# एक अधूरी प्रेम कहानी #..10

मत पूछो के मेरा कारोबार क्या है दोस्तों ….
मुस्कुराहटों की छोटी सी दुकान है,
नफरतों के बाज़ार में..

Retiredकलम

source:Google.com

तेरी मेहरबानियाँ

भूल जाओ अगर हमको , यह तेरा अधिकार है

हम कैसे भूल जाए, मुझे तो तुमसे ही प्यार है..

आज सुमन बहुत खुश थी ,आज ना जाने कितने दिनों बाद हम साथ – साथ मुंबई के सडको पर, बिना किसी भय और संकोच के दो प्रेमी की तरह स्वछन्द विचरण कर रहे थे |

कभी – कभी प्रेम की अभिव्यक्ति करना या प्रदर्शन करना कठिन हो जाता है | मैं समझता हूँ प्रेम तो एहसास है ,इसे शब्दों में बाँधा नहीं जाना चाहिए | प्रेम तो समर्पण का दूसरा नाम है, जिसका सुमन ने एहसास करा दिया था |

दुनिया की भीड़ में इंसान चाहे सब कुछ भूल जाये, कितना ही मौज मस्ती में खो जाये, पर अकेले में वो उसे ही याद करता है, जिसे वह दिल के बेहद करीब पाता है | मैं दुनिया की नजरो से छुप कर ही सही, अकेले में ऐसा ही…

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Categories: Uncategorized

7 replies

  1. Khubsurat abhivyakti 🙏

    Liked by 1 person

  2. Mujhe bhi padh liya kro uncle ji mera to adsense bhi bnd ho gya soch rha hu kisk bare mai likhu ab gofufa.org mujje ap google mai jakr bhi padh skte hai

    Liked by 1 person

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