरतें पलने लगती है तो रात में नींद कम और ख्वाब को हकीकत बनाने का जूनून ज्यादा ही होता हैं | इन्ही जुनून की ज़द्दोज़हद ने आज शब्दों का रूप ले लिया है .. आइये हम सब इस पल का लुफ्त उठायें… ..

मंजिल की ओर

रोज लड़ता हूँ मैं

अपने ख्वाबो को ,

हकीकत में बदलने के लिए

हर हाल में जितने के लिए ,

इसलिए मुठ्ठी को भीच कर

अपने सांसों को खीच कर

कोशिश करता हूँ उसे पाने के लिए

मंजिल के और…

View original post 80 more words



Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: