हर ब्लॉग कुछ कहता है -7

 

शुक्रिया आप का

आज मोर्निंग वाक से फ्री होकर जब मैं ब्लॉग लिखने बैठा तो मेरे एक हाथ में चाय थी और दुसरे हाथ में कलम | दिमाग में कुछ ख्याल आने लगे, तभी मेरी इच्छा हुई कि क्यों ना आज मैं अपने इस ब्लॉग की यात्रा के बारे में ही आपसे चर्चा करूँ  |

आज जब अपने ब्लॉग के वर्तमान स्थिति का अध्ययन करने लगा तो ख़ुशी से उछल पड़ा यह देख कर कि  ….सिर्फ सात महीनो की कोशिश से इस ब्लॉग – यात्रा में मैंने 300 ब्लॉग लिख  डाले और सबसे बड़ी बात यह कि 30,000 व्यू (view) तो  मिले ही और इसके अलावा एक सौ से ज्यादा फौलोवेर भी हो गए |

यह मुझ जैसे नौसिखिये के लिए तो बहुत ख़ुशी की बात है |

मैं तो आठ माह पूर्व ब्लॉग के बारे में कुछ जानता भी नहीं था | मैं तो अपनी सारी ज़िन्दगी बैंकिंग सेवा में ही गुजार दी |

रिटायरमेंट के बाद अपने  खाली  समय का उपयोग कैसे करूँ, यही मेरे लिए एक बड़ी समस्या हो गई थी | मैं बिना काम के खाली घर में  बैठे रहने से  कुछ चिडचिडा सा हो गया था और  इस मुसीबत का समाधान ढूंढ ही रहा था तभी मेरे एक मित्र ने मुझे सुझाव दिया कि आप लोगों से सोशल मीडिया के द्वारा जुड़े रहने के लिए blogging शुरू करे |

इससे आप अपने समय का  सदुपयोग रचनात्मक कार्यों के लिए कर सकेंगे |

आप के पास जीवन का एक लम्बा अनुभव है, उसे आप इस माध्यम से लोगों के साथ अपने अनुभव को  शेयर कर सकते है,  अपने विचार व्यक्त कर सकते है जिसे पढ़ कर लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा |

मुझे उनकी बातें अच्छी लगी और मैंने मन ही मन इस क्षेत्र में कुछ कर गुजरने का फैसला कर लिया | फिर भी इसकी  शुरुआत करने में पुरे पांच माह लग गए |

धड़कते दिल से और एक अनजाने से डर के साथ हमने ब्लॉग लिखने की शुरुआत कर दी |

आज जब मैं इसके आंकड़े देखता हूँ तो खुद भी मुझे विश्वास नहीं होता है |

मैं मित्रों के कहने पर इस क्षेत्र में कदम रखा था और मेरे मित्रों ने मुझे भरपूर सहयोग दिया है |

सच कहूँ तो मैं आप सब लोगों और मित्रो का शुक्रगुजार हूँ, क्योंकि आप सब हर कदम पर  मेरा साथ दे रहे है, चाहे अपने  कमेंट्स के माध्यम से या फिर अपने अनुभव से मेरा मार्ग दर्शन कर रहे है | मैं आप सब लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ |

आप लोगों से ही  सलाह मशवीरा कर मैं अपने ब्लॉग को हर बार एक नया रूप दे पाता हूँ   |

सबसे पहले तो ब्लॉग  किस नाम से शुरू करूँ.. यह एक समस्या थी,  तभी  मेरे ज़ेहन में यह बात आयी कि मैं एक रिटायर्ड बैंकर हूँ और मेरी कलम से निकले  शब्दों को आप तक पहुँचाना मेरा मकसद है |  इसीलिए मैंने इसका नाम दिया …”www.retiredkalam.com“

यह नाम आप को कैसा लगता है ज़रूर बताएं , या कोई अच्छा और उपयुक्त  नाम का सुझाव दें तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी |

मैं अपने को भाग्यशाली समझता हूँ कि मेरे मित्र मुझे हर पल, हर कदम पर मुझे  ब्लॉग लिखने में मेरी मदद को तैयार रहते है | और मेरे ब्लॉग को पढ़ कर तारीफ भी करते है |

मैंने अपने ब्लॉग में विभिन्न तरह के विषयों पर लिखने का प्रयास किया है और लिख भी रहा हूँ… जैसे छोटी और लम्बी कहानियाँ,  अपने संस्मरण, वगैरह और अब मुझे लिखने में मज़ा भी आ रहा है |

इसके अलावा मैं अपनी कविताएँ  भी लिखने लगा हूँ और उसे ब्लॉग में पोस्ट भी करता हूँ |

और सबसे बड़ी बात कि इसके अलावा मैंने ड्राइंग | पेन्टिंग के लिए भी एक अलग से केटेगरी  बना रखी है जिसमे खुद के द्वारा बनाये गए ड्राइंग और पेन्टिंग को  पोस्ट करता हूँ |  मुझे  आप सब लोगों से बहुत सराहना भी मिलती है जो कि  मेरे मनोबल को बढाता है | आप लोगो के द्वारा उत्साहित करने से  मेरा मन हमेशा तरो – ताज़ा और खुश रहता है |

अब तो यह ब्लॉग – लेखन मेरे जीवन का एक हिस्सा बन गया है |

मैं आप सब लोगों को बताना चाहता हूँ कि आप के सहयोग और मार्गदर्शन का ही परिणाम है कि मैंने इसे अपना  शौक बना लिया है | और इसे बहुत एन्जॉय करता हूँ |

हालाँकि  ब्लॉग की बारीकियों के बारे में ज्यादा कुछ भी नहीं जानता,  लेकिन नित्य दिन कुछ न कुछ लिखने से मुझे नया अनुभव प्राप्त हो रहा है |

आज के बदले परिस्थिति  में आप भी खाली  मत बैठिये और कुछ नया करने की सोचिये |

हो सकता है कि कुछ नया करने का ज़ज्बा ना केवल आप में नए जोश एवं नयी ज़िन्दगी की शुरुआत करे बल्कि औरो को भी कुछ नया कर गुजरने की प्रेरणा दें …

एक बार फिर सभी दोस्तों को तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ और आशा करता हूँ कि इसी तरह अपना  प्यार और स्नेह मेरे ब्लॉग पर बनाये रखेंगे |

इस कड़ी की अगली ब्लॉग हेतु नीचे link पर click करे..

https://wp.me/pbyD2R-1dG

BE HAPPY….BE ACTIVE….BE FOCUSED….BE ALIVE…

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..www.retiredkalam.com

Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

14 thoughts on “हर ब्लॉग कुछ कहता है -7

  1. सर, आपकी ब्लौग लेखन यात्रा ऩिसंदेह ही प्रशंसनीय है। यह आपकी प्रगतिवादी सोच को दर्शाती है।

    Liked by 1 person

    1. बहुत बहुत धन्यवाद प्रिय ..आप के शब्द मेरे लिए बहुमूल्य है , मेरा हौसला बढ़ाते है /

      Liked by 1 person

    1. बहुत बहुत धन्यवाद, आपने मेरे लेखन को सराहा / मैं आशा करता हूँ कि आगे भी इसी तरह स्नेह बना रहेगा /
      आपको ह्रदय से आभार ..

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    2. You are making a very productive use of your retired life and doing all creative things be it writing serial stories, memoirs, motivational blogs, poetry, sketching and drawing. May you continue to progress in your creative pursuits and attract more readers to your blog posts. Best wishes.

      Liked by 1 person

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