# मुझे भी प्यार है #…16

Life is a game of chess. You cannot undo the move
but you can make the next step better..

Retiredकलम

source: Google.com

किसी ने सच कहा है,  दोस्ती और  मुहब्बत उससे करो जो निभाना जानते हो | नफरत उनसे करो जो भुलाना जानते हो ओर गुस्सा उससे करो जो मनाना जानते हो |

अच्छे दोस्त खुबसूरत फूलों कि तरह होते है अगर हम अपनी मुहब्बत रुपी पोधे को पानी देते रहे तो ये पौधे हमारे जीवन को महकाते रहते है |

जो शख्स हमारा  गुस्सा बर्दास्त कर ले और साबित कदम रहे तो वही हमारा  सच्चा दोस्त होता है |

अगर दोस्ती का रिश्ता ना बना होता तो इंसान कभी यकीन नहीं करता कि अजनबी लोग अपनों से भी ज्यादा प्यारे हो सकते है |

एक दोस्त ने दोस्त से पूछा — दोस्त का मतलब क्या होता है तो दोस्त ने मुस्कुरा कर कहा –.पागल, एक दोस्त ही तो है जिसमे कोई मतलब नहीं होता, जहाँ मतलब हो वहाँ दोस्ती नहीं हो सकती |.

आज सुबह जब नींद से उठा…

View original post 940 more words



Categories: मेरे संस्मरण

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: