# सुख की खोज #

प्रार्थना से परिस्थिति बदले या न बदले ,
पर व्यक्ति का चित्त अवश्य बदल जाता है ..

Retiredकलम

अगर आज हम अपने मन में  विचार करें कि हम जो सारा जीवन संघर्ष करते रहे ह , हम क्या-क्या करते रहे और क्यूँ करते रहे ?

तो हम पाते है,  कि हम सिर्फ दो बातो को ध्यान में रख कर ज़िन्दगी की जद्दोजेहद में लगे रहे है  और वो दो बातें है — , पहला  हमें हमेशा सुख मिलता रहे और दूसरा हम दुःख से हमेशा दूर रहे | इन्ही दो बातों को ध्यान रखकर ज़िन्दगी की जंग लड़ते रहे है हम |,

सदा इच्छा रही कि सुख हमारे जीवन से जाए ना और दुःख हमारे  जीवन में कभी आए ना.| लेकिन परिणाम क्या मिला ?

.क्या इस पल में  भी हम सुखी है ? .. नहीं,   लेकिन क्यूँ  ?

यह एक विचारनिए प्रश्न है, आखिर कमी कहाँ रह गई है ? यह सुख – दुःख क्या है ?

इसका विश्लेषण करने पर पता चलता है कि जब …

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