हर ब्लॉग कुछ कहता है…9

खुश रहने का मंत्र

आज कल जाड़े का आगमन हो गया है इसलिए आज मोर्निंग वाक के लिए पार्क में जाने में थोड़ी देर हो गई | हालाँकि मैं जब पार्क में पहुँचा  तो और दिनों की अपेक्षा आज कुछ ज्यादा ही सुन्दर नज़ारा दिख रहा था |

सुकून देने वाली धुप खिली हुई थी और एक तरफ बुजुर्ग लोगों का समूह हरी – हरी घास पर बैठ कर laughing exercise कर रहे थे तो दूसरी तरफ बहुत सारे बच्चे जो अपने माता पिता से साथ आये थे, खेलते हुए मस्ती कर रहे थे | पार्क में चारो तरफ जाड़े के मौसम के रंग बिरंगे फूल खिले हुए थे ..|

 दरअसल, मैं आज एक महीने के बाद इस पार्क में आया था | मुझे आज यहाँ टहलते हुए बहुत मज़ा आ रहा था |  

टहलते हुए मैं पार्क के दूसरी तरफ चला गया,  जहाँ एक बाबा प्रवचन दे रहे थे और कुछ लोग गोलाकार बनाकर बैठे उनकी बातें सुन रहे थे | मैं भी वहाँ रुक गया और उनके प्रवचन को ध्यान से  सुनने लगा | वे रोजमर्रा की ज़िन्दगी में आने वाले समस्याओं के समाधान बता रहे थे |

प्रवचन चल ही रहा था कि तभी एक व्यक्ति ने  उस बाबा से  पूछा  …..खुश रहने का secret क्या है ?

बाबा कुछ देर तो सोचने लगे फिर उन्होंने वहाँ उपस्थित सभी लोगों से पूछा … क्या आप सभी लोग भी इस प्रश्न का जबाब जानना चाहते है ?

तो वहाँ सभी लोगों ने एक स्वर में कहा …जी हाँ, हम सभी भी जीवन में  खुश रहने का मंत्र जानना चाहते है |

तब बाबा ने उस व्यक्ति  से कहा… आप पहले इस पुरे पार्क का एक चक्कर लगा कर आइये और देखिये वहाँ मन को आनंदित करने वाले क्या क्या चीज़ दिख रहे है |

ठीक है, कह कर वह  व्यक्ति  जब चलने को हुआ तभी बाबा ने  रोका और उससे  कहा ….तुम्हे मैं एक चम्मच दे रहा हूँ जिसमे दो बूंद  तेल है जो साथ में ले जाना है | लेकिन पुरे पार्क का चक्कर लगाते समय यह  ध्यान रहे कि तेल गिरने नहीं पाए |

उस व्यक्ति ने कहा….ठीक है,  यह कौन सी बड़ी बात है और वह चम्मच में रखा तेल को लेकर पार्क का चक्कर लगाने चल दिया |

पार्क के चारो ओर घूमते हुए वह महसूस किया कि रास्ते काफी  घुमावदार थे  | वह व्यक्ति सावधानी पूर्वक घूम कर  वापस उस बाबा के पास आया |

बाबा ने उस व्यक्ति को देखते ही पूछा..  बोलो बेटे,  आप ने पार्क में क्या क्या देखा और कौन सी  चीज़ चीज़ सबसे सुन्दर लगी |

वो पत्थर का बना  झरना देखा ?  कितना सुन्दर है  और  वो गुलाब की क्यारियां जिसमे हर रंग के गुलाब खिले है | और वो कुछ विदेशी पौधे जो बड़ी मिहनत करके  बहुत दूर दूर से लाकर यहाँ लगाए गए है …उसके फूल भी कितने  सुन्दर लग रहे है |

उस आदमी ने   बिलकुल  ईमानदारी  से ज़बाब दिया …. बाबा,  मैं तो वो सब कुछ नहीं देख सका क्योंकि मेरा सारा ध्यान इस चम्मच में पड़ी दो बूंद तेल पर था , कि कही गिर न जाए |

तब बाबा ने उस व्यक्ति  से कहा…ये क्या बात हुई | आपने तो कुछ देखा ही नहीं |  आप फिर से जाइए और वो सारा कुछ देख कर आइये और अपने अनुभव हमें बताइए |

वो आदमी  फिर से गया और पार्क की एक एक चीज़ बड़े ध्यान से देखने लगा | वो शानदार बाग़, वो गुलाब की क्यारी को भी बड़े ध्यान से देखा | सही में आज पार्क की सुन्दरता कुछ अलग तरह की लग रही थी उसे देख कर उसे बहुत आनंद का अनुभव हुआ |

वो आदमी आकर बाबा को पार्क की सुन्दरता का खूब बखान करने लगा |

फिर उसने पूछा ….आप अब उस सवाल का ज़बाब दीजिये जिसको जानने के लिए हमलोग उत्सुक है  | मुझे बताइए कि खुश रहने के मंत्र  क्या है ?

ठीक है मैं आपको बताऊंगा,  लेकिन पहले आप बताइए कि वो चम्मच वाली तेल कहाँ  है ?

तभी, उस व्यक्ति को अचानक ख्याल आया कि वो तो सभी चीजों को देखने में इतना व्यस्त था कि  तेल पता नहीं कब और  कहाँ गिर गई थी |

उसने कहा…..मुझे माफ़ करें |  आपने कहा था पार्क को  अच्छी तरह देखना है, सो मेरा सारा  ध्यान उसे देखने में था और तेल का ध्यान ही नहीं रहा कि वह कहाँ  गिर गया |

तभी बाबा ने कहा…यही है खुश रहने का मंत्र |  Happiness यानी ख़ुशी हमारे चारो तरफ बिखरी पड़ी है ..बस हम उसे देख नहीं पाते है  क्योकि  हमारा ध्यान तो चम्मच में पड़े तेल की तरह .. ….बस,धन कमाने में अपने उन्नति और झूठी शान -शौकत के लिए लगा रहता है  और हम अपने जीवन के बहुमूल्य समय को बर्बाद कर देते है |

अपनी सारी खुशियाँ का अपने परिवार और बहुमूल्य समय दोस्त इत्यादि की कुर्बानी देकर जो हम हासिल करते है वह एक झूठ होता है , बस, ..दिखावा होता है | उसमे सच्ची ख़ुशी नहीं होती है |

सच पूछा जाए तो जो झूठे शान शौकत  और दिखावे के लिए हम अपनी सच्ची ख़ुशी को गवां देते है |

अगर हम अपने झूठे शान शौकत प्रतिष्ठा का परित्याग कर असली ज़िन्दगी में चारो तरफ देखें तो खुशियाँ ही खुशियाँ ही बिखरी पडी है ..सच्चा सुख बाहरी वस्तुओं को प्राप्त करने से नहीं मिलता … वह तो अपने अन्दर ही विद्यमान है |

सकारात्मक नजरिए से देखा जाए तो संकट की घड़ी में भी सुख की अनुभूति हो सकती है।

बस अपना  नज़रिया बदल कर देखिये आप के चारो तरफ प्रकृति का सौंदर्य बिखरा पड़ा है  ..रिश्तो की गर्माहट और दोस्ती को महत्व दीजिये तो आप सदा खुश रहेंगे  और अंत में एक और बात कहना चाहता हूँ …

“जिंदगी में कितनी भी बड़ी मुसीबत आए कभी निराश मत होना क्योंकि अभी वक्त तुम्हारा कमजोर है लेकिन तुम नहीं…..क्या आप भी ऐसा ही सोचते है ….

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18 thoughts on “हर ब्लॉग कुछ कहता है…9

    1. जी , यह सही है कि उन छोटी छोटी बातों को नज़र अंदाज़ कर देते है जिसमे खुशियाँ छिपी होती है |
      ज़िन्दगी बहुत कीमती है इसे हर पल एन्जॉय करना चाहिए |
      आप का बहुत बहुत धन्यवाद..

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        1. जी, बहुत बहुत धन्यवाद |
          आज के तनाव भरी ज़िन्दगी में थोड़ी दिल को सकूँ देने वाली
          बातेब लिखता हूँ ताकि कुछ देर के लिए ही सही ..अच्छा महसूस किया जाए….
          मेरी कोशिश … आपके सहयोग के लिए आभार |

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            आप इस कम्युनिटी में अगर कहानियाँ और कविता लिखने के लिए इस लिंक पर रजिस्टर कर सकते हैं अभी 19नवम्बर से कहानी और कविता, व्यंग्य पर फेस्ट चल रहा है हमने अपने कहानी सब समिट कर दी है अच्छा प्लेटफार्म है 2021 फरवरी में मैगज़ीन पब्लिश होगी |आप चाहे तो ज्वाइन हो सकते हैं|

            Liked by 1 person

            1. जी धन्यवाद | मैं रचना भेजना चाहता हूँ | कृपया मेरा मार्ग दर्शन करे |
              इसकी विस्तृत जानकारी दे…

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              1. आप इस लिंक पर जाएगें तो अपना ईमेल आईडी देना होगा फिर उनकी वेब साइट पर रजिस्ट्रेशन होगा फिर इंट्री देंगे
                https://www.bloggingelementary.com./community
                ये लिंक है इसपर रजिस्टर करना है फिर इंट्री मिल जाएगी वहाँ आकृति मट्टू जी है एडमिन बहुत हेल्प करती है|

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    1. Mai aapko AkritiMattu ka youtub ka lin nahi bhej pa rahi hun comment nahi bhejne de taha hai email I’d pa dal sakti hun ya apna email I’d de tou voh khud Contact kar lengi

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