# मेरा बचपन…मेरा गाँव #

Response is one of the most powerful weapon
to occupy in someone’s heart …
So always give the best who care for you..

Retiredकलम

आज इस तस्वीर को देख कर अपने गाँव की याद आ गई | गाँव में बिताये गए बचपन के दिन कोई नहीं भूलता | आज के भाग दौड़ बड़ी ज़िन्दगी में सुकून के पल ढूंढता …मेरा मन आज गाँव की ओर चला गया ….

अपने गाँव में

आओ फिर कुछ दिन बिताएं, हम अपने गाँव में

टहलें गाँव की अमराइयों में, बैठे पीपल की छांव में

खंडहर घर, सुनी गलियां और टूटे हुए खाट यहाँ

खुद ब खुद रुकते है, जैसे बेड़ियाँ अपने पांव में |

रूठे रिश्ते, रूठे ख्वाब और बहुत सारी यादें

छोड़ दें इन सबको आज, क्यों करें फरियादें,

संजोयें खंडहर से घर को, मिल कर हम सब

आज हम करें फिर से, आओ नए – नए वादें |

आओ फिर कुछ पल बिताये अपने प्यारे गाँव में

‘बनाएं ख्वाबों का आशियाना, फिर अपने गाँव में

घर के आँगन में, टूटी खाट पर लेट कर

आओ गुनगुनाये…

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2 replies

  1. गांव की यादों में बचपन वो सुहाना सफर है जो हमेशा हमें गुदगुदाता रहता है । अविस्मरणीय ।

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