# हवाई जहाज की पहली यात्रा #

मन से ज्यादा उपजाऊ जगह कोई नहीं है , क्योंकि
वहाँ जो भी कुछ बोया जाए , बढ़ता ज़रूर है …
चाहे वह विचार हो..नफरत हो….या फिर प्यार हो ||

Retiredकलम

मुझे अच्छी तरह  याद है वो दिन, जब पहली बार हवाई जहाज में बैठा था |

कुछ दिनों पहले तक जब भी मैं आकाश में किसी जहाज को उड़ते देखता था तो मैं थ्रिल हो जाता था ,लेकिन अगले ही पल मेरा दिल जोर जोर से धड़कने लगता था यह सोच कर कि अगर जहाज़ का इंजन बंद हो जाएगा तो क्या होगा ?

बचने का कोई कारण ही नहीं, न ही लाश मिलने की गारंटी।

मुझे हवाई जहाज़ की  यात्रा से बहुत डर लगता था. ..

आज भी अपने ऑफिस में सीट पर बैठा काम कर रहा था तभी खिड़की से बाहर उड़ते जहाज पर मेरी नज़र पड़ी |

और  सोच रहा था ….,कैसा अनुभव होता होगा उसमे बैठ कर उड़ने का | मुझे तो बहुत डर  लगता है भई, | ट्रेन एक्सीडेंट में तो बचने का भी चांस होता है पर हवाई जहाज़ के मामले में तो बिलकुल ही…

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6 replies

  1. The beginning lines of all your posts reflect out of the box thinking. Simply amazing, should not be missed😊😊

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  2. That’s really nice 😊😊

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  3. Haha, interesting one👌

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