# अधूरे एहसास #

मन से ज्यादा उपजाऊ जगह कोई नहीं है,
क्योंकि वहाँ जो कुछ भी बोया जाए , बढ़ता ज़रूर है …
चाहे वह विचार हो , नफरत हो या फिर प्यार हो |

Retiredकलम

सेठ धनराज, एक सच्चा इंसान , पता नहीं पिछले जन्मो का कितना अच्छा कर्म किया था कि इस जन्म में उन्हें वो सब कुछ मिला जिसकी इच्छा एक इंसान की होती है |

व्यवसाय में अब्बल तो है ही, तभी तो पांच – पांच फैक्ट्री के मलिक है और अपने इलाके के अकेले करोड़पति भी |

वे इतने भाग्यशाली कि उनकी धर्मपत्नी भी साक्षात् देवी है वो सेठ जी की तरह ही दयालु ह्रदय और पूजा पाठ में उनका भरपूर साथ निभाती है |

कमी थी तो बस एक औलाद की | सेठ जी ने अपने घर के छत पर एक भगवान् का खुबसूरत मंदिर बनवाया और रोज़ सुबह पूजा अर्चना के बाद भगवान् से विनती करते …. प्रभु, आपने मुझे वह सभी कुछ दे रखा है जिसकी इंसान इच्छा कर सकता है, बस मुझे एक औलाद की कमी है |

इतने बड़े मकान में मुझे सूनापन खलता है |…

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