# हम भी गुलाम है #

Relation is not collection of people ,
But it is selection of Hearts,,
We need to put all efforts to hold them for Life time..

Retiredकलम

source : Google.com

गुलाम हुआ है इंसान कुछ इस कदर मोबाइल का

रिश्ते मिलने को तरसते है, चाय के टेबल पर

यह सच है दोस्तों कि आज कल एक छोटी सी निर्जीव वस्तु ने हम सब को अपना गुलाम बना रखा है | हमें अपनों से इसने कब दूर कर दिया , किसी को पता ही नहीं चला |

वह वस्तु और कुछ नहीं …बस आपके और हमारे हाथों में रहने वाला वह “मोबाइल” ही है |

मुझे याद आ रहा है एक कहानी जो मोबाइल के कारण होने वाले दुष्परिणाम के सन्दर्भ में बिलकुल फिट बैठती है | कहानी कुछ इस तरह से है ..

सुबह का वक़्त था और शर्मा जी के परिवार वाले (पत्नी और उनके दो बेटें) ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठे थे |

उन सभी के हाथों में मोबाइल था और सब लोग अपने -अपने मोबाइल पर बिजी थे |

शर्मा जी अपने…

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7 replies

  1. गुलाम हुआ है इंसान कुछ इस कदर मोबाइल का
    रिश्ते मिलने को तरसते है, चाय के टेबल पर

    Ekdum true sir! Wonderful article👌🏼👌🏼

    Liked by 1 person

  2. बहुत बहुत धन्यवाद |

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Trackbacks

  1. # हम भी गुलाम है # — Retiredकलम – El Noticiero de Alvarez Galloso

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