# तीसरी कसम #

हँसता हुआ दिल और हँसता हुआ चेहरा ,
यही ज़िन्दगी की सच्ची दौलत है |

Retiredकलम

बस यही अपराध मैं हर बार करता हूँ
आदमी हूँ आदमी से प्यार करता हूँ |
एक खिलौना बन गया दुनिया के मेले में
कोई खेले भीड़ में कोई अकेले में |

बात उन दिनों कि जब हमारी पोस्टिंग राजस्थान के शिवगंज शाखा में थी | हमारा विशेष कार्य गाँव के किसान को कर्ज बांटना ही था |

एक दिन गाँव “कैलाशनगर” जो सिरोही जिले में पड़ता था, में अपनी शाखा की खटारा  जीप लेकर recovery camp  में गया  | सभी किसानो के बीच एक मीटिंग रखा गया था , ताकि लोगों को शाखा के ऋण  और किसानो की समस्याओं की समीक्षा की जा सके |  

यह सही था कि पिछले ३ सालों से लगातार अकाल  पड़ रहा था  लोगों के पास खेती हेतु पानी ही नहीं था |  स्थिति  इतनी भयावह थी  कि लोगों के पास काम नहीं, ना घर में खाने को अनाज, बस सरकारी  मजदूरी  कर…

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