रिक्शावाला की अजीब कहानी …5

उसी रिश्ते की उम्र लंबी होती है जहाँ लोग एक दुसरे को
समझते है ,,,परखते नहीं |

Retiredकलम

आज जब सुबह उठा तो मेरे दिल और दिमाग में एक द्वंद चल रहा था ..क्योकि रघु काका की बात याद आ रही थी … हमें अपने औकात में रहना चाहिए |

जब उनसे आशीर्वाद लेने गया था तो उनका मुझसे गुस्सा होना साफ़ झलक रहा था और उन्होंने ठीक से बात भी नहीं की थी | पहले वो मुझे अपनी बेटे की तरह मानते थे | लेकिन कुछ ग़लतफ़हमी होने के कारण वे अब तक नाराज़ है |

यह सही है कि मैं अंजिला की तरफ सचमुच आकर्षित हो रहा हूँ |मुझे तो उसे देखे बिना चैन भी नहीं आता है,और ऊपर से वो मुझपर हमेशा कुछ ना कुछ एहसान करते रहती है |

कुछ दिनों से मुझे महसूस हो रहा है कि वो भी मुझ में दिलचस्पी लेने लगी है |हर बात में हँस कर जबाब देना और मेरी गलतियों पर भी गुस्सा…

View original post 1,452 more words



Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: