# तलाश अपने सपनों की #…5

वक़्त, दोस्त और रिश्ते ऐसी चीजें हैं,जो मिलती तो मुफ्त में है ,
मगर इसकी कीमत का पता तब चलता है, जब ये कहीं खो जाते है |

Retiredकलम

राधिका का अनुमान बिलकुल सही निकला | वैसे उसे यह आभास नहीं था कि सोफ़िया उसके संदीप को इतनी जल्दी अपने मोह माया के जाल में फांस लेगी |

उसने राधिका के बारे में भी नहीं सोचा जो उसकी बचपन की सहेली है, कि  उसके दिल पर क्या बीतेगी ?

इन सब बातों को सोच कर राधिका के आँखों में आँसू आ गए और वह जैसे ही सोफ़िया के कंपाउंड का गेट पर पहुँची तो देखा … सामने दरवाजे पर ही संदीप और सोफ़िया खड़े है |

सोफिया अपने घर के दरवाजे पर ताला लगा रही थी,  शायद वो लोग कही बाहर निकल रहे थे |

राधिका अभी उनलोगों को टोकना उचित नहीं समझा, बल्कि उसका पीछा करके  यह पता लगाने का निश्चय किया  कि इतना बन – ठन  कर संदीप को साथ लेकर वह जादूगरनी  कहाँ जा रही है …?? 

राधिका छुपते छुपाते उनलोगों का पीछा करने लगी |छोटा…

View original post 1,259 more words



Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: