# मेरे – अपने #

सब्र और सहनशीलता किसी की कमजोरी नहीं होती ,
बल्कि ये वो ताकत है जो हर किसी के पास नहीं होती है |

Retiredकलम

आज सुबह सुबह घर में हल्ला गुल्ला सुन कर अचानक मेरी नींद खुल गई ..बिस्तर पर ही सोए सोए ही माँ जी को आवाज़ लगाई ….क्या हुआ माँ जी |

जबाब में माँ जी घबराहट में बोली ….. जल्दी उठो.! . अपना शेरू गेट खुला होने के कारण बाहर  भाग गया है | बड़ा ही शैतान हो गया है | डर  लगा रहता है किसी को काट ना खाय, वर्ना लेने के देने पड़ जाएंगे |

मैं तो कितनी बार कहा कि  इस कुत्ते को घर में रखना आप के वश की बात नहीं है | आप का बुढापा का शरीर इस खूंखार जानवर को नहीं संभाल  पायेगा | माँ जी , बस चुप – चाप मेरी बात सुन लेती पर जबाब कुछ नहीं देती |

दुसरे कमरे में दाढ़ी बनाते हुए बाबा इतना सुनते ही बोल पड़े…अरे बेटे , उसे कुत्ता मत कहो, तुम्हारी माँ जी नाराज़ हो जाएगी…

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4 replies

  1. सच मे बहुत खुशी होती है ना किसी को खुशी देकर… यही छोटी-छोटी खुशियां बहुत अनमोल होतीं हैं किसी के चेहरे को मुस्कान देकर किसी को खुशी बाँट कर बेहद सुकून मिलता है…बहुत अच्छा लगा पढ़कर..!

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    • जी सही कहा आपने |
      वो भी मुझे इतना ही प्यार देते थे कि मुझे लगता ही था कि
      उनसे हमारा खून का रिश्ता है | उनको खुश देख कर मुझे भी
      बहुत प्रसन्नता होती थी | भगवान् उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें |

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  2. And beautiful photos, too. 💜

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