# आत्म-मंथन #

आशा और विश्वास कभी गलत नहीं होते ,
बस ये हम पर निर्भर करता है कि हमने
आशा किससे की और विश्वास किस पर किया |
आप खुश रहें…मस्त रहें…

Retiredकलम

जब दिल बीमार हो जाता है, तब डॉक्टर उस दिल का ऑपरेशन करता है और वो दिल की सारी गन्दगी को बाहर निकाल कर उसे फिर से निर्मल और पावन कर उसे धड़कने लायक बना देता है |

क्या कुछ ऐसा ही हो, कि अपने बीमार मन का भी  चिड फाड़ करें, वही मन …जिसे हम वर्षो से लिए घूम रहे है | कितनी सारी  बातें भरी है इसमें , किसी के बारे में अच्छा तो किसी के बारे में बुरा, कुछ मीठी यादें, तो कुछ कडवी यादें , इतनी  सारी  बेवजह और  फालतू बातें जमा हो गई है ,कि ठीक तरह खुलकर स्वांस भी नहीं लिया जाता |

इसको मंथन करने की आवश्यकता है …,इससे  सारी विष निकाल  कर फिर से एकदम  कोरा किया जाए, जैसे हमारा मन बचपन में हुआ करता था ,… ना फालतू की  इच्छा,… ना किसी से इर्ष्या , ना किसी से द्वेष, और  ना…

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