# धुंध की दीवार #-2

Define success on your own terms, achieve it by your own rules,
and build a life you are proud to live..
Be happy….Be alive….

Retiredकलम

वक़्त सीखा देता है इंसान को ..फलसफा ज़िन्दगी का ,

फिर तो, नसीब क्या, लकीर क्या और तकदीर क्या

ऐसा भयावह दृश्य देख कर इस ठण्ड के मौसम में भी आनंद के चेहरे पर पसीने की बुँदे बिखर गयी | उसके हाथ पैर काँप रहे थे | कभी वह तड़पते हुए अपनी माँ को देखता तो कभी अपनी बहन के माथे से निकल रही खून को |

उसके मन में इतनी पीड़ा हो रही थी कि वह बच्चो की तरह फुट फुट कर रोने लगा |

तभी दोस्तों ने आनंद को हिम्मत बंधाई और तुरंत उनलोगों को हॉस्पिटल ले चलने की सलाह दी |

फ़ोन करने पर एम्बुलेंस भी तुरंत ही आ गया और वे लोग मिल कर माँ और उसकी बहन को लेकर हॉस्पिटल की ओर तुरंत रवाना हो गए |

हॉस्पिटल में डॉक्टर ने उनके तुरंत इलाज करने के बजाये कहा कि यह पुलिस का मामला है…

View original post 1,314 more words



Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: