बिहार का गौरव .. नालंदा विश्वविद्यालय

Coffee never knew it would taste so nice and sweet ,
before it met milk and sugar ,,,
We are good as individuals , But become better
when we meet and blend with the right people..

Retiredकलम

दोस्तों,

विहार दिवस के अवसर पर हमने बिहार से जुड़ीं जानकारियाँ ब्लॉग के माध्यम से आप तक पहुँचाने का निश्चय किया है और उसी कड़ी में आज का यह ब्लॉग है ..

नालंदा विश्वविद्यालय उच्च् शिक्षा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण और विश्व विख्यात केन्द्र था | यह दुनिया का सबसे पुराने विश्व विद्यालयों में से एक था |

  • इसकी स्थापना 5वीं शताब्दी में गुप्त वंश के शासक सम्राटकुमारगुप्तने की थी | इस विश्वविद्यालय को बनाने का उद्देश्य ध्यान और आध्यात्म के लिए एक स्थान को विकसित करने और उसे फिर शिक्षा के केंद्र के रूप में स्थापित करना था…
    और इस स्थान का महत्व इसलिए भी ज्यादा है कि गौतम बुद्धअपने जीवन काल में कई बार यहां आए और ठहरे भी थे |
  • नालंदा विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी 9 मंजिल की थी और इसके तीन भाग थे:… रत्नरंजक, रत्नोदधि और रत्नसागर. |
  • इस विश्वविद्यालय में हर्षवर्धन, धर्मपाल, वसुबन्धु, धर्मकीर्ति, आर्यवेद, नागार्जुन आदि…

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