# स्वस्थ रहना ज़रूरी है # ..17

जामुन स्वास्थ के लिए ज़रूरी

दोस्तों,

आज जब मैं सब्जी मार्किट गया था तो अचानक मुझे जामुन बिकता हुआ दिख गया | यह मौसमी फल है और अभी इसका सीजन आ चूका है |

मैं जामुन का बहुत शौक़ीन हूँ और जितने दिनों तक जामुन  बाज़ार में उपलब्ध रहता है मैं इसका सेवन करता हूँ, क्योकि यह बहुत ही गुणकारी और औषधीय फल है |

इसलिए आज मैं इसके बारे में चर्चा करना चाहता हूँ ताकि हम सभी इसके गुणों का लाभ उठा सकें |

जामुन, को जमाली और ब्लैकबेरी आदि के नाम से भी जाना जाता है। यह प्रकृति में  अम्लीय और कसैला होता है, लेकिन पका हुआ जामुन स्वाद में मीठा होता है।

अम्लीय प्रकृति के कारण सामान्यत: इसे नमक के साथ खाया जाता  है, ताकि इसका उपयुक्त लाभ प्राप्त हो सके  ।

यह देखा गया है कि जामुन में ग्लूकोज़ और फ्रक्टोज दो मुख्य स्रोत होते हैं। इस फल के बीज में काबोहाइट्ररेट, प्रोटीन और कैल्शियम की अधिकता होती है।  यह आयरन का बड़ा स्रोत है।

जामुन में वे सभी तत्त्व पाए जाते है जिसकी हमारे शरीर को आवश्यकता होती है .| इसमें विटामिन बी, कैरोटिन, मैग्नीशियम और फाइबर भी होते हैं।

आइये इसके लाभ के बारे में जानते है …

जामुन एक औषधीय फल है , इसका प्रयोग कई सारी बिमारियों के उपचार मे किया जाता है। गर्मियों के दिनों मे जामुन के सेवन करने से लू नहीं लगती है। यह कैंसर की संभावना को कम करने मे भी काफी मददगार है।.

मधुमेह के उपचार में

जामुन खाने से शुगर के रोगी को बहुत फायदा होता है । यह रक्त के अंदर शर्करा (sugar ) की मात्रा को नियंत्रित करता है। डायबिटिज के रोगी को रोजाना जामुन का सेवन करना चाहिए।

इसके गुठली  को पाउडर बना कर भी सुगर के मरीज़ सेवन करते है | जामुन की गुठली ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने मे मदद करती है |

पेट की समस्याओं को दूर करने मे :

पेट से जुड़ी समस्या को दूर करने के लिए जामुन काफी फायदे मंद है। रोज सुबह खाना खाने के बाद  जामुन खाने से पेट साफ होता है, और कब्जियत की शिकायत दूर होती है ।

जामुन की छाल का काढा बनाकर पीने से  पेट के अन्दर ऐंठन की समस्या  दूर हो जाती है।

एनिमिया के उपचार मे

कभी कभी हम एनिमिया के शिकार हो जाते है यानी हमारे शरीर  के अंदर खून की कमी हो जाती है | जिस व्यक्ति के शरीर के अंदर  खून की कमी हो उसे जामुन का सेवन अवश्य  करना चाहिए ।

जामुन के अंदर कैल्शियम, पो‌‌‌टैशियम और आयरन पाये जाते हैं। जो हमारे शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाते हैं।

‌‌मसूड़ों के लिए फायदे मंद

मसूड़ों के लिए जामुन के पत्ते बहुत फायदेमंद हैं । यदि मसूड़ों के अंदर सूजन हो गई  है तो जामुन के पत्तों को उबाल कर कूल्ला करना चाहिए।

और यदि मसूंडों से खून आता है तो जामून की गुंठली के पाउडर को नमक के साथ मसूडों पर लगाने से फायदा होता है।

‌‌‌यदि मूंह के अंदर दूर्गंध आ रही है तो जामून के पत्ते चबाना चाहिए ।

लीवर के लिए फायदेमंद

हमारे लिवर की सेहत के लिए भी जामुन बहुत फायदेमंद है | यदि लिवर के अंदर किसी प्रकार की समस्या है तो सुबह शाम जामुन का रस पीना चाहिए, इससे लिवर की समस्या दूर करने  में मदद  मिलती है |

पत्थरी के उपचार में भी कारगर

यदि शरीर के किसी भाग  में पत्थरी की समस्या है तो जामुन के बीज का पाउडर दही के साथ मिलाकर रोज खाना चाहिए,  इससे पत्थरी की समस्या से निजात पाने में मदद मिलती है |

‌‌गठीया के उपचार में मददगार

जिस व्यक्ति को गठिया रोग की समस्या है उसे जामुन की छाल को पीस कर जोड़ों पर लेप करना चाहिए, इससे बहुत लाभ होता है।

‌‌‌त्वचा की खूबसूरती में मददगार

जामुन के बीजों का प्रयोग चेहरे के पिंपल्स को हटाने के लिए किया जाता है। पहले बीजों को पीस कर और दूध  मिलाकर पेस्ट बना लें | इसे सोने से पहले चेहरे पर लगाएं | इसका प्रयोग कुछ दिनों तक करने पर चेहरे के दाग दब्बे दूर हो जाते है और चेहरे की त्वचा दमकने लगती है ।

‌‌‌बच्चों के लिए फायदे मंद

जामुन छोटे बच्चों के लिए भी फायदेमद होते हैं | यदि बच्चों को  दस्त -उलटी  की समस्या हो तो जामुन की ताजी छाल को पिस कर बकरी के दूध के साथ मिलाकर पीने से तुरंत लाभ होता है |

वैसे तो जामुन के बहुत सारे फायदे है, लेकिन यह भी जानना ज़रूरी है किन परिस्थितियों में जामुन  नुकसानदेह  होता है …

जामुन का सेवन कब नहीं करना चाहिए

  • जामुन को कभी भी खाली पेट नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसमें वातज गुण होते हैं।
  • गर्भावस्था के दौरान जामुन नहीं खाने चाहिए।
  • उपवास के दौरान जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • जब आपको उल्टी की समस्या हो रही है या फिर जी घबराने जैसी स्थिति हो तब जाम का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • अगर शरीर में कहीं भी सूजन आ रही है तो जामुन का सेवन ना करें।
  • किसी भी तरह का ऑपरेशन से पहले या ऑपरेशन के बाद जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • जामुन के सेवन से 2 घंटे पहले और 2 घंटे बाद दूध का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • हमेशा पके हुए जामुन का ही सेवन करें आधा पक्की और आधा कच्चे जामुन का सेवन नहीं करना चाहिए।

(ऊपर दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं.| इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

दोस्तों, मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ  कि वो हम सभी को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित और स्वस्थ रखें । बहुत ज़ल्द ही हम सब कोरोना को हरा देंगें और फिर सामान्य जीवन जी सकेंगे…. ..इसी आशा के साथ ..|

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Categories: health

6 replies

  1. Nicely explained the usefulness of black berry.

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  2. Very useful info

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  3. Nice information

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