# कोरोना वाली चुड़ैल #- 4

ठाकुर साहब अपने बेटे को झट से गोद में उठा  लिया और उसे दिलासा देते हुए कहा – वो तुम्हारी माँ  नहीं है |

लेकिन  भोलू बार बार कह रहा था,– वही मेरी माँ है |  मेरी माँ को बचा लो | मैं माँ के बिना नहीं रह सकता |

ठाकुर साहब को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि एक तरफ भोलू कह रहा था कि वह उसकी माँ यानी ठकुराईन है , जब कि कल ही उसे अग्नि को समर्पित  किया गया था |

उन्हें  अभी भी लग रहा था कि वह कोई चुड़ैल ही है |

गाँव वाले भी ठाकुर साहब को यकीन दिलाने में लगे थे कि वह कोई चुड़ैल ही है |

कभी कभी जब आत्मा भटकती है तो चुड़ैल का रूप ले लेती है |

तभी भोलू ने कहा,– ‘आप समीप जाकर पहचानिए पिता जी | तब आप को पता चल जायेगा  कि यह कौन है ?

अपने बेटे की बात मान कर ठाकुर साहब उसके निकट  जाकर ध्यान से देखने लगे |

ठकुराईन बेहोश पड़ी हुई थी |  गौर  से देखने पर उसका चेहरा हु ब हु ठकुराईन से मिलता जुलता लगा  |

यहाँ तक कि उसके चेहरे पर दो तिल वैसे ही दिख रहे थे  जैसे ठकुराईन के चेहरे पर थी |

अब  तो ठाकुर साहब बड़े ही विस्मित हुए और कहने लगे, ‘क्या आश्चर्य है! यह तो मेरी प्रिय पत्नी ही मालूम होती है।’

फिर उन्होंने अपने बेटे भोलू से कहा,– ‘बेटा, तुम रोना बंद कर दो ?

मैंने इन्हें गोली नहीं मारी है। मैंने आकाश की ओर यह समझकर गोली चला दी थी कि यदि कोई बला होगी तो बन्दुक  की आवाज सुन कर  भाग जाएगी।’

भोलू  ने कहा —  अब तो आपको यकीन हो गया न पिता जी कि वो मेरी माँ ही है |

बात हो ही रही थी कि तभी ठकुराईन को होश आ गयी | वह उठ बैठी और अपने बेटे को बुलाने लगी |

तभी ठाकुर  साहब कड़क आवाज़ में कहा …ठीक ठीक बताओ,  तुम कौन हो ? और तुम क्या चाहती हो ?

ठाकुर साहब , मेरे प्राण नाथ,  मैं आपकी वर्षो से सेवा करती आ रही हूँ , फिर भी आप मुझे चुड़ैल कह कर मेरा तिरस्कार कर रहे है ? आपका तिरस्कार मुझसे सहा नहीं जाता |

आपको कैसे मैं यकीन दिलाऊँ कि मैं चुड़ैल नहीं हूँ |

देखिये मेरे पैर सीधे है आप मुझे छू कर देखिये तब  आप को यकीन हो जायेगा कि मैं आपकी ठकुराईन ही हूँ | आप मेरे बेटे भोलू से पूछ लीजिये | तभी भोलू दौड़ कर माँ के पास चला गया और उससे लिपट कर रो रो कर कहने लगा …तुम ही मेरी माँ हो |

उसी समय उनका सबसे पुराना और बुढा नौकर वापस गाँव के मकान से आ गया और वहाँ भीड़ में खड़े ठकुराईन को कफ़न में देख कर ज़ल्दी से अपना गमझा उन्हें तन ढकने को दे दिया |

तभी ठाकुर साहब आश्चर्य चकित होकर अपने नौकर की ओर देखा जो सिर झुका कर उनके सामने खड़ा था |

ठाकुर साहब ने पूछा …पकिया, यह माजरा क्या है , हमने तो ठकुराईन की चिता को आग दे दी थी |

नहीं सरकार , ये ठकुराईन ही है | मैंने कल रात को पुरोहित और जो  नौकर घाट से आये  थे , उनकी बातें चुपके से सुनी थी , जो कह रहे थे कि मालकिन को जलाया नहीं है बल्कि कच्चा गंगा नदी में बहा दिया गया है  | मैं वही सुचना देने आप के पास आ रहा था |

उसकी  बातें सुन कर ठाकुर साहब  का माथा ठनका और अब उन्हें पूरा यकीन को गया कि वह मेरी ठकुराईन ही है |

ठाकुर साहब का हृदय गदगद हो गया, करुणा उमड़ पड़ा और उनके आँखों से आंसू गिरने लगे। झट दौडक़र उन्होंने ठकुराईन को गले लगा लिया और कहा, ‘मेरे अपराध को क्षमा करो। मैंने जानबूझकर तुम्हारा  तिरस्कार नहीं किया।

यह पुरोहित के झूठ  के कारण मेरे मन में  संदेह आया था |

तब तक वहाँ पुरोहित भी पहुँच गया और हाथ जोड़ कर  ठाकुर साहब के सामने खड़ा हो गया | ठाकुर साहब जैसे ही उसकी ओर देखा , पुरोहित जी ने हाथ जोड़ कर कहा – कभी कभी झूठ बोलने का परिणाम सुखद हो जाता है |

गंगा मैया की कृपा से हमलोगों की ठकुराईन सही सलामत है |  बस आप अब मुझे माफ़ कर दीजिये |

ठाकुर साहब कुछ बोल पाते , इससे पहले ठकुराईन बोल पड़ीं – पुरोहित जी,  आप के कारण ही हम जिंदा यहाँ खड़े है | हमलोग आप को माफ़ करते है |

इतना सुनते ही ठाकुर साहब ने फिर से ठकुराईन से क्षमा मांगी |  इस पर ठकुराईन ने कहा – अब पाप की भागी हमें न  बनाएं |  आप मेरे स्वामी है आप मुझसे माफ़ी न मांगे |

ठकुराईन प्रेम से भाव विहल होकर  भोलू  को गोद में उठा ली और ठाकुर साहब के  कंधे पर अपना सिर रख कर रोने लगीं।

गांव वाले  ने जब ठकुराईन के साथ घटी पूरी घटना के बारे में विस्तार से जाना तो वो लोग भी भगवान् की महिमा और किस्मत का खेला जान कर भाव विभोर हो उठे |   

सभी के आँखों में आँसू थे… ख़ुशी के आँसू | …(समाप्त )

कोरोना वाली चुड़ैल -1 हेतु नीचे link पर click करे..

https://wp.me/pbyD2R-3MP

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

If you enjoyed this post, please like, follow, share and comments

Please follow the blog on social media …link are on contact us page. .www.retiredkalam.com



Categories: story

26 replies

  1. सबसे सही तो यह हुआ कि लोगों ने ठकुराईन की बात सुनी और अपने डर को वश में कर के उनकी बात पर गौर किया। वरना ऐसे में लोग सुनते-समझते कहाँ हैं? बस तुरंत फैसला लिया जाता है।

    ठाकुर साहब ने भी गोली ऊपर चलाई, ना कि सीधे ठकुराईन पे। वरना इस अनर्थ का शायद कभी आभास भी न हो पाता!

    Liked by 1 person

    • आपने इस कहानी का सही विश्लेषण किया है | हमें कोई भी निर्णय लेने के पहले ठन्डे दिमाग से
      सोच विचार ज़रूर करना चाहिए | नहीं तो वह ज़िन्दगी भर का पछतावा हो सकता है |
      इस कहानी से बहुत कुछ सिख सकते है |
      धन्यवाद डिअर आपके विचार प्रस्तुत करने के लिए |

      Liked by 1 person

  2. Ending was nice.I thought that She has been killed. Story has taken another direction. It is the writer’s art of writing to please the reader.

    Liked by 1 person

  3. A story with nice ending.We have read stories where the immediate family refused to accept the dead person turning alive. As regards various incidents of person declared dead by doctors becoming alive on funeral pyre, Doctors say that sometimes it so happens that the heartbeat of a person gets too slow and the person goes into deep coma. People and Doctor assume that the person is dead but in reality he is alive.

    Liked by 1 person

  4. Reblogged this on Retiredकलम and commented:

    हर दिन अच्छा नहीं हो सकता है , लेकिन
    हर दिन में कुछ अच्छा जरूर होता है …

    Like

  5. After going over a few of the articles on your website, I seriously appreciate your way of blogging. I saved it to my bookmark webpage list and will be checking back in the near future. Please check out my website as well and tell me what you think.

    Like

  6. This web site truly has all the information and facts I wanted about this subject and didnít know who to ask.

    Like

  7. Excellent post! We are linking to this particularly great post on our site. Keep up the good writing.

    Like

  8. Hi, I do believe this is a great blog. I stumbledupon it 😉 I will return once again since i have book-marked it. Money and freedom is the best way to change, may you be rich and continue to help other people.

    Like

  9. Aw, this was a very nice post. Spending some time and actual effort to produce a great articleÖ but what can I sayÖ I put things off a whole lot and never manage to get anything done.

    Liked by 1 person

  10. Howdy! I just would like to offer you a big thumbs up for the excellent info you’ve got here on this post. I’ll be returning to your blog for more soon.

    Liked by 1 person

  11. I’d like to thank you for the efforts you have put in writing this website. I’m hoping to view the same high-grade blog posts from you later on as well. In fact, your creative writing abilities has motivated me to get my very own website now 😉

    Liked by 1 person

  12. There is certainly a great deal to find out about this subject. I really like all the points you made.

    Liked by 1 person

  13. I couldnít refrain from commenting. Perfectly written!

    Like

  14. I blog often and I really appreciate your content. Your article has truly peaked my interest. I’m going to bookmark your website and keep checking for new information about once a week. I subscribed to your RSS feed too.

    Liked by 1 person

  15. Iím impressed, I must say. Rarely do I encounter a blog thatís both equally educative and amusing, and let me tell you, you’ve hit the nail on the head. The problem is something that too few folks are speaking intelligently about. I’m very happy I stumbled across this in my hunt for something concerning this.

    Liked by 1 person

  16. I need to to thank you for this great read!! I certainly loved every little bit of it. I have got you book-marked to check out new stuff you postÖ

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: