खुशहाल जीवन के कुछ नियम

दोस्तों ,

रोज रोज कोरोना के बढ़ते आंकड़े को देख कर हमेशा मन उदास और व्याकुल रहता है | हम आज सचमुच अपने ज़िन्दगी के प्रति बिलकुल असहाय नज़र आ रहे है |

हर समय एक अनजाने डर के साए में जी रहे है | किसी से मिलना जुलना तो छोड़ ही दिया है, अब  घर से भी निकलना भी लगभग बंद ही कर दिया है | इसके बाबजूद मन बहुत अशांत रहता है | इसका मुख्य कारण है कि रोज कोई न कोई  अपनों के बारे में बुरी ख़बर  मिल रही है |

सोशल मीडिया और टीवी के लोग कोरोना के बारे में डरा कर उस आग में घी का काम कर रहे है |

लोगों का कहना है कि कोरोना से लड़ना है तो इम्युनिटी को बढ़ाना होगा | उसके लिए शारीरिक स्वास्थ के साथ मानसिक स्वास्थ को भी ठीक रखना होगा |

मैंने कही पढ़ा था कि अपने दिनचर्या में कुछ बुनियादी नियमों का पालन करें तो हमें तनाव भरी ज़िन्दगी से राहत  मिल सकती है |

आज मैं उन्ही बातों का यहाँ ज़िक्र करना चाहता हूँ, ताकि उसे अपना कर हम सब इसका लाभ उठा सकें |

तो आइये एक एक बिंदु पर विचार करते है …

आत्मविश्वास (Self Confidence) :-

आत्मविश्वास से आशय “स्वंय पर विश्वास एंव नियंत्रण”  से है | दोस्तों हमारे जीवन में आत्मविश्वास  का होना उतना ही आवश्यक है जितना किसी फूल (Flower) में खुशबू (सुगंध) का होना |  आत्मविश्वास  के बगैर हमारी जिंदगी एक जिन्दा लाश के समान हो जाती है |

कोई भी व्यक्ति कितना भी प्रतिभाशाली क्यों न हो वह आत्मविश्वास के बिना कुछ नहीं कर सकता | आत्मविश्वास ही सफल जीवन की नींव है |

आत्मविश्वास की कमी के कारण व्यक्ति अपने द्वारा किये गए कार्य पर संदेह करता है |  आत्मविश्वास  से भरपूर व्यक्ति स्वंय से संतुष्ट होता है एंव जिसके पास दृढ़ निश्चय, मेहनत  व लगन, साहस  , वचनबद्धता  आदि गुणों से परिपूर्ण होता है |

आत्मविश्वास कैसे बढाएं:-

  • स्वंय पर विश्वास रखें,   

अपने जीवन में कुछ लक्ष्य निर्धारित करें और  उन्हें पूरा करने के लिए वचनबद्ध रहें | जब आप अपने द्वारा बनाये गए लक्ष्य (Goals) को पूरा करते है तो यह आपके आत्मविश्वास  को कई गुना बढ़ा देता है|

  • खुश रहें (Be Happy),

खुद को प्रेरित करें (Motivate Yourself), असफलता (Failure) से दुखी न होकर उससे सीख लें क्योंकि  अनुभव हमेशा असफलता से ही आता है |”

  • सकारात्मक सोचें :

आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सकारात्मक सोच रखना बहुत ज़रूरी है | विनम्र रहें एंव दिन की शुरुआत सकारात्मक सोच के साथ करें |

  • इस दुनिया में नामुमकिन कुछ भी नहीं :

आत्मविश्वास का सबसे बड़ा दुश्मन किसी भी कार्य को करने में असफल होने का “डर” (Fear of Failure) है एंव डर को हटाना है तो वह कार्य अवश्य करें जिसमें आपको डर लगता है |  

  • अच्छे संस्कार रखें :

सच बोलें, ईमानदार रहें, धूम्रपान न करें, प्रकृति से जुड़े, अच्छे  कार्य करें , जरुरतमंद की मदद करें | क्योंकि ऐसे कार्य आपको सकारात्मक शक्ति  देते हैं वही दूसरी ओर गलत कार्य एंव बुरी आदतें (Bad Habits) हमारे आत्मविश्वास को गिरा देते हैं |

  • मन का करें :

वह कार्य करें जिसमें आपकी रुचि हो | आप देखेंगे कि मन पसंद कार्य करने में आनंद आता है और सफलता मिलने की सम्भावना भी ज्यादा होती है | आप का आत्मविश्वास भी बढ़ता है |

स्वतंत्रता (Independence):-

स्वतंत्रता का मतलब है …आप के स्वतन्त्र विचार  एंव आत्मनिर्भरता से रहे  |

हमारी खुशियों का सबसे बड़ा दुश्मन निर्भरता (Dependency) ही है एंव वर्तमान में खुशियाँ कम होने का कारण निर्भरता का बढ़ना ही है |इसलिए आप आत्म निर्भर बने और किसी काम के लिए किसी पर निर्भर ना रहे |

“सबसे बड़ा है रोग क्या कहेंगे लोग ”:- 

ज्यादातर लोग कोई भी कार्य करने से पहले कई बार यह सोचते है कि वह कार्य करने से लोग उनके बारे में क्या सोचेंगे या क्या कहेंगे और इसलिए वे कोई निर्णय ले ही नहीं पाते | वे सोचते ही रह जाते है और अवसर हाथ से निकल जाता है | |

इस तरह समय उनके हाथ से पानी की तरह निकल जाता है | ऐसे लोग बाद में पछताते हैं| इसलिए दोस्तों ज्यादा मत सोचिये | जो आपको सही लगे वह कीजिये क्योंकि शायद ही कोई ऐसा कार्य होगा जो सभी लोगों को एक साथ पसंद आये |

अपनी ख़ुशी को खुद नियंत्रण (control) कीजिये:- 

वर्तमान में ज्यादातर लोगों की खुशियाँ परिस्थितियों पर निर्भर हैं | ऐसे लोग अनुकूल परिस्थिति में खुश एंव प्रतिकूल परिस्थियों में दुखी हो जाते है|

उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति का कोई काम बन जाता है तो वह खुश और काम न बनने पर वह दुखी हो जाता है | दोस्तों हर परिस्थिति में खुश  रहें क्योंकि प्रयास करना हमारे हाथ में है, लेकिन परिणाम अथवा परिस्थिति हमारे हाथ में नहीं होता है | परिस्थिति अनुकूल या प्रतिकूल कैसी भी हो सकती है लेकिन उसका प्रतिक्रिया अच्छा ही होना चाहिए क्योंकि response करना हमारे हाथ में है|

वर्तमान में जिएं :-

दोस्तों,  हर दिन हमारे मन में 70,000 से 90000 विचार (thoughts) आते है और हमारी सफलता एंव असफलता इन्ही  विचारों की quality (गुणवता) पर निर्भर करती हैं|

वैज्ञानिकों के अनुसार ज्यादातर लोगों का 70% से 90% तक समय भूतकाल, भविष्यकाल एंव व्यर्थ की बातें सोचने में चला जाता है|  यह ठीक है कि भूतकाल हमें अनुभव देता है एंव भविष्यकाल के लिए हमें planning (योजना) करनी होती है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं की हम अपना सारा समय इसी में खर्च कर दें|

दोस्तों, हमें वर्तमान में ही रहना चाहिए और इसे best बनाना चाहिए क्योंकि न तो भूतकाल एंव न ही भविष्यकाल पर हमारे  नियंत्रण है |

“अगर खुश रहना है एंव सफल होना है तो उस बारे में सोचना बंद कर दें जिस पर हमारा नियंत्रण न हो”

मेहनत एंव लगन :-

दोस्तों किसी विद्वान् ने कहा है कि कामयाबी, मेहनत से पहले केवल शब्दकोष में ही मिल सकती है | मेहनत (Hard Work) का अर्थ केवल शारीरिक श्रम  से नहीं है, मेहनत शारीरिक व मानसिक दोनों प्रकार से हो सकती है | अनुभव यह कहता है कि मानसिक मेहनत, शारीरिक मेहनत से ज्यादा मूल्यवान होती है|

