हर ब्लॉग कुछ कहता है…8

 ज़िन्दगी की परिभाषा

मैं आज मोर्निंग वाक के लिए जब पार्क में पहुँचा तो मैंने पाया कि मेरी मित्र मण्डली पहले से ही वहाँ मेरा इंतज़ार कर रही है  | वे सब मुझे देखते ही बोल पड़े…क्या बात है ? आज आप को आने में देरी कैसे हो गई ?

मैंने कहा …सुबह सुबह , घर के काम में भी कुछ मदद करना होता है इसलिए कभी कभी देर हो जाती है |

अरे भाई , आज कल अपने ग्रुप के सदस्य कभी अनुपस्थित  हो जाये या आने में देर हो जाती है ,तो तुरंत शंका होने लगती है कि कहीं उन्हें भी तो नहीं हो गया ….करोना |

इतना सुनना था कि सभी लोग जोर का ठहाका मार कर हंसने लगे |

चलो अच्छा है , हंसने से और खुश रहने से इम्युनिटी बढती है, जो करोना से मुकाबला करने के लिए ज़रूरी है  …मैंने कहा |

करोना का नाम सुनते ही एक मित्र तुरंत ही उदास हो गए और कहने लगे …सच,  करोना ने हमारी ज़िन्दगी को नरक बना दिया है |

ना कही आना जाना और ना किसी से मिलना जुलना  बस घर में ही  बंद रहना पड़ता है | आज कल तो यहाँ करोना इतनी तेज़ी  से फ़ैल  रहा है कि  अब  पार्क में भी आने से डर  लगने  लगा है |

लेकिन यह डर कब तक ? …, यही मूल प्रश्न है |

लॉक डाउन लगाते  समय यह  बोला गया था  कि 21 दिन का लॉक डाउन है फिर सब ठीक हो जायेगा ..फिर लॉक डाउन का दूसरा फेज़ 21 दिन का शुरू हुआ | वो भी  इस आशा के साथ कि शायद  अब ज़िन्दगी की गाड़ी पटरी पर आ जाएगी |

लेकिन स्थिति में कुछ सुधार होने के बजाये दिनोदिन स्थिति और ख़राब होती चली गई  |

आज मैं  इस ब्लॉग के माध्यम से ही इसी विषय पर आप लोगों से चर्चा करना चाहता हूँ |

दोस्तों. ….

      हम सभी जानते है कि …करोना की स्थिति दिनों – दिन भयावह होती जा रही है | यह सिलसिला     तो इस साल के शुरुआत से ही चला  आ रहा है ..और समझ में नहीं आता कि स्थिति कब सामान्य होगी ?.

वैसे हम सभी अपने अपने घरों में बैठ कर social distancing का पालन  कर रहे है और अपने immunity को  बढाने  के लिए तरह तरह के उपाय कर  रहे है… चाहे खाने पिने पर नियंत्रण हो या योगा और मोर्निंग वाक हो |

लेकिन  मूल सवाल है कि  इस करोना की महामारी में भी हम अपनों ज़िन्दगी को बेहतर ढंग से  कैसे जी सकते है  |

वो क्या  नुस्खा है, और वो क्या  तरीका है ,जिसे अपना कर हम सब अपनी  ज़िन्दगी को खुशियों से भर सकते है और अपने घर परिवार को स्वर्ग बना सकते है |

हमलोगों में से ज्यादातर लोगों ने गणित की पढाई की होगी, मैंने भी की है , यह बात अलग है कि हमोलोगों में ज्यादातर लोग  गणित को नापसंद ही  करते है |

लेकिन कभी कभी यही गणित  का फार्मूला जीवन के गणित को सुलझा देता है …. वो कैसे ? आइये फिर एक बार गणित का विद्यार्थी बन कर इस पर विचार करें  ….

गणित की भाषा में खुशहाल ज़िन्दगी की परिभाषा  बस एक equation पर आधारित है ….. और वह है ….

happy life  = X  + Y 

x ..constant  है, . जिसे बदला नहीं जा सकता.| .चाहे जितना भी प्रयास करे, मिहनत  करें | हम इसे बदल नहीं सकते | जैसे मेरी height कम है तो है , इसे कितना भी कोशिश करें उसे घटा- बढ़ा नहीं सकते |  उसी प्रकार यह करोना हमारे देश में , मोहल्ले में, घरों में फ़ैल चुकी  है |

चाहे कितना भी कोशिश करे कि  यह अभी तुरंत वापस चला जाए ,तो वह संभव नहीं दीखता है |

हमने अनुमान नहीं लगाया था कि यह  हमारे देश में भी पहुँच जायेगा | .पर यह एक सच्चाई है ,और हम इसे गणित की भाषा में ..”constant” मान सकते है क्योकि इस  परिस्थिति को तुरंत बदलना हमारे वश में नहीं है |

लेकिन उस परिस्थिति का सामना करना,या सामना करने  की कोशिश करना वो हमारे वश में है | अर्थात

y …. एक  variable .है | .यह वो चीज़ है जिसे हम बदल सकते है ..यह वो चीज़ है जो हमारे कण्ट्रोल में है …जिसका कुछ किया जा सकता है |

अपनी height constant है..जिसे बदला नहीं जा सकता है..लेकिन अपना वज़न को घटाना  बढ़ाना अपने वश में है| हम खान पान और कसरत के माध्यम से इस पर कण्ट्रोल कर सकते है

उसी तरह  लोग मेरे बारे में क्या सोचते है वो constant है ..हम उसे बदल नहीं सकते, चाहे जो भी करें | लेकिन हम लोगों के बारे में क्या सोचते है वो हमारे वश में है |

लोग मेरे बारे में क्या सोचते है उन्हें सोचने दीजिये | हम अपनी सोच को सही कर ….नकारात्मतक   माहौल से बाहर आ सकते है | इसलिए जो हमारे  कण्ट्रोल में है उस पर अगर हम  ध्यान देंगे तो जीवन संवर जाएगी |

वर्ना लोगों के बातों पर ध्यान  देते रहेंगे तो  हम नकारात्मकता (negativity)  के जाल में फंस कर अपने को तो दुखी करेंगे ही औरो को भी दुखी कर देंगे |

उसी तरह  करोना आ गया है, यह सत्य है …उसे हम constant मान लें |

 लेकिन  social distancig अपनाना , साबुन से हाथ धोना , .बार बार Sanitize का इस्तेमाल कर , मास्क का उपयोग कर  , इन सब उपाय जो हमारे वश में है उसे हम variable मान कर इसको अपने अनुसार बदल कर …ना केवल अपने को सुरक्षित कर सकते है बल्कि इसे फैलने से रोकने में मदद भी कर सकते है ….

ऐसे समय में घर पर रह कर भी अपने को खुश रख सकते है | आप अपनी .फिटनेस बढाइये , अपनी डाइट पर  कण्ट्रोल कीजिये , सेहत पर ध्यान दीजिये  , परिवार के साथ अपना कीमती समय बिताइए ……..और समय को एन्जॉय कीजिये |

अपने को motivate रखने के लिए अपने hobby के अनुसार अच्छी किताबे पढ़े , अच्छी मूवी देखे..इम्युनिटी  बढ़ाने के तरीके अपनाए |

ज़िन्दगी की दशा बदलने के लिए ज़िन्दगी की दिशा बदलना ज़रूरी है | यह अच्छा मौका है अपने रिलेशनशिप को मज़बूत करने के लिए |

इतिहास बताता है कि ऐसे  कठिन परिस्थिति पहले भी  बहुत बार आया है और चला भी गया है |

यह सच हैं कि बुरा वक़्त का भी बुरा वक़्त आता है .. भरोसा रखे यह वक़्त भी गुज़र जायेगा |…

ज़िन्दगी भी तेरी क्या परिभाषा है ..

अगर सवंर गयी तो ज़न्नत.है ..

नहीं तो केवल एक तमाशा है…

इससे पहले की घटना जानने के लिए नीचे दिए link को click करें….

https://wp.me/pbyD2R-1mM

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

4 thoughts on “हर ब्लॉग कुछ कहता है…8

  1. Easier said than done about social distancing. Is it practically possible in a country like India with teeming population?. You can’t keep people confined to their house for months. I have now started travelling taking necessary precautions.

    Liked by 1 person

    1. well said sir, but it is the need of the hour to follow instructions to keep free from this covid .
      yes, practically not possible in our country due to visible reasons , but do the things with necessary precautions .Happy journey sir..

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