किस्मत की लकीरें ..1

    

कालिंदी,  

बड़ा प्यारा नाम है तुम्हारा,  

            तुम बेहद खुबसूरत हो,

                  तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो |

                            सचमुच,.. मैं तुमसे प्यार करने लगा  हूँ |

झूठ मत बोलो विनय | तुम मेरा मजाक उड़ा रहे हो | तुम कितना स्मार्ट दीखते हो, बिलकुल मेरे सपनो के राज कुमार की तरह और एक मैं हूँ बिलकुल काली कलूटी, जो कोई मुझे अँधेरे में देख ले तो भूत समझ कर डर जाए |

नहीं नहीं, तुम अपने आप को गलत समझ रही हो | तुम कभी मेरी नज़रों से अपने आप को देखो,  फिर तुम्हारी यह हीन भावना समाप्त हो जाएगी |

क्या तुम सचमुच मुझसे प्यार करते हो ?.. कालिंदी संशय  से देखते हुए विनय से पूछी |

बिलकुल, मैं तुमसे  बेहद प्यार करता हूँ और तुमसे शादी भी करना चाहता हूँ,  अगर तुम्हे  कोई एतराज़ ना हो तो |

तुम कैसी  बातें कर रहो हो विनय,  तुम जैसा स्मार्ट और अच्छे विचारों वाले को कौन नहीं अपना जीवन साथी बनाना चाहेगा  | कालिंदी विनय को देखते हुए प्यार से कहा और फिर दौड़ कर उसके गले लग  गयी |

ओह विनय, मैं कोई सपना तो नहीं देख रही  हूँ ?

तभी माँ कमरे में दाखिल हुई | कालिंदी को नींद में बडबडाते हुए सुना और झल्लाते हुए कहा .. ..हाँ  हाँ,  तू सपना ही देखती रह | दिन कितना निकल आये है |

हमेशा कहती हूँ कि थोडा ज़ल्दी  उठने की आदत डालो ताकि सेहत ठीक रहे | लेकिन मेरी  बातों का तुझ पर असर ही नहीं होता है |

माँ की आवाज़ कानों में जाते ही कालिंदी की नींद अचानक खुल गयी ..और तभी उसे एहसास हुआ कि सचमुच यह सपना ही था |

वह जल्दी से बिस्तर पर उठ कर बैठ गयी  और सोचने लगी …  मैं बार बार  इस तरह के सपने क्यों देखा करती हूँ, जबकि सच तो यह है कि कोई मुझसे प्यार ही नहीं करता है, कोई भी मुझसे दोस्ती नहीं करना चाहता है क्योंकि मैं दिखने में बिलकुल सांवली हूँ,  साधारण लड़की  हूँ .. मैं मॉडर्न नहीं दिखती हूँ |

कालिंदी को वो सभी पिछली बातें याद आने लगी जो अब तक हर लड़कों ने उसे  ताने देते हुए कहा था, जब भी उसने किसी लड़के से दोस्ती करनी चाही  या उससे  अपने प्यार का इज़हार किया था …

शक्ल देखी है अपनी ?  बड़ी आयी मुझसे प्यार करने वाली |

चेहरा तो देखो …लगता है जैसे भगवान् ने मुँह पर कालिख पोत रखी है |

प्यार और तुमसे …पागल हो क्या |

तुम्हे देख कर तो कोई प्यार क्या तुमसे दोस्ती भी ना करना चाहे …

तुम लड़की कम और आंटी  ज्यादा दिखती हो …

ना तुम में स्टैण्डर्ड है और ना ही अच्छा लुक ..    

वह राजेश  जिसे  अपने कॉलेज का सारा नोट्स शेयर ( share) करती थी  और पढाई में उसकी  कितनी मदद करती थी | उसने भी एक दिन कह  दिया था ….किसी ने मुझे तुम्हारे साथ देखा तो मोहल्ले में मेरी क्या इज्जत रह जाएगी | मुझसे दूर ही रहा करो..

सचमुच, सभी लड़के मतलबी होते है |  इन सब बातों को याद कर उसके  आँखों में आंसूं छलक  आए |

कालिंदी को रोता देख माँ समझ गयी कि फिर किसी ने उसका दिल दुखाया है |

माँ ज़ल्दी से कालिंदी के  पास आयी  और प्यार से सिर पर हाथ रखते हुए कहा .. मेरी बेटी दुनिया की सबसे सुन्दर बेटी है |  इसे तो कोई सपनो का राजकुमार ही मिलेगा |

माँ की बातें सुन कर कालिंदी भावुक  हो उठी और माँ से लिपट कर बोली…माँ, मुझसे कोई प्यार नहीं करता है, कोई दोस्ती नहीं करता | मैं तो सभी की मदद करती रहती हूँ |

फिर भी मेरे साथ लोग ऐसा क्यों करते है ?

धैर्य रखो बेटी, इस समाज को जबाब देने का बस एक ही तरीका है |..तुम पढ़ लिख कर कलेक्टर बन जाओ | फिर तुम उनलोगों के तानो का जबाब  बखूबी दे सकती हो  |

माँ की बातें कालिंदी के दिल में बैठ गयी |  

उसने अपने आँसुओं को पोछा और बिस्तर से उठते हुए बोली…   तुम्हारा वचन सत्य होगा माँ |  मैं खूब मिहनत करुँगी और अपना मुकाम  हासिल करके रहूंगी |

माँ बेचारी तो खुद ही अनपढ़ थी लेकिन वह चाहती थी कि उसकी बेटी खूब पढ़ लिख कर माँ बाप नाम का रोशन करे |

उसे पता था कि पढाई की इच्छा को मन में दबाने  का परिणाम क्या होता है |

उसे अपने दिनों की याद आ गयी., जैसे कल ही की बात हो |

जब वह आठवीं पास कर चुकी थी, और उसके गाँव में हाई स्कूल नहीं थी |

उसके लिए शहर में रह कर पढाई करनी होगी | लेकिन बाऊ जी इसके लिए तैयार नहीं थे |

इसी बीच  बुआ जी शादी के लिए एक लड़के का रिश्ता लेकर भी आ गयी | उन दिनों गाँव में कम उम्र में ही शादी कर दी जाती थी |

लड़के  की नयी नयी नौकरी लगी थी और घर परिवार अच्छा था |

बाऊ जी को पूरी जानकारी  होते ही वे तुरंत मेरी शादी उससे  कराने  के लिए तैयार हो गए |

बाऊ जी मुझे अभी विवाह नहीं करनी है . मैं अभी पढना चाहती हूँ … मैंने सहमते हुए बाऊ जी  से कहा था |

पिताजी अपनी बड़ी बड़ी आँखों से मुझे घूरते हुए कहा था …देखो बेटी, मुझे जितना पढ़ाना  था पढ़ा दिया, और शादी करके चूल्हा चौका  ही तो संभालना है |

वैसे हमारे समाज में लड़कियों को इससे ज्यादा पढ़ाने का रिवाज़ नहीं है |

मुझे आगे पढने की बहुत इच्छा थी लेकिन बाऊ जी के सामने मेरी कुछ भी बोलने की हिम्मत नहीं होती थी इसलिए मुझे मज़बूरी में चुप हो जाना पड़ा |

मेरे उदास चेहरे को देख कर बाऊ जी मेरे सिर पर प्यार से हाथ रखा और समझाते हुए कहा था …तू बड़ी भाग्यशाली है जो तुम्हे ऐसा घर मिल रहा है |

 अब तुम  जितनी जल्द हो सके अपनी माँ से घर गृहस्थी सँभालने के गुण सिख ले | आज तक मुझे इस बात का पछतावा है कि मैंने उस दिन बाऊ जी का विरोध क्यों नहीं किया |

तभी कालिंदी ने माँ को झकझोरते हुए कहा…माँ, अब तुम क्या सोचने लगी ? मैंने कहा ना , तुम्हारा सपना मैं पूरी करुँगी | चलो अब खाना लगाओ मुझे बहुत भूख लगी है |

 कालिंदी के पिता बैंक में मामूली क्लर्क थे लेकिन अपनी इकलौती बेटी की हर इच्छा को पूरी करने को तत्पर रहते थे |

 घर में लगभग सभी सुख सुविधाएँ थी पर कालिंदी को किसी चीज़ की कमी थी तो वह थी उसका वह सांवला रूप |

कालिंदी जिसकी उम्र 19 साल थी और अभी अभी  BA फाइनल परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की थी | वैसे पढने में  वह बहुत तेज़ थी और लोगो को पढाई में मदद भी बहुत करती थी |

तभी तो सभी लोग अपना मतलब साधने के लिए उससे जुड़ते थे और अपना काम निकल जाने पर मुँह घुमा कर चल देते थे |

कालिंदी अपने सांवले रूप को लेकर बहुत परेशान रहती थी | वह बहुत तरह के क्रीम आजमा कर देख चुकी थी लेकिन उसके चेहरे के रंग जस के तस रहा  |

(क्रमशः)

आगे की घटना हेतु नीचे link पर click करे..

किस्मत की लकीरें .. 2

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23 replies

  1. It would be helpful if you wrote to people of the world, not only Indians. Otherwise, what is the point?

    Joanna

    Liked by 1 person

  2. Thank you, it will be greatly appreciated. Any help required, I will gladly provide, you only need to ask.

    Joanna

    Liked by 1 person

  3. Great story and wonderful art Vermavkv. Thank you.

    Liked by 1 person

  4. Good storyline, Verma ji

    Liked by 1 person

  5. So many young girls absorb negative comments about their appearance or their dreams. Society is blind not to recognize that beauty comes in many shapes and shades. ❤

    Liked by 1 person

  6. कहानी की शुरुआत बहुत अच्छे से की है आपने👌 जैसे वक़्त मिलता है..आगे का पढ़ती जाऊँगी😊

    Liked by 1 person

  7. Reblogged this on Retiredकलम and commented:

    Your mind is like a Magnet, If you think of blessings …
    You will attract blessings ..
    If you think of problems, you will attract problems.
    Use this law of the universe to your advantage and
    change your entire reality..

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  8. मन को छू गया…बेहद सुंदर…इंतजार रहेगा आगे के श्रृंखला का….

    Liked by 1 person

    • जी, बहुत बहुत धन्यवाद |
      आगे की श्रृंखला इसी में नीचे दिया गया है | इस तरह आप पूरी
      कहानी पढ़ सकते है …अबी मैं link दे रहा हूँ..| आप इस एपिसोड के
      अंत में देखें..|

      किस्मत की लकीरें .. 2

      रास्ते है तो ख्वाब है , ख्वाब है तो मंजिले है मंजिलें है तो फासले है फासले है तो हौसले है हौसले है तो विश्वास है . आज कालिंदी का दिल जोर जोर से धड़क रहा था | वह अपने रूम … Continue readingकिस्मत की लकीरें .. 2

      Retiredकलम

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