# धुंध की दीवार # – 4

मिटटी का मटका और परिवार की कीमत सिर्फ
बनाने वाले को पता होती है , तोड़ने वाले को नहीं |
क्रोध के समय थोडा रुक जाएँ और गलती के समय
थोडा झुक जाएँ …दुनिया की सब समस्या हल हो जायेगी |

Retiredकलम

चट्टान_सी सुदृढ दिखती हूँ.. हमेशा- मुस्कुराहट रहती है_ चेहरे पर…

पर_ मैं_भी टूटती हूँ.. बिखरती हूँ., मोम की तरह_ पिघल भी जाती हूँ..

काश! इस बात को_ तुम समझते ..! इस ख़्याल से नम हुए पलकों को

अपने_ हीं आँचल_से  पोंछ  फिर मुस्कुरा लेती हूँ_ क्योंकि मैं औरत हूँ |

आनंद एक बहुत बड़ा स्टार बन चूका था | वह दिन रात शूटिंग में व्यस्त रहता था | अब तो वह अपने नम्बर वन की पोजीशन को बनाये रखने के लिए काफी मेहनत करता था | उसका एक एक मिनट कीमती था |

दूसरी तरफ निशा के पास काम का अभाव था और उसकी आर्थिक स्थिति भी धीरे धीरे खराब हो रही थी | आनंद भी अब अपने फ़िल्मी व्यस्तता के कारण निशा के लिए समय नहीं निकाल पा रहा था |

निशा से उसकी दूरियाँ बढ़ने लगी और दूसरी फ़िल्मी हीरोइनों से उसकी नजदीकियां | |

यह तो…

View original post 1,083 more words



Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: