# नमक हराम #…3

कोई कहता है , रिश्ते नशा बन जाते है ,
कोई कहता है, रिश्ते सजा बन जाते है
पर रिश्ते निभाओ सच्चे दिल से तो…
वे रिश्ते…जीने की वजह बन जाते है…

Be happy….Be healthy….Be alive…

Retiredकलम

source:Google.com

अपने वसूल कुछ ऐसे भी तोड़ने पड़े मुझे

जहाँ मेरी गलती नहीं थी,

वहाँ भी हाथ जोड़ने पड़े मुझे …

इंसानियत के दुश्मन

अगर वो केस करता है तो हमें अपना बचाव तो करना ही होगा, इसके अलावा और कोई विकल्प नहीं है हमारे पास . ..वकील साहब राजेश्वर को समझाते हुए बोल रहे थे |

एक विकल्प तो है वकील साहब …राजेश्वर मन ही मन बुदबुदाया |

मैं अपने भाई के पास जाऊंगा और उससे बात करूँगा | आखिर वो छोटा भाई है मेरा | मुझे देखते ही उसका मन अवश्य पसीज जाएगा |

और वो वकील साहब के ऑफिस से उठ कर वापस दूकान पर आ गया |

दूकान पर आकर बैठा ही था कि कालू चाय लेकर आया और राजेश्वर को देते हुआ पूछा ..वकील बाबु ने क्या कहा ?

उनका कहना है कि अगर दिनेश केस करता है तो केस लड़ने के अलावा कोई विकल्प…

View original post 1,899 more words



Categories: Uncategorized

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: