# नमक हराम #…5

जीवन है, तो बुरे दिन भी आएंगे ,
पर भरोसा है, ये दिन भी निकल जाएंगे ,,,

Retiredकलम

रिश्ते कभी

ज़िन्दगी के साथ नहीं चलते

रिश्ते तो एक बार बनते है ,

फिर ज़िन्दगी

रिश्तों के साथ चलती है

कुछ तो लोग कहेंगे

दस बजे का समय था और दुकान में काफी भीड़ थी | राजेश्वर और कालू राम दोनों ग्राहकों को सँभालने में व्यस्त थे | तभी गाँव का पडोसी राम खेलावन दौड़ता हुआ राजेश्वर के दुकान पर पहुँचा | उसका चेहरा पसीने से तर- ब- तर था और वह काफी घबराया हुआ नज़र आ रहा था |

राजेश्वर उसे देखते ही पूछ लिया…भाई राम खेलावन, तुम इतने घबराये हुए क्यों लग रहे हो ?

आओ बैठो और पानी पीयो ….थोड़ी देर सुस्ता लो फिर तुम्हे मैं चाय पिलाऊंगा |

राम खेलावन घबराते हुए बोला…चाय कभी और पी लूँगा | अभी तो इन सब बातों के लिए समय नहीं है |

तुम्हे शीघ्र ही मेरे साथ गाँव चलना होगा | राम खेलावन की बात सुनकर राजेश्वर भी…

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