# वो सात दिन #

 

और अंततः मैंने फैसला कर लिया कि covid 19 का वैक्सीन ले लेना ही है | मैं घर वालों के मना करने के बावजूद  वैक्सीन सेंटर पहुँच गया |

वहाँ टोकन  लिया और अपनी पारी का इंतज़ार करने लगा | करीब आधे घंटे के बाद मेरा नम्बर आया और मैं वैक्सीन लेने के लिए मानसिक रूप से तैयार था |  

वहाँ एक सुन्दर सी नर्स मुझ जैसे बूढ़े को देख कर मुस्काई और कुर्सी पर बैठने का इशारा किया |

उनकी मुस्कान और उनकी बातें अच्छी लग रही थी तभी उनके हाथ में इंजेक्शन देख कर मेरे होश उड़ गए | दरअसल मैं बचपन से ही इंजेक्शन लगवाने से बहुत डरता हूँ | इंजेक्शन को देख कर ही मेरे पसीने पसीना छूटने लगते है |

मेरी मनःस्थिति को समझ कर वह अच्छी नर्स मुझसे  कुछ इधर उधर की बातें करने लगी | वो मेरे बारे में पूछने लगी | मैं उसकी आत्मीयता समझ कर उसकी बातों का जबाब देता रहा, तभी उसने कहा … लीजिये , आपको इंजेक्शन लग गया |

अरे वाह, मुझे तो पता ही नहीं चला | मैं रुई को बाएं बाह पर दबाये ख़ुशी ख़ुशी बाहर आ गया |

आधा घंटा observation में रहने के बाद मैं वापस घर आ गया | दिन के करीब दो बज रहे थे |

मैं आराम से खाना खाया और परिवार वालों को महसूस कराने  की कोशिश करने लगा कि मुझमे अभी भी हिम्मत बाकी है | मैं अकेला ही वैक्सीन लगवा कर आ गया , जैसे मैं कोई जंग जीत कर आ गया हूँ |

इसी तरह दिन गुज़र गया  औए रात हो गई | मैं खाना खा कर बिस्तर ठीक कर रहा था तभी मुझे महसूस हुआ कि इंजेक्शन वाली जगह पर मुझे दर्द हो रहा है |  फिर थोड़ी देर बाद बुखार हो गया और शरीर  में ऐठन और दर्द भी |

मैं अचानक हिम्मत वाले इंसान से डरपोक वाला इंसान बन गया | मुझे लगा कि कहीं मुझे कोरोना  तो नहीं हो गया है |

दूसरा दिन..

सुबह उठा तो माथा भारी  लग रहा था | गले में खराश  और सुखी  खांसी भी थी | मैं बिस्तर से उठ कर पानी पीने  गया लेकिन मेरे  पुरे शरीर में ऐठन हो रहा था और बहुत कमजोरी लग रही थी |  मैं किसी तरह बिस्तर पर वापस आया |.

 मुझे बुखार के कारण ठंढ भी  लग रही थी | मैं बिलकुल घबरा गया था क्योकि 

 रोज़ रोज़  अपने दोस्तों के बिछुड़ने की खबरे मिल रही थी | यह तो कोरोना  के ही लक्षण है |

मैंने  अपना देशी उपचार शुरू कर दिया | खाने में दलिया  मिलने लगा | अपने को सब लोगों से अलग कर isolate कर लिया |  जब भी मेरी खांसी उठती तो मेरा दिल बैठने लगता |

कोरोना की बातें सोच सोच कर मेरा सकारात्मक सोच… नकारात्मक सोच में बदल चुकी थी | कोरोना वायरस के जितने mutant variant है सब के सब याद आने लगे |

किसी तरह दूसरा दिन गुज़र गया  इस आशा  में कि कल तक ठीक हो जाऊंगा | लेकिन रात में ठीक से नींद नहीं आयी , क्योकि रोग से ज्यादा चिंता सता रही थी |

तीसरा दिन…

आज सुबह उठा तो बुखार तो नहीं था लेकिन  छाती में बलगम (cough) जमा था | घर के सभी लोग मेरे लिए परेशान दिख रहे थे | अगर मुझे कोरोना सचमुच है तो पूरा घर इसके चपेट में आ जायेगा जैसा कि लोगों के साथ होता हुआ देख रहे थे |

सुबह से ही परेशानी शुरू हो गयी | किसी ने कहा, कोरोना का टेस्ट करा लो | लेकिन टेस्ट कराने में बहुत परेशानी थी | तीन तीन घंटे इंतज़ार  करना पड़ता था और अगर टेस्ट हो भी गया तो रिपोर्ट तीन दिन बाद मिलेगा |  तब तक तो ऐसी की तैसी हो जानी थी |

और दूसरी बात यह कि आप ठीक भी है तो वहाँ टेस्ट करने वालों की उस भीड़ से कोरोना का इन्फेक्शन भी लग सकता था  |

ऐसे में अब क्या किया जाए .. मैंने  काढ़ा पीना और भाप लेना जारी रखा | लेकिन घर से क्या, मेरा तो  रूम से भी बाहर निकलना बंद था | मैं अन्दर ही अन्दर परेशान रहता था, लेकिन परिवार वालों से बस यही कहता …. मैं ठीक हूँ |

इस तरह आज का दिन भी गुजर गया  |

चौथा दिन…

आज सुबह बिस्तर से उठा तो मन भारी भारी लग रहा था | ..कमजोरी भी काफी लग रही थी|, आँखोँ के नीचे काले धब्बे पड़  गए थे | कुछ दोस्तों को पता चला भी तो  यहाँ मेरे पास आने का रिस्क कौन ले ?,

बस फ़ोन से हाल चाल लेने लगे और बिना मांगे अपना कीमती सलाह देने लगे |

किसी ने कहा  “लाल  प्याज”  नमक के साथ  खाओ तो कोरोना पॉजिटिव से तुरंत निगेटिव  हो जायेगा |

वाह, क्या नुस्खा है | अगर प्याज़ खाकर कोरोना ठीक हो जाता तो पूरी दुनिया में कोरोना का इतना आतंक क्यों रहता ?

लेकिन ऐसी  कमजोर मानसिक स्थिति में किसी का भी बात पर विश्वास करने को जी चाहता है  और उसी का परिणाम हुआ कि मैं घर में बैठ कर  कच्चा प्यास नमक लगा कर खा रहा था |

फिर क्या बताऊँ दोस्तों ,  ऐसी ऐसी आर्गेनिक गैस उत्पन्न  होने लगा कि यह एक नयी समस्या  बन गयी | अच्छा हुआ जो मेरा सूंघने वाला तंत्र काम नहीं कर रहा था |

और इस तरह आज का  दिन भी बीत गया  |

पाचवां दिन..

आज बुखार तो नहीं था लेकिन कमजोरी थी | शरीर में दर्द भी था | सब लोगों ने फिर  कहा … कोरोना टेस्ट करवा लो | अगर कोरोना हुआ तो सही दवा तो दिया जा सकता है |

मैं सब लोगों के बात को आज फिर  अनसुना कर दिया | लेकिन होमियोपैथी दवा  लेना शुरू कर दिया |

एक दोस्त का फ़ोन आया | बातों बातों में उसने कहा … वैक्सीन लेने के बाद बुखार आ जाता है इसमें घबड़ाने की ज़रुरत नहीं है | उसकी बात को सुन कर मन को  थोड़ी तसल्ली हुईं |  मैं मन ही मन  उसको  धन्यवाद दिया |

आज दिन भर कुछ अच्छा महसूस हो रहा था | और मैं आज अपना ब्लॉग भी लिखने की कोशिश कर रहा था |

रात को खाने में थोड़ी सी दलिया मिली ,  लेकिन रात में नींद अच्छी आई |

छठा दिन...

आज जब सुबह बिस्तर से उठा तो बिलकुल स्वस्थ लग रहा था | बुखार भी नहीं था | मैं मन ही मन सोच रहा था कि अगर आज ठीक नहीं हुआ तो घर वाले ज़बरदस्ती डॉ के पास ले जायेंगे |

मैं सुबह बिस्तर से  उठ कर सबसे पहले घर में विराजमान भगवान् की मूर्ति के पास गया और हाथ जोड़ कर  भगवान् से कहा … आप ही बताओ प्रभु,  कोरोना का वैक्सीन लेकर कोई गलती तो नहीं किया | क्योकि सारी समस्या वैक्सीन लेने के बाद ही शुरू हुआ है | भगवान् जी ने कहा … रात में बताएँगे | अभी तुम अपना ब्लॉग लिखो |

मुझे महसूस हुआ कि मुझे ठीक होने में भगवान् ज़रूर मेरी सहायता करेंगे | आज कल वो भी तो परेशान होंगे , उनके विभाग के  सभी स्टाफ ओवरटाइम कर रहे होंगे |

आज दिन भर … .कभी गरम पानी , कभी भाप लिया , कभी काढ़ा पिया , और  लाल प्याज भी खाया | इसके आलावा भी  शायद कुछ लिया था लेकिन अभी याद नहीं आ रहा है | लेकिन मन बहुत प्रसन्न था , क्योकि भगवान् जी रात में आशीर्वाद देने वाले थे |

सातवाँ दिन

सुबह उठा तो सबसे पहले मन में ख्याल आया कि भगवान् तो रात में आये ही नहीं , और  मैं उनका आशीर्वाद से भी वंचित रह गया |

लेकिन शायद उनकी ही कृपा थी कि मैं आज बिलकुल स्वस्थ महसूस कर रहा हूँ | खांसी भी ठीक हो गयी, बुखार भी समाप्त, शरीर  का जकड़न भी ठीक हो गया |  

मैं बिस्तर से उठ कर सीधा पूजा घर में गया और हाथ जोड़ कर भगवान् को धन्यवाद दिया | मैंने कोरोना को हरा दिया था …  लेकिन सवाल अब भी मेरे मन में था… मैंने कोरोना को कैसे हराया ?…  काढ़ा पी कर,  रेड प्याज खा कर,  गिलोय पी कर , योगा और ध्यान से  या  आर्सेनिक दवा खा कर ?

दोस्तों, ज़बाब तो खुद मैं नहीं खोज पा रहा हूँ ….लेकिन अगर आप ज़बाब  ढूंढने में मेरी मदद करें तो मुझे ख़ुशी होगी …    

चोरी – चोरी हेतु नीचे link पर click करे..

https://wp.me/pbyD2R-v

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

If you enjoyed this post, please like, follow, share and comments

Please follow the blog on social media …link are on contact us page..

www.retiredkalam.com



Categories: मेरे संस्मरण

22 replies

  1. Are those the side effects of vaccination?

    Liked by 1 person

  2. Experience in story form. Very nice. Motivation to all.

    Liked by 1 person

  3. वास्तविकता से जुडा हुआ अनुभव है,
    जिसका अनुभव मैं ओर मेरे पति पाँच दिन
    से कर रहें हैं 😊

    Liked by 1 person

    • जी, सही कहा आपने |
      आपलोग जल्द स्वस्थ हो जायेंगे, ऐसी कामना करते है |
      वैक्सीन लेने के बाद कभी कभी बुखार आ जाता है |

      Like

  4. आपका धन्यवाद आदरणीय 🙏🏼

    Liked by 1 person

  5. अपना ध्यान रखे आप ओर पपीते के पत्ते और गिलोय बेल को मिलाकर काढ़ा तैयार करके लेते रहे

    Liked by 1 person

  6. आपने वैक्सीन की इतनी तारीफ की के बता नहीं सकती। कितना मज़ा आया बस यही दुआ है ,घर पर रहें, सुरक्षित रहें।

    Liked by 1 person

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: