# मेरे अन्दर का र्द्वंद#

जो मुझ पे गुज़रती है किस ने उसे जाना है ,
अपनी ही मुसीबत है , अपना ही फ़साना है ..

Retiredकलम

कर लबों पे हँसी काबिज़ …दिलों में दर्द रखते हैं,,

जिन्हें मौत नहीं आती…अक्सर हर रोज़ मरते हैं …

मुझे पता है कि मेरा एक मात्र युद्ध सिर्फ खुद से है, और यह मेरे लिए बहुत महत्व रखता है क्योकि मैं काफी लम्बे समय से लड़ रहा हूँ |

लेकिन अब मुझे एहसास हो रहा है कि मुझे अपने आप से लड़ने की आवाश्यकता नहीं थी |

एक युद्ध जो बाहर से भी लड़ने पड़ते है, उसमे भी मैं बहुत दिनों से शामिल था, लेकिन मुझे ख़ुशी है कि अब मैं उसे भी समाप्त करने में सफल हो पाया हूँ |

अपने विरूद्ध किसी युद्ध का लड़ना या ना लड़ना मेरा विशेषाधिकार है |

एक बात और,

विवाद और संवाद है तो दो अलग अलग चीजे, किसी भी समस्या को सही ढंग से समझने के लिए,

परन्तु पहले विवाद आवश्यक है और फिर उन्हें सही ढंग से सुलझाने के लिए…

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