कुछ लोग लक्ष्य (Target) तो बहुत बड़ा बना देते है लेकिन मेहनत नहीं करते और फिर सफल नहीं होने के कारण अपने  लक्ष्य को बदलते रहते है | ऐसे लोग केवल योजना(planning) बनाते रह जाते है|

मेहनत व लगन से बड़ा से बड़ा  मुश्किल कार्य आसान हो जाता है| अगर लक्ष्य को प्राप्त करना है तो बीच में आने वाली बाधाओं को पार करना होगा, मेहनत करनी होगी, बार बार दृढ़ निश्चय से कोशिश करनी होगी|

“असफल लोगों के पास बचने का एकमात्र साधन यह होता है कि वे मुसीबत आने पर अपने लक्ष्य को बदल देते है|”

कुछ लोग ऐसे होते है जो मेहनत तो करते है लेकिन एक बार विफल होने पर निराश होकर कार्य को बीच में ही छोड़ देते है इसलिए मेहनत के साथ साथ लगन व दृढ़ निश्चय (Commitment) का होना भी अति आवश्यक है|

“अगर कोई व्यक्ति बार बार उस कार्य को करने पर भी सफल नहीं हो पा रहा तो इसका मतलब उसका कार्य करने का तरीका गलत है एंव उसे मानसिक मेहनत करने की आवश्यकता है |

व्यवहारकुशलता:-

व्यवहारकुशल व्यक्ति जहाँ भी जाए वह वहां के वातावरण को खुशियों से भर देता है | ऐसे लोगों को  सम्मान की दृष्टी से देखा जाता है | ऐसे लोग नम्रता व मुस्कुराहट (Smile) के साथ व्यवहार करते है एंव हमेशा मदद करने के लिए तैयार रहते है| 

जब आपके मित्रों की संख्या बढने लगे तो यह समझ लीजिये कि आप ने व्यवहारकुशलता का जादू सीख लिया है|”

शिष्टाचारी व्यक्ति किसी भी क्षेत्रमें   जाए वहाँ  उनके मित्र बन जाते है जो उसके लिए जरुरत पड़ने पर मर मिटने के लिए तैयार रहते है|

चरित्र  व्यवहारकुशलता की नींव है एंव चरित्रहीन व्यक्ति कभी भी शिष्टाचारी नहीं बन सकता| चरित्र, व्यक्ति की परछाई होती है एंव समाज में व्यक्ति को चहरे से नहीं बल्कि चरित्र से पहचाना जाता है| चरित्र का निर्माण नैतिक मूल्यों, संस्कारों, शिक्षा एंव आदतों से होता है|

शब्द में बहुत ताकत है

सोच समझ कर बोलना, कम शब्दों में ज्यादा बात कहना, व्यर्थ की बातें न करना, अच्छाई खोजना, तारीफ़ करना, दुसरे की बात को सुनना एंव महत्त्व देना, विनम्र रहना, गलतियाँ स्वीकारना इत्यादि वार्तालाप के कुछ मूलभूत नियम है|

इन पांच नियमों में इतनी शक्ति है कि ये आपकी लाइफ बदल देंगे (change your Life) और आपके सपनों को हकीकत में बदलने की शक्ति जगाएंगे | 

अंत में एक बात और….

जरूरतमंद की मदद कीजिये क्योंकि क्या पता कल आपको किसी की मदद की जरुरत हो

मैंने अपने आप से वादा  किया है कि मैं  वर्तमान परिस्थिति में उपरोक्त नियम को अपना कर अपने तनाव भरी ज़िन्दगी को बेहतर बनाने की कोशिश करूँगा ..

आप भी चाहे तो प्रयास कर अपने को स्वस्थ और खुश रह सकते है …

तनाव से मुक्ति   हेतु नीचे link पर click करे..

https://wp.me/pbyD2R-21E

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

If you enjoyed this post, please like, follow, share and comments

Please follow the blog on social media …link are on contact us page..

www.retiredkalam.com



Categories: motivational

4 replies

  1. Jindagi Kya Bharosa.Phir bhi positive rahena hai.

    Liked by 1 person

  2. Nice tips for a healthy and positive lifestyle.

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: