मैं और मेरा वैलेंटाइन

दुनिया की फ़िक्र, दीन की बातें, खुदा की याद ..

सब कुछ भुला दिया तेरे दो दिन के प्यार ने …

कल शाम में जब इवनिंग वाक से  घर वापस आया तो मेरी नन्ही सी पोती (Granddaughter)  मेरे पास आकर बोली… दादा जी, कल वैलेंटाइन डे है |

आप मुझे क्या गिफ्ट देंगे |

मैंने ने उससे कहा… तुम्हे पता है कि वैलेंटाइन day क्या होता है | इतना कहना था कि वह हमारे पास बैठ गई और मुझसे कहा .. .तुम तो ब्लॉग लिखते हो …कहानी लिखते हो, तो वैलेंटाइन डे पर  क्यों नहीं ब्लॉग लिखते |

मुझे तब उस गुडिया की बात  माननी ही थी | लेकिन सच पूछो तो मैंने पहले कभी वैलेंटाइन डे  नहीं मनाया है  | क्योकि मेरा मानना है कि साल के एक दिन किसी को कोई गिफ्ट या फूल देकर यह एहसास कराया जाता है कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ |

मैं इस बात से बिलकुल सहमत नहीं हूँ कि किसी को बोल कर बताया जाए की मुझे तुम्हारी बहुत फिक्र है या मैं तुमसे प्यार करता हूँ | प्यार तो एक एहसास है जो बिना कुछ बोले अनुभव किया जाता है |

खैर, मेरी गुडिया जब बोली है कि वैलेंटाइन डे पर  ब्लॉग लिखो तो उसकी बात भला कैसे टाल सकता हूँ …

मुझे पता है …  वेलेंटाइन डे हर साल 14 फरवरी को मानाया जाता है | वेलेंटाइन डे दो प्यार करने वालों के लिए खास होता है । आज के युवा वर्ग में इस त्योहार के लिए खासतौर पर उत्साह होता है |

यह सच है  कि यह प्यार और रोमांस का त्योहार है इस दिन लोग अपने प्रेमी-प्रेमिका या अपने पार्टनर  या जिनसे भी स्नेह होती है , उसे गिफ्ट और संदेश भेजते हैं और अपने प्रेम का एहसास कराते  है ।

वेलेंटाइन डे  हम क्यों मनाते  है ..

वैलेंटाइन डे मनाने के पीछे के कारणों पर जाएँ तो हम पाते है कि….
वेलेंटाइन डे  “संत वेलेंटाइन”  के नाम पर मनाया जाता है | हालांकि संत वेलेंटाइन की कहानी पर लोग एक मत नहीं है इसे लेकर कई और भी कहानियाँ प्रचलित हैं लेकिन सबसे ज्यादा प्रचलित कहानी है … रोमन राजा क्लॉडियस और संत वेलेंटाइ की ।

एक ओर जहाँ  राजा “क्लॉडियस” ने अपने सैनिकों की शादी पर रोक लगा रखी थी वही दूसरी  ओर  संत वेलेंटाइन ने कई सैनिकों को शादी के लिए तैयार किया और उनकी शादी भी कराई । इससे राजा क्लॉडियस बहुत नाराज़ हो गए और गुस्से में उन्होंने संत वेलेंटाइन को 14 फरवरी सन 269  में फांसी पर लटका दिया | इस तरह रोमन लोग इस दिन को एक त्यौहार के रूप में मनाते  है … जिसमे प्रेम और भाई-चारे का पैगाम होता है |

लेकिन वेलेंटाइन डे की शुरुआत कैसे हुई…
इसके बारे में लोग कहते है कि रोम में एक त्योहार मनाते थे जिसका नाम था ‘Lupercalia’ इस समय वहां गर्मियों का मौसम शुरू होता है। इस त्योहार में लड़के एक बॉक्स से लड़कियों के नाम की चिट निकालते थे। त्योहार के दौरान ये जोड़े  गर्लफ्रेंड-बॉयफ्रेंड बनाते थे और कभी-कभी आपस में  शादी भी कर लेते थे।

बाद में वहां के चर्च ने इसे क्रिश्चियन त्योहार के रूप में और संत वेलेंटाइन की याद में मनाने लगे और  इसके बाद से ही लोग अपने प्रेम का इजहार करने के लिए संत वेलेंटाइन का नाम इस्तेमाल करने लगे।

हम कैसे मनाते हैं वेलेंटाइन डे...
इस त्योहार को आम तौर पर घर में बने कार्ड्स, मिठाई या गुलाब के फुल अपने प्रियजनों को देकर अपने प्रेम का इज़हार करते है | 

कभी  रोमांटिक डेट, या दोस्तों के साथ समय बिताकर भी मनाते हैं | इसके अलावा भी इसे मनाने के कई तरीके हैं । आप रोमांटिक डिनर या लंच पर जा सकते हैं या किसी रोमांटिक स्थान पर समय बिता सकते हैं ।

वेलेंटाइन डे कौन मनाता है …
वेलेंटाइन डे लड़का या लड़की किसी एक के लिए नहीं बल्कि दोनो के लिए होता है। इसे दोनो ही मना सकते हैं । यह सच है कि यह त्योहार केवल जोड़ों के लिए नहीं बल्कि  प्यार के इज़हार के लिए मनाया जाता है वो प्यार आपका किसी के लिए भी हो सकता है।

वेलेंटाइन डे पर आज कल लोग अपने चाहने वालों को सोशल मीडिया के द्वारा तरह तरह के सन्देश भेजते है . और अपने प्रेम का इज़हार करते  है |

आप भी अपने चाहने वालों को प्यार का  संदेश भेजते होंगे  । ऐसे संदेश जिसमें प्रेम भावना का इजहार हो या इस दिन को यादगार बनाते होंगे  |

मुझे महसूस होता है कि वेलेंटाइन डे को  वर्तमान समय में  एक अलग ही रूप दे दिया है .. इसमें भावना कम और दिखावा ज्यादा लगता है |

वेलेंटाइन डे व्यावसायिक दृष्टी से भी एक  ख़ास दिन बन गया है | इस दिन फूलों की बिक्री बढ़ जाती है, होटलों में चहल पहल बढ़ जाती है और इसके अलावा सोशल मीडिया तो है ही |

जहाँ एक तरफ सोशल मीडिया और बाज़ार के बढ़ते प्रभाव ने युवाओ और समाज के बड़े समूह तक में इसे लोकप्रिय बना दिया है ..

वहीँ दूसरी तरफ इसे राजनीतिक कारणों से कुछ लोग सरेआम  वेलेंटाइन डे मनाने का विरोध भी करते है | यहाँ तक कि विरोध करने वालों लोग के द्वारा हिंसक और अनुचित मारपीट के कारनामो ने इसके प्यार के महत्व को महत्वहीन कर दिया है |

आप चाहे तो वेलेंटाइन डे मनाएं या ना मनाएं पर इस पर रजनीति नहीं होनी चाहिए और ना ही इसमें निहित उन भावनाओं और संदेशों को विकृत किया जाना चाहिए |

यह तो प्यार और भाई-चारे का सन्देश लेकर आता है इसे उसी रूप में मनाये और आपके आस पास जो लोग किन्ही कारणों से अकेला महसूस कर रहे है उनके मिल कर उनके दोस्त होने का एहसास कराएंगे ..तो यही असली वेलेंटाइन डे होगा… क्या आप भी सहमत है …??

एक अधूरी प्रेम कहानी पढने हेतु नीचे link पर click करे..

https://wp.me/pbyD2R-GU

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

14 thoughts on “मैं और मेरा वैलेंटाइन

    1. बहुत बहुर धन्यवाद…
      सच तो है कि आपके शब्द मेरे लिए जादू का काम करते है ..
      आप का आभार |

      Liked by 1 person

  1. जी बहुत ही यथार्थ और बेहतरीन लिखा है आपने👌 और मैं आपके विचारों से बिल्कुल सहमत हूँ। मुझे आपके ये विचार बेहद पसंद आए।

    “यह त्योहार केवल जोड़ों के लिए नहीं बल्कि  प्यार के इज़हार के लिए मनाया जाता है वो प्यार आपका किसी के लिए भी हो सकता है।’
    (मैंने इसी विचार से valentine week के पूरे quotes लिखे है पर किसीने कहा ये सिर्फ जोड़ो के लिए है। तब मैंने यही reply दिया था कि कुदरत का हर जीव प्रेम करने योग्य है और हर जीव एक परिवार है। तो हम गरीब बच्चों को भी प्रेम जता सकते है और जहाँ तक जोड़ो की बात है वहाँ प्रेम express करने की ज़रूरत नही रहती नाही कोई तोहफे की आवश्यकता। अगर partner का प्यार, वक़्त,परवाह,साथ मिले तो उससे बड़ा तोहफ़ा कोई नहीं होता। और प्यार जताने के लिए कोई खास दिन की भी ज़रूरत नहीं।😊
    इसलिए आपकी ये lines भी मुझे पसंद आई।

    “मैं इस बात से बिलकुल सहमत नहीं हूँ कि किसी को बोल कर बताया जाए की मुझे तुम्हारी बहुत फिक्र है या मैं तुमसे प्यार करता हूँ | प्यार तो एक एहसास है जो बिना कुछ बोले अनुभव किया जाता है |”😊🙏👏

    Liked by 1 person

    1. जी, आपके विचार हमें अच्छे लगते है और आपकी लेखनी भी ।
      वैसे आजकल लोग स्वार्थी हो गए है ,दूसरों की भावनाओं की कद्र नही करते है। आप अपनी भावनाओं को लेखनी के द्वारा व्यक्त करते रहें..
      बहुत बहुत धन्यवाद।

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      1. जी सराहना के लिए धन्यवाद🙏 आपकी ये सराहना मुझे लिखने की प्रेरणा देती है। आप भी लिखते रहिए। खुश रहिए🙏😊

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  2. क्या बात है।इतने अच्छे तरीके से आपने वेलेंटाइन डे पर अभिव्यक्ति दी है।👌👌👌👌

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद |
      मुझे ख़ुशी होती है जब मुझे आपसे तारीफ मिलती है |
      आप स्वस्थ रहे , खुश रहे ..

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