सकारात्मक विचार- 15

पा लेने की बेचैनी और खो देने का डर ,

बस ,इतना ही है ज़िन्दगी का सफ़र

सकारात्मक सोच कैसे रखे

सकारात्मक सोच एक शक्ति है, एक शस्त्र है, जो भगवान् ने हमें दिया है |  इसका प्रयोग कर हम बड़े से बड़े युद्ध  में भी विजय प्राप्त कर सकते है | जीवन में हमें कई तरह की परेशानियाँ आती है, ऐसा कोई नहीं है, जिसके जीवन में कोई कठिनाई और  परेशानी न हो |

 हर इन्सान के पास परेशानी है, लेकिन हर  परेशान इन्सान रोता हुआ तो नहीं दिखता है | परेशानी के समय भी जो अपनी सोच पर काबू रखते है, वे ही उससे लड़कर विजयी हो पाते है |

 मनुष्य के मन में 2 तरह के विचार होते है …. सकारात्मक और नकारात्मक |

सकारात्मक विचार हमें अच्छी सोच और अच्छे विचार की ओर ले जाते है, जबकि नकारात्मक सोच  हमें गलत रास्तों की ओर मोड़ देते है |

  • अहंकार ही सत्य को स्वीकारने में बाधक है. जबकि सत्य को अहंकार झूठला नहीं सकता है..|
  • बुरा लगे उसे त्याग देना चाहिए, फिर चाहे वो विचार हो, चाहे कर्म हो या मनुष्य |
  • अच्छे इंसान की सबसे पहली और सबसे आखरी निशानी ये है कि  वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिससे उसे किसी तरह के फायदे की उम्मीद नहीं होती .|
  • मनुष्य के पास सबसे बड़ी पूंजी अच्छे विचार है ..क्योंकि  धन और बल किसी को भी गलत राह पर ले जा सकते है… किन्तु अच्छे विचार सदैव अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित करेंगे |
  • बहुत से लोगों का उद्देश्य धन कमाना हो सकता है। धन से बाहर की समृद्धि प्राप्त हो सकती है, लेकिन ध्यान से भीतर की समृद्धि प्राप्त होती है। मरने के बाद बाहर की समृद्धि यहीं रखी रह जाएगी लेकिन भीतर की समृद्धि आपके साथ जाएगी। महर्षि पतंजलि ने मोक्ष तक पहुंचने के लिए सात सीढ़ियां बता रखी है:- यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा और ध्यान। ध्यान के बाद समाधी या मोक्ष स्वत: ही प्राप्त होता है। 
  • लालच का कोई अंत नहीं, स्वार्थी का कोई मित्र नहीं और भयभीत व्यक्ति का कोई जीवन नहीं । भय से ही सभी तरह के मानसिक विकारों का जन्म होता है । कभी कभी लालच मौत का कारण भी बन जाता है । लालच को बुरी बला कहा गया है । लालची व्यक्ति का लालच बढ़ता ही जाता है और वह अपने  लालच के कारण ही दुखी रहता है। 
  • मनुष्य जैसा सोचता है वैसा ही बन जाता है। नकारात्मकता स्वत: ही आती है लेकिन सकारात्मक विचारों को लाना पड़ता है। लेकिन उसे लाने की मेहनत कोई नहीं करता है इसीलिए वह बुरे विचार में पड़ कर  बुरे कर्मों में फंसता रहता है । बुरे कर्मों का परिणाम भी बुरा ही होता है। 

इसलिए इससे बचने के लिए रोज सकारात्मक विचारों के साथ दिन की शुरुआत करनी चाहिए | 

  • अपनी इन्द्रियों पर नियंत्रण रखना ही धैर्य है। कुछ लोग बगैर विचार किए हुए बोलते है , बगैर सोचे  कार्य करते है, भोजन करते या व्यवहार करते हैं। उनका  उतावलापन यह दर्शाता है कि आप बुद्धि नहीं भावना और भावुकता के अधिन हैं। ऐसे लोग ‍जीवन में नुकसान ही उठाते हैं। किसी भी मामले में तुरंत प्रतिक्रिया देने के बदले में धैर्यपूर्वक उसे समझना जरूरी है।

मन में गलत विचारों का उठना , अपने ही बारे में बुरी सोच रखना, यह शैतानी शक्ति का प्रतिक है | 

ऐसा कौन इन्सान है जो अपने व अपने लोगों के लिए बुरा करना या सोचना चाहेगा. लेकिन शैतानी सोच  ऐसा ही है | वो चाहता है कि  मनुष्य की सोच उसके हिसाब से चले, इसलिए वो हर वो बात जो हमारी भलाई के लिए नहीं है, हमारे मन में डालते रहता है |

इसलिए सकारात्मक सोच को बनाये रखने के लिए हम निम्न बातों पर ध्यान दे सकते है ….

  • अच्छा सोचें (Think positive) – 

यह सही है कि हमारी सोच जैसी रहेगी, हम वैसा व्यव्हार करेंगे |  हम अच्छा सोचेंगे तो सब कुछ  अच्छा होगा, और बुरा सोचेगें तो बुरा | हर बात के दो पहलु होते है …, एक अच्छा , दूसरा बुरा | 

जब इंसान परेशान रहता है तो उस समय सकारात्मक  सोच रखना बहुत कठिन होता है | आपको अपनी लड़ाई खुद लड़नी है. |

जैसे पानी से भरी आधी गिलास को कोई सकारात्मक सोच वाला बोलेगा कि आधी भरी है , तो वहीँ नकारत्मक सोच वाला  बोलेगा कि ये आधी खाली है |

 परिस्थति वही है, बस इसे देखने व सोचेने का तरीका अलग है.|

  • नजरिया बदलो (Change your attitude) – 

 हमारी परेशानीयों से हमारी ख़ुशी या गम नहीं जुड़ा होता है बल्कि  हम किस नाजिरिये से इसे देखते है, ये उससे तय होता है | दुनिया में कई ऐसे महान लोग हुए है, जो जीवन की कठिन परिस्थिति में भी धर्य रखा और उनके चेहरे पर सदा मुस्कराहट रहती थी |

 और कई ऐसे भी लोग होंगें जिनके पास सब कुछ होगा,  उनके जीवन की सबसे बड़ी जीत भी उन्हें मिली होगी तब भी वे परेशान नज़र आयेंगे क्योकि उनमे संतुष्टि  के भाव नहीं है | इसलिए आपको तय करना होगा, कि आप अपनी लाइफ को किस तरह से देखते है | आपको अपने नज़रिए को बदलने की ज़रुरत तो नहीं है ?

  • शिकायत मत करो (Limit your complaints) –
     साधारणतया यह देखा गया है कि थोड़ी सी  परेशानी आयी नहीं कि या किसी काम में असफल हुए नहीं कि उसका सारा दोष दूसरों  पर डाल देते है | कभी कभी तो भगवान् से भी  शिकायत करने से नहीं चूकते है |

    लेकिन सकारात्मक सोच रखने के लिए यह ज़रूरी है कि  किसी भी असफलता के लिए खुद को जिम्मेवार मानिए और उसमे व्याप्त कमियों को दूर कर फिर से  सफलता पाने के लिए जुट जाएँ |  

कभी किसी भी बात के लिए शिकायत मत कीजिये, और अपने अन्दर  चिडचिडापन नहीं आने दे | विपरीत  परिस्तिथि में भगवान्, या किसी इन्सान या अपनी किस्मत को दोष ना दें बल्कि उस परिस्थति का दूसरा पहलु भी देखें |. 

  • परेशानी पर फोकस मत करो (Focus on the good) – 
    जब हम अपनी परेशानी पर फोकस करते है, तो हम उसे मौका देते है, कि वो हमारी लाइफ पर  हक जमा सकें.|  परेशानी की तरफ से  ध्यान हटा कर,  हमारे पास जो ख़ुशी देने वाली बातें है उस पर ध्यान लगाने की कोशिश  करनी चाहिए |
    अपने दुःख तकलीफ और परेशानियों के बारे हमेशा सोचते रहने से, अपनी परिस्थति को नहीं बदल पायेंगें| बल्कि  इसका असर हमारे शरीर पर पड़ेगा | इससे हमारी तबियत खराब हो सकती है |
  • लिस्ट बनायें (Make a list) – 
    अपने को सकारात्मक रखने के लिए आप एक लिस्ट बनाएं जिसमे वे सब बातें लिखे जिसे करने से आपको  ख़ुशी मिलती है, शांति मिलती है |  जैसे ही आपके मन में उथल पुथल हो, नेगेटिव बातें आने लगे,  आप  उस लिस्ट में से किसी भी एक काम  चुन कर उसे करें.|
    आप तुरंत अपने मन को शांत करने में सफल हो जायेंगे | मैं तो  ऐसी  परिस्थति आने पर , अपने मनपसंद गाना सुनता हूँ और पेन्टिंग करने बैठ जाता हूँ | थोड़े ही देर में  मेरा अशांत मन शांत होने लगता है |.
  • मोटीवेट (motivate) करें – 
    अगर आप सच्चे दिल से किसी इन्सान की मदद करते है तो आपके  अंदर सकारात्मकता आती है |  आपके आस पास कोई ज़रूरतमंद इंसान है तो उसकी मदद करें | आप हमेशा अपने को motivated महसूस करेंगे और तनावपूर्ण स्थिति से दूर रहेंगे |
    आप अपने को motivate करने के लिए कुछ अच्छी पुस्तके भी पढ़ सकते है या motivational स्पीकर की बातें सुन सकते है | 
  • हमेशा खुश रहें :
    आप कोशिश करें कि आप हमेशा अपने को खुश रखें और मुस्कुराते रहे |  कभी mirror के सामने खड़े होकर अपने को मुस्कुराता देखें | इसे आप दिन में कितनी ही बार practice करें | इसके अलावा laughing  exercise करना चाहिए | इसका डिटेल्स मैं पिछले ब्लॉग में लिखा था | link भी नीचे दे रहा हूँ… 
  •  योगा और ध्यान करें …  
    सुबह मोर्निंग वाक के साथ साथ थोडा एक्सरसाइज करना बहुत अच्छा है | इसके अलावा थोडा समय निकाल कर योगा और ध्यान का practice करें | इसे दिनचर्या में  ज़रूर शामिल करना ज़रूरी है |
  • सकारात्मक लोगों के  संपर्क में रहे….
    आप सकारात्मक लोगों के साथ ज्यादा से ज्यादा बातें करे, उन्हें अपनी परेशानी बताएं, | उनकी सोच को अपनाने की कोशिश करें | आपकी नकारात्मक भावना धीरे धीरे समाप्त हो जाएगी |.

यह सच है कि  पॉजिटिव बातें सुनकर, अच्छी किताबें  पढ़कर तुरंत ही हम अच्छा महसूस करते है | लेकिन यह भी सच है कि हम अपने व्यस्त जीवन में, इन बातों को भुलाकर वापस बुरे ख्यालों में चले जाते है | इसलिए  इससे बचने के लिए आप उपर बताई गई बातों को जितना हो सकें याद रखें और अपने जीवन में उतारने की कोशिश करें.|  

एक बात और, आप सकारात्मक बातों के पोस्टर, या नोट बनाये और उसे ऐसी जगह में चिपकाये जहाँ सुबह उठते ही आपकी नज़र पड़ती है | आप अपने दिन की शुरुआत  सकारात्मक विचारों के साथ करें..

पहले की ब्लॉग  हेतु नीचे link पर click करे..

https:||wp.me|pbyD2R-1uE

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

If you enjoyed this post, please like, follow, share and comments

Please follow the blog on social media …link are on contact us page..

www.retiredkalam.com

Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

12 thoughts on “सकारात्मक विचार- 15

    1. बिलकुल सही ,
      सकारात्मक सोच रखना थोडा कठिन तो है , परन्तु बहुत ही ज़रूरी है |
      आपके टिप्पणी के लिए बहुत बहुत धन्यवाद |

      Liked by 2 people

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: