# वो भी क्या दिन थे #

यह ज़रूरी नहीं कि इंसान हर रोज़ मंदिर जाए ,
बल्कि कर्म ऐसे करो कि  इंसान जहाँ भी  जाये मंदिर वही बन जाए,..

Retiredकलम

आज जब मैं समाचार देख रहा था तो मेरा मन बहुत घबरा रहा था, क्योंकि कोरोना की महामारी शायद अपने चरम सीमा पर पहुँच गयी है |

लगातार आ रही भयावह आंकड़े मेरे दिल को दहला रहे थे | मेरा मन बैठा जा रहा था | बहुत दुःख का अनुभव कर रहा था मैं |

तभी मेरे मोबाइल में मेरा एक पुराना विडियो दिख गया जो कोरोना काल के कुछ दिनों पूर्व शूट किया था | उस समय मैं मंदारमनी sea beach पर घुमने गया था | मैं उस विडियो को देखने लगा | उसे देख कर अचानक मन को जैसे थोड़ी सुकून महसूस हो रहा था |

बस मैंने फैसला कर लिया कि उस बिताये गए क्षण को आप लोगों के साथ शेयर करूँगा |

वैसे मुझे बीच पर घूमना बहुत पसंद है। क्योकि sea beach की ताज़ी हवा , उसके लहरों द्वारा गाती गीत मेरे मन, शरीर और…

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2 replies

  1. So nice sir , I am in love with your couplets that you write in beginning

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