# मेरी अच्छी दोस्त #

देखो तो ख्वाब है ज़िन्दगी ,
पढो तो किताब है ज़िन्दगी ,
सुनो तो ज्ञान है ज़िन्दगी ,
पर हमें लगता है कि …
हँसते रहो तो आसान है ज़िन्दगी…

Retiredकलम

अब मैं ने तय किया है कि आत्मा को स्वच्छ रखना है | हमारे अन्दर जो वर्षों से गन्दगी जमी हुई है उसे हटाना है, क्योंकि आत्मा में परमात्मा का अंश रहता है ।

कभी – कभी हम अपनी भावनाओं को कविता के माध्यम से प्रकट करने की कोशिश करते है |

जी हाँ, हम कभी – कभी अपने आप को कविता के रूप में भी प्रकट करते है |

क्योंकि मेरी कविता मेरी आत्मा है …..जो शब्दों के माध्यम से मुझे एक नयी उर्जा और पहचान देती है ..

हम इसके माध्यम से शुकून की साँस लेते है , मेरे कलम की स्याही मेरे दर्दों को कागजो पर बयाँ करते है …

हम अपने विचारों को कविता के माध्यम से पुनर्जीवित करते है … अपनी सोच के सहारे कविता को उडान हेतु पंख देते है …..

जी हाँ, हम कभी – कभी कविता भी लिखते है…….

मेरी अच्छी दोस्त

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