# मेरी कुछ यादें #

माना मैं तुम्हारे नए शहर की पुरानी इमारत ही सही, लोग आज भी मुझमे अपना बीता हुआ कल ढूंढते है | रांची को हमने खूब जिया है |  तब हम खगौल (पटना) से नए नए रांची आये थे | स्कूल … Continue reading # मेरी कुछ यादें #