# रिक्शावाला की अजीब कहानी #…15

जब आप अपनी चिंता को आस्था में परिवर्तित कर देते हैं ,
तब ईश्वर भी आपके संघर्ष को आशीर्वाद में बदल देते है ..

Retiredकलम

DCF 1.0

वक़्त से लड़ कर जो

अपना नसीब बदल दे ,

इंसान वही जो अपनी

तकदीर बदल दे ,

क्या होगा कल

कभी मत सोचो

क्या पता कल वक़्त खुद

अपनी लकीर बदल दे…

बड़े भाई की हकीकत सुनकर मैं भी अंदर से काँप गया | मैं सोचने पर मजबूर हो गया कि  इंसान की ज़िन्दगी क्या इतनी सस्ती हो गयी है |

मुझे तो महसूस होता है कि सस्ती तो है ही अनिश्चित भी हो गयी है |

तभी तो आजकल लोग स्वाभाविक मौत कहाँ मर रहे है | या तो प्राकृतिक आपदा के कारण या फिर कोई ना कोई बीमारी के करना ज़िन्दगी समाप्त हो रही है |

अभी अभी ट्रेन ने पंद्रह मजदूरों को पलक झपकते ही छोटे छोटे मांस के लोथड़ो में बदल दिया, जब वो सो रहे थे | उसके साथ साथ और कितनी जिंदगियां भी बर्बाद हो गई, उसके परिवार का अब क्या…

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  1. # रिक्शावाला की अजीब कहानी #…15 – Nelsapy

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