# ज़िन्दगी और मौत के बीच संवाद #

ज़िन्दगी और मौत में जंग तो सदा से रही है | हम सब तो बस ज़िन्दगी की विसात पर बैठ कर  शतरंज खेल रहे है | जैसे, कल ही की बात है .. जब  

अचानक मौत मेरे सामने प्रकट हो गई और उसने मेरे ज़िन्दगी से शतरंज खेलने को कहा |

शर्त थी कि अगर मौत जीत जाती है तो वह मुझे लेकर जाएगी |

ज़िन्दगी ने कहा — लेकिन, पहली चाल मेरी होगी |

इस पर मौत ने कहा — बिलकुल,  अगर तुम अपना चाल चलोगी नहीं तो मैं counter move कैसे करूँगा | तुम्हे हराना जो है |

ज़िन्दगी ने कहा..– मुझे स्वीकार करना होगा, कि तुम दिन प्रतिदिन  अधिक चतुर होते जा रहे हो  |

मौत ने जबाब दिया — तुम ने ठीक ही कहा |   इसे हम इस तरह से कहें कि. हम सब  इस खेल को  सृष्टि की शुरुआत से ही खेल रहे हैं |

इसलिए हम दोनों ने बेहतर खिलाड़ी  बनने और एक दूसरे के योग्य प्रतिद्वंद्वी होना सीख लिया है ।

ज़िन्दगी ने फिर कहा — .हाँ,  हम अपने खेल के पहले चरण में काफी हलके में लिया था । हालाँकि तुम ने  कई सौ साल पहले से ही दुनिया की पहली महामारी, प्लेग जैसा रोग पैदा किया था जिससे बहुत लोगों की जान चली गयी थी | उस समय  तुम्हारा प्रदर्शन काफी शानदार था।

मौत ने कहा — वो तो है | लेकिन प्लेग फ़ैलाने वाले चूहों से छुटकारा पाकर तुम ने  जल्द ही इस पर काबू पा लिया था  और मुकाबला अपनी तरफ कर लिया था |.

 इसी तरह, बाद में तुम ने  मलेरिया और टीबी को रोकने  में भी कारगर उपाय कर आपने जीत  हासिल की थी | 

ज़िन्दगी ने कहा —  यह सच है कि तुम ने  नए- नए खतरनाक कोरोना के variant विकसित कर मुझे काफी मुश्किल में डाल दिया था | ..लेकिन अपनी सफल रणनीति के कारण ही इस मुसीबत से  हम पार पा सके और हमारा ज्यादा नुकसान तुम  नहीं कर पाए  |

मौत के कहा — .तुम बिल्कुल सूझ बुझ के साथ मेरा मुकाबला कर रहे हो | विशेष रूप से इन  कोरोना वैक्सीन के साथ, जिस पर तुम काम कर रहे हो  |

यह vaccine न केवल कोरोना से मुकाबला कर सकता है, बल्कि सभी प्रकार के कैंसर, एचआईवी और यहां तक ​​कि गंजेपन का इलाज भी कारगर  ढंग से कर सकता है।


जिंदगी ने तब खुश होकर कहा –.मुझे  ऐसा लग रहा है कि मैं अपना गेम जीतने जा रहा हूं । क्या  तुम  इस खेल में अपना हार स्वीकार कर रहे हो ?

मौत ने हंस कर कहा –. नहीं, बिल्कुल नहीं । तुम देखो, मेरे पास अपने शस्त्रागार में एक गुप्त हथियार भी है । इसे मानव जाति कहा जाता है |

 यह मानव  जाति अपने  ही खिलाफ जानलेवा युद्ध करने के लिए जुनूनी बने हुए है |  और इसी कारण से मुझे तुम पर एक रणनीतिक लाभ मिल सकता है।

ज़िन्दगी ने तुरंत ज़बाब दिया –. मानव युद्ध का तो मेरे पास एक इलाज है ।  इसे शांति कहते है | शांति समझौता |

मौत ने अपनी अगली चाल चलते हुए  कहा — मानव जाति  द्वारा इसे तो कितनी बार आजमाया जा चूका  है | तुम्हे तो अनुभव होगा कि हमारे खेल के  इतिहास ने साबित किया  है कि  शांति केवल एक बहुत ही अस्थायी इलाज है |

 जैसा कि एक नहीं बल्कि दो विश्व युद्ध इसका उदाहरण है | मुझे तो खुद ब खुद जीत मिल जाती है |  मुझे कुछ करने की ज़रूरत ही नहीं पड़ती है |

आज भी इस करोना  महामारी के बीच में युद्ध जारी है | तुमने  अभी अभी देखा ,…अफ़ग़ानिस्तान, पश्चिम एशिया और अन्य जगहों पर अभी युद्ध चल रहा है ..और साथ ही विश्व युद्ध का खतरा भी  मंडराने लगा है |

और सब कुछ खत्म करने के लिए वैश्विक परमाणु युद्ध की संभावना हमेशा बनी हुई है ।

तो क्या अगले चाल में तुम्हारी सह और मात हो सकती है ? ..यानी तुम अपनी हार स्वीकार करते हो ?

ज़िन्दगी इसका कुछ जबाब दे पाती , इसके पहले ही अचानक मेरी नींद खुल गयी और मैं सोचने लगा, क्या यह सपना था ? ,,

लेकिन आज की हकीकत देंखे तो यह मेरे सपने से बिलकुल मेल खा रहा है ..यानी ज़िन्दगी और मौत के बीच खेल जारी है |

देखना यह है कि कौन जीतेगा |

चूँकि मैं मनुष्य हूँ और मुझे मानवता और श्रृष्टि की महानता  पर विश्वास है ..इसलिए मैं बहुत दावे के साथ कह सकता हूँ कि जीत  ज़िन्दगी की ही होगी |

बस हम सब को ज़िन्दगी की जीत पर भरोसा होना चाहिए |

ज़िन्दगी और मौत के जंग में

एक दिन सबको मिटना है ,

क्योंकि, ज़िन्दगी को हर बार ,

तो मौत को एक ही बार जितना है |

आपकी क्या राय है, मुझे कमेंट्स के माध्यम से अपने राय प्रकट करेंगे तो मुझे ख़ुशी होगी |

पहले की ब्लॉग  हेतु नीचे link पर click करे..

https:||wp.me|pbyD2R-1uE

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

If you enjoyed this post, please like, follow, share and comments

Please follow the blog on social media …link are on contact us page..

www.retiredkalam.com



Categories: infotainment

12 replies

  1. Sir you are courageous enough to take that Python in your hands.😮😳

    Liked by 1 person

  2. Words reflecting great philosophy,🌷🌷

    Liked by 1 person

  3. You have written so many things of our past and future in conversation between life and death. Earth is overpopulated. All these are required for balance.Nicely elaborated. It may be your new innovation.

    Liked by 1 person

  4. An interesting conversation. Well penned 👍

    Liked by 2 people

  5. Well written. To add to this conversation life asked death, ‘why do people love me and hate you?’ Death replied, ‘because you are a beautiful lie and I am a painful truth’

    Liked by 2 people

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: