# तुम्हारा इंतज़ार है #…7

एक माटी का दिया है जो सारी रात अंधियारे से लड़ता है, तू तो भगवान् का दिया है तू किस बात से डरता है हथेली पर रख कर नसीब तू क्यों अपना मुकद्दर ढूंढता है सीख उस समंदर से जो … Continue reading # तुम्हारा इंतज़ार है #…7