# हँसते ज़ख्म #…23

रिश्ता, दोस्ती और प्रेम उसे के साथ रखना ,
जो तुम्हारी हँसी के पीछे का दुःख , गुस्से के पीछे का प्यार
और मौन के पीछे की वजह समझ सके …

Retiredकलम

चुप चुप सी मोहब्बत में

नकाब हजारों हैं ….

बात नहीं होती तो क्या हुआ ,

खामोशियों में ज़बाब हजारों हैं

दुनिया की नज़र में अजनबी हो तुम ,

मगर दरमियाँ अपने हिसाब हजारों है | …

मेरी जीप गाँव के बाहर निकल कर सुनसान सड़क पर दौड़ रही थी | मेरा मन बहुत व्याकुल था और तरह तरह के विचार मेरे मन में उठ रहे थे |

मन को शांत रखने की नाकाम  कोशिश करता रहा,  लेकिन राजेश जो मेरे बाजु में बैठा था , उससे हमारी यह हालत छुप न सकी |

वो मेरी ओर रुख करके बोला …आप काफी डिस्टर्ब हो गए हो आज | मैं आप को इस हाल में अकेला नहीं छोड़ सकता इसलिए मैं सोच रहा हूँ कि आज आप के साथ ही शिवगंज तक चलूँ |

और आप जब सामान्य हो जाएँ  तब वापस आ जाऊंगा |

मैं उसकी ओर देखते हुए कहा…

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