स्वस्थ रहना ज़रूरी है -8

तुलसी के फायदे

दोस्तों,

मैंने  अपने ब्लॉग में स्वास्थ संबंधी  जानकारी भी शेयर करना शुरू कर दिया है , जिसके लिए एक केटेगरी बनाया है .. “स्वस्थ रहना ज़रूरी है”

कुछ दिनों पूर्व मेरे एक मित्र ने फ़ोन कर सलाह दी थी  कि आप स्वास्थ से सम्बंधित आर्टिकल ज्यादा लिखे,  ताकि उसे पढ़ कर उपयुक्त  जानकारी प्राप्त हो सके |

जिससे  हम सब अपने शरीर को स्वस्थ रख सकें …और  ज़िन्दगी का भरपूर आनंद ले सके ..

यह बात सही है दोस्तों कि … तन स्वस्थ है तो हर पल को आनंदमय बनाया जा सकता है और  ज़िन्दगी को सही ढंग से जिया जा सकता है. |

आज उसी  स्वास्थ सम्बन्धी कड़ी में मैं  चर्चा करना चाहूँगा एक पौधा का …जिसका नाम है .. “तुलसी”..

जी हाँ दोस्तों, तुलसी का पौधा  तो आज हर घर में देखने को मिलते है, क्योकि  इसकी हम पूजा भी  करते है |

लेकिन इसके अलावा भी इसके बहुत सारे  औषधीय गुण है और तुलसी का  सेवन कर  हम अपने शरीर  के बहुत सारे विकारों को ठीक कर सकते है |

तुलसी के पत्ते अगर सुबह खाली  पेट में लिया जाए तो इसके अद्भुत परिणाम मिलते है |

इसके अलावा भी इसके बहुत सारे गुण है ,, आइये इसकी विस्तृत चर्चा करते है ..

हिन्दू धर्म में तुलसी के पौधे को मां लक्ष्मी का रूप मानकर घर के प्रांगन में स्थापित करते है  जिसे तुलसी चौड़ा कहते है | इसे पूजनीय  स्थान के रूप में मान्यता दिया जाता है ।

तुलसी विवाह ….

इस का  आध्यामिक दृष्टि से महत्व  तो है ही, लेकिन इसके अलावा भी तुलसी के वैज्ञानिक व आयुर्वेद की दृष्टि से भी काफी महत्ता है और इसके सेवन से हमें अनगिनत लाभ मिलते है । इस अनमोल पौधे के कुल 5 प्रजातियाँ होते हैं …, 

1) श्याम तुलसी,

2) राम तुलसी,

3) श्वेत|विष्णु तुलसी,

4) वन तुलसी, और

5) नींबू तुलसी 

अगर तुलसी के पांचों प्रकारों को मिलाकर इनका अर्क निकाला जाए, तो यह पूरे विश्व की सबसे प्रभावकारी और बेहतरीन दवा बन सकती है।  यह एक एंटी-ऑक्सीडेंट, एंटी- बैक्टीरियल, एंटी-वायरल, एंटी-फ्लू, की तरह काम करती है |

  • एक ग्लास पानी में एक या दो बूंद अर्क मिलाकर इस मिश्रण को 1 लीटर पानी में डालकर रखें और कुछ देर बाद इसका सेवन करें। इसके सेवन से कई प्रकार के  रोगाणुओं से बचा जा सकता है।
  • यह तुलसी एक बेहतरीन विष नाशक की तरह कार्य करती है। इसके रोजाना सेवन से शरीर से हानिकारक एवं अवांछित तत्व बाहर निकल जाते हैं और शरीर के आंतरिक अंगों की भी सफाई होती है।
  • श्री तुलसी स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए बेहद कारगर उपाय है ।
  • इसके सेवन से लाल रक्त कणों में इजाफा होता है और हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ता है।
  • एक बूंद श्री तुलसी का प्रतिदिन सेवन करने से पेट संबंधी बीमारियां धीरे-धीरे समाप्त हो जाती हैं।
  • खांसी या जुकाम होने पर इसका प्रयोग शहद के साथ करना फायदेमंद होता है। गले में दर्द, मुंह में छाले, आवाज खराब होने पर या मुंह से दुर्गंध आने की स्थिति में इसकी एक बूंद मात्रा का सेवन भी बेहद कारगर साबित होता है.।
  • कान में दर्द होना या कान बहने जैसी समस्याओं में तुलसी का रस हल्का गुनगुना कर कान में डालने से फायदा होगा। वहीं नाक की समस्या या फोड़े–फुंसियां होने पर इसका गुनगुना रस डालने से लाभ होगा ।
  • बालों की समस्या जैसे- बाल झड़ना, सफेद होने पर  तुलसी के रस को तेल में मिला कर  लगाना लाभकारी होता है | वहीं बाल में जुएं होने पर इसकी रस की कुछ  बूंदें नींबू के रस में मिलाकर लगाएं और कुछ घंटों के बाद धो लें। इससे काफी लाभ होता है ।
  • त्वचा की हर समस्या का समाधान है इसके पास। नींबू के रस के साथ इसे त्वचा पर लगाने से त्वचा की सफाई होती है  और चेहरा दमकने लगता है ।
  • तुलसी के पत्तो को नीबू के रस में पीसकर दाद पर लगाने से आराम होता है । इसे नारियल तेल के साथ लगाने से सफेद दाग भी ठीक हो जाता है।
  • यह कोलेस्ट्रॉल को कम कर रक्त के थक्के जमने से रोकती है। इससे हार्ट अटैक की संभावना भी कम होती है।
  • तुलसी की पत्तियों का सेवन रोजाना सुबह-सुबह नियमित रूप से करने से अस्थमा,  जुकाम आदि में आराम मिलता है |
  • एक बात और,  तुलसी  हमारे शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में भी  मदद करती है, यही कारण है कि इम्यूनिटी बढ़ाने और कोरोना वायरस से बचाव के लिए तुलसी का काढ़ा पीने की सलाह अधिकांश विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है।  
  • आयुष मंत्रालय भारत सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों में  भी कोविड-19 से बचाव के लिए हर्बल काढ़ा पीने की बात कही गई है। इस हर्बल काढ़े में तुलसी एक मुख्य घटक के रूप में शामिल है। तुलसी काढ़े का सेवन अन्य कई वायरल इन्फेक्शन के इलाज में भी सहायक होता है ।
source: Google.com

और सबसे महत्वपूर्ण बात  यह कि हम रोज तुलसी जी को जल चढ़ाते हैं और उसकी पूजा करते है |

यह तुलसी का पत्ता हर धार्मिक कार्य में  उपयोग में लाया जाता है | लेकिन इसे  

केवल धार्मिक दृष्टि से ही ना देखें बल्कि उसके आयुर्वेदिक गुणों को पहचान कर एक घरेलू औसधी के रूप में प्रयोग करें |

इससे दवा पर होने वाले खर्चे  ही नहीं बचते बल्कि  साथ ही अंगरेजी दवाओं के दुस्प्रभाव से भी खुद को सरक्षित रख सकते है …..

आपको हमारा यह ब्लॉग कैसा लगा , ज़रूर कमेंट कर बताएं….मुझे ख़ुशी होगी |

“स्वस्थ रहना ज़रूरी है -7” हेतु नीचे link पर click करे..

स्वस्थ रहना ज़रूरी है …7

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Categories: health

10 replies

  1. Tulsi herb is important in our religious life.It has tremendous medicinal value.Description of the variety shows the importance. Very nice description.

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  2. ज्ञानवर्धक जानकारी देने के लिए धन्यवाद🙏🏼
    अच्छा स्वास्थ्य ही दुनिया की सबसे बड़ी धन-सम्पदा है सादर प्रणाम 🙏🏼

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  3. Thank you so much for elucidation of benefits of Tulsi. Your posts are very meaningful and helpful.
    Warm regards

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  4. Thanks for giving very useful information on Tulsi

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