भगवान् मेरी रक्षा करे

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कल world laughter day था और  हमने पहले से ही पूरी तैयारी कर रखी  थी कि इसे खूब अच्छी तरह मनाएंगे | दोस्तों के साथ खूब हँसेंगे और खुशियाँ मनाएंगे |

क्योंकि हम सब को पता है कि हँसना कितना ज़रूरी है, अच्छी सेहत के लिए,.. अपनी इम्युनिटी बढाने  के लिए …कोरोना को हराने के लिए |

लेकिन बड़े दुःख के साथ कहना  पड़  रहा है कि हम ऐसा कुछ नहीं कर पायें | हम तो सुबह से ही टीवी खोल कर बैठ गए थे ,..चुनाव परिणाम देखने के लिए |

हमें महसूस हो रहा है कि कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक राजनितिक वायरस हमारे समाज में फ़ैल रहा है |

कोरोना  का वैक्सीन तो  हमने इजाद कर लिया है लेकिन इस राजनितिक वायरस को कण्ट्रोल करना मुश्किल लग रहा है |

हमलोग गलती पर गलती करते जा रहे है और अपनी  गलती से दूसरों के  लिए मौत का कारण बन रहे है | कल  बंगाल का चुनाव रिजल्ट आया था  और जैसा कि होता है …. चुनाव में किसी पार्टी की जीत होती है और किसी की हार. |

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लेकिन सबसे  ज्यादा आश्चर्य की बात यह देखने को मिली कि कोर्ट के साफ़ दिशा निर्देशों के बाबजूद लोग सडको पर निकल कर जीत का जश्न मना  रहे थे |

उस तस्वीर को देख कर लगता ही नहीं था कि  हमलोग कोरोना जैसी महामारी से जूझ रहे है |  कोई रोक – टोक करने वाला नहीं था | ना मास्क, ना social distancing और ना ही कोई प्रोटोकॉल की चिंता थी | पुलिस भी मूक दर्शक बनी हुई थी क्योकि यह राजनितिक मामला था |

और दूसरी बात यह भी देखने को मिली कि कोई भी राजनितिक पार्टी के लोग इन कार्यकर्ताओं को ऐसी गैर जिम्मेदार हरकत  करने से रोकने के लिए आगे नहीं आये | ना ही मीडिया के माध्यम से इन्हें रोकने की अपील की गईं  |

हमलोग पिछले एक साल से कोरोना से जंग लड़  रहे है | यह एक ऐसा जान लेवा  बीमारी है  जो दूसरों से कब और कैसे हम तक पहुँच जाता है, पता ही नहीं चलता |

इस कोरोना महामारी के चलते हमने अपनों को खो दिया है …  बहुतों  के घर उज़ड़  गए है  और कितने लोग बेरोजगार हो गए है  |

रोज कोरोना की भयावह तस्वीर जो आ रही है उससे हमारी रातों की नींद हराम हो गयी है |

इन सब के बाबजूद सारे राजनितिक पार्टी   अपनी कुर्सी की चिंता में दिन रात एक कर रहे है  और उन्हें  जनता के  जान की परवाह नहीं है …, ऐसा देखने से  लगता है |

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आज मैंने  सोशल मीडिया  में इस सम्बन्ध में एक  टिपण्णी  पढ़ा. है .. जिसमे यह बताया गया है कि

हमारे देश के सुपर स्टार और सुपर खिलाडी लोग देश के हालात  पर  एक शब्द नहीं कहते है |  सरकार के खिलाफ कौन बोले ?.

ऐसे में आईपीएल खेल रहे हरभजन सिंह ने सच बात कहने की हिम्मत जुटाई है |

.उन्होंने मोदी सरकार और अन्य राज्य सरकारों पर  बरसते हुए कहा …. सब कुछ खात्मे की तरफ बढ़ रहा है और  हमारे पास कोई उपाय नहीं है इसे रोकने का  |

हमें राह दिखाने वाला कोई नज़र नहीं आ रहा है | कोई उम्मीद नहीं दिखती |

अन्धकार बढ़ता  जा रहा है… लोग ऑक्सीजन और हॉस्पिटल  में बेड नहीं मिलने के कारण मर रहे है |

लेकिन क्या किसी को कोई परवाह है ? शायद नहीं |

हमारे तथाकथित सुपर स्टार और भद्र लोगों को हिम्मत जुटा  कर अपना मुँह खोलना चाहिए था और यह कहना चाहिए था कि  ये चुनाव – रैलीयां  और भीड़ – भाड़  वाले धार्मिक उत्सव बंद होनी चाहिए  |

पर ऐसी विरोध भरी आवाज़ सुनने की मिली नहीं |

और हमारे देश और प्रदेश के नेता गण चुनाव की रैलीयां में व्यस्त  रहे जिसके कारण आज देश की यह स्थिति हो गयी है |

रोज करीब चार लाख लोग कोरोना की चपेट में आ रहे है और  करीब चार हज़ार  लोग रोज मर रहे है  |

यह कैसा भयावह मंज़र हम सबों को देखने को मिल रहा है |

और अंत में यह सवाल है कि आखिर  हम आने वाली पीढ़ी को क्या शिक्षा और सन्देश देने जा रहे है |

क्या कुर्सी और सत्ता मानो आम लोगों की ज़िन्दगी और दुःख तकलीफ से ज्यादा बड़ा और महत्वपूर्ण है ? .

क्या हम इंसानियत और दुनिया को बचाने  के लिए अपना व्यतिगत लाभ – हानि के गणना से ऊपर नहीं उठ सकते  है ?.

अगर हम आज भी नहीं  संभलें  तो शायद आज जो दुनिया का स्वरुप है वह नष्ट हो जायेगा और आने वाली  पीढ़ी हमें कभी माफ़ नहीं करेगी .|

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

8 thoughts on “भगवान् मेरी रक्षा करे

  1. आपकी चिंता वाजिब है लेकिन समझना तो लोगों को हैं। ईतना कुछ हो रहा है, लोग सब देख रहे है, कोरोना का कहर सामने है फिर भी कीसी को परवाह नहीं है। ऐसे में कोई कुछ नहीं कर सकता, हम यह मानने की भुल ना करें कि कीसी के कहने समझाने से लोग मानेंगे। जब कीसीको फिक्र नहीं है तो ईसे समझाने का कोई असर पड़ेगा यह मानना ही बेमानी है। एक साल से डॉक्टर, कह रहे हैं कि मास्क ओर दुरी ईस कोरोना का सबसे अच्छा बचाव है लेकिन यह सब बातें लोगों की समझ से परे है, क्योंकि लोगों को समझना नहीं है। एक बात बताउं, सोये हुए को जगाना आसान है लेकिन जो सोने का नाटक कर रहा हो उसे जगाना मुश्किल है। ऐसे लोगों का कुछ नहीं हो सकता, खुद मरने मारने पर उतारुं हो। जो समझदार हैं उसे भी ईसका नुकसान उठाने के लिए तैयार रहना होगा।ओमशांती

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    1. आप ने बिल्कुल सटीक बात कही है। लेकिन यह दुर्भाग्य है कि
      कोरोना फैलाने वाला तो बच जाता है, लेकिन जो उनके द्वारा संक्रमित
      हो जाते है, वे बच नहीं पाते है।
      इतना दशहत भरी जिंदगी पहले नही देखी..
      इसीलिए कहा है… भगवान मेरी रक्षा करे…
      आप की टिप्पणी से सहमत हूँ।

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  2. You areabsolutely right Sir. Its very easy to excite and incite the illiterates, semi literates to any selfish end in our country… The grassroot party workers, for that small appreciation and visibility will do anything to get a small raise on the party rungs!! Shame on the leadership, cutting across all partylines…

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  3. बहुत ही भयानक स्थिति की ओर देश जा रहा है, या कहे जानबूझकर ले जाया गया है ।
    राजनेता हो , प्रशाशन या जनता किसी ने भी
    अपनी ओर से योगदान देने मैं कमी नहीं रखी।
    जो लोग सभी नियमों का पालन जागरूक हो कर, कर रहे थे। वह भी दूसरों की गलतियों का
    खामियाजा भुगत रहे है ।सबसे ज्यादा खामियाजा कर्तव्यनिष्ठ चिकित्सक व उनसे जुड़े लोगों को भुगतना पड़ रहा है ।
    सब अब ईश्वर के ही हाथ है ।

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    1. बिलकुल सही कहा आपने |
      ऐसा लगता है कि राज नेताओं को आम जनता के जीवन की परवाह ही नहीं है /
      हम कैसी मानसिकता वाले समाज में जी रहे है / हर आदमी असहाय नज़र आ रहा है |
      दवा नहीं, बेड नहीं , ऑक्सीजन नहीं और अगर कोरोना हो गया तो पास आने वाला कोई नहीं /
      सच,, अब तो ईश्वर का ही सहारा है /

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