# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…18

Without crossing the worst situations, no one can touch,
the best corners of life. Dare to face anything in Life.

Retiredकलम

पुलिया के ऊपर पानी का बहाव बहुत तेज़ था, लेकिन मैंने सोचा नहीं था कि पानी की धारा इतनी तेज़ होगी कि मेरा रिक्शा को ही बहा ले जाएगी |

वो तो खैरियत थी कि मुझे तैरना आता था इसलिए किसी तरह तैर कर उस पानी के बहाव से बच गया वर्ना मेरा भी हाल उस रिक्शे की तरह हो जाता और मैं बह कर पता नहीं कहाँ पहुँच गया होता |

रिक्शा तो बह गया, लेकिन मैं किनारे पर खड़ा होकर पानी को निहार रहा था, जिसने मेरी रिक्शा के साथ उसमे रखे कुछ सामान और उसके साथ जुडी यादें सब कुछ बहा ले गया |

मेरे आँखों से आँसू बह रहे थे और वहाँ उपस्थित लोग मुझे सांत्वना दे रहे थे, कि भगवान् की कृपा से चलो तुम्हारी जान तो बच गई |

 लेकिन उन्हें क्या पता था कि उस रिक्शे से मेरी कितनी यादें जुडी हुई है…

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