तुम्हारा इंतज़ार है ….6

आज अनामिका बहुत खुश थी , आज वर्षो बाद राजीव से उसका सामना हुआ था | और उनके  बीच  की ग़लतफ़हमी भी दूर हो गई |

इतने दिनों से नफरत की आग में जल रही अनामिका को अपनी गलती का एहसास  हो चूका था | और  राजीव के प्रति उनके मन में जो कटुता थी वह भी समाप्त हो चुकी थी |

राजीव ने अनामिका की पढाई में  उसकी उपलब्धि के लिए बधाई  दी थी और साथ में एक सुन्दर सा ड्रेस भी गिफ्ट किया था |

 आज शादी के अवसर पर उसी ड्रेस को पहन कर अनामिका अजीब सी ख़ुशी का अनुभव कर रही थी | राजीव भी अपने मन की बातों को बता कर अनामिका की  नज़रों में एक महान इंसान  बन चूका था |

 राजीव भी बहुत खुश नज़र आ रहा था | और पुरे बारात के स्वागत और देख भाल की जिम्मेवारी  अकेले दम पर उठा रखा था |

वह  रात भर जाग कर शादी की रस्म पूर्ण होने तक मामा जी के साथ ही रहा | उनकी मदद करता रहा,  मानो उसकी सगी बहन की शादी हो |

शादी बहुत अच्छी तरह संपन्न हो गया और सुबह जब विदाई का वक़्त आया तो सभी की आँखे भर आयी | मामा – मामी तो फफक – फफक कर रोने लगे  | 

अनामिका के माँ -पिता जी उन्हें ढाढ़स बंधा रहे थे | वहाँ उपस्थित सभी लोगों के आँखों में आँसू थे | यह अवसर ऐसा ही होता है… जब लड़की अपने माँ बाप के घर को छोड़ कर अपने पति के साथ एक नयी  दुनिया बसाने को चल देती है, तो मायके सुना सुना सा हो जाता है  |

विदा होते समय रश्मि अनामिका के पास आयी  और उससे  लिपट कर रोने लगी और उसके बाद वहाँ खड़े राजीव की ओर कातर  नजरो से देखा, मानो  वह राजीव से विनती कर रही हो कि मेरी भूल चुक माफ़ करना और मेरी बहन अनामिका का ख्याल रखना  |

रश्मि की बिदाई होते ही सभी रिश्तेदार भी एक एक कर विदा होने लगे |

राजीव भी मामा – मामी से आज्ञा लेकर अपने नौकरी पर वापस जा रहा था | उसे जाते देख कर अनामिका की आँखे छलक आयी,  और वह हाथ हिला कर भींगी पलकों से उसे विदाई दी |

अनामिका को राजीव के वापस जाते समय दुःख तो हो रहा था लेकिन उसके  चेहरे पर एक संतोष का भाव भी था | इतने दिनों से मन में चल रही विचारो की जंग से आज़ादी मिल चुकी थी | अब राजीव उसके मन का एक आदर्श पुरुष बन चूका था |

अब शायद अनामिका के पढाई पूरी होने पर राजीव भी उसे पत्नी के रूप में स्वीकार कर लेगा …अनामिका घर के वरामदे में खड़े खड़े इन्ही सब बातों को सोच रही थी तभी माँ की आवाज़ ने उसकी तन्द्रा भंग कर दी |

माँ की आवाज़ सुनकर अनामिका भागी भागी उनके  पास आयी तो माँ ने कहा …तुम्हारे पिता जी को कुछ काम है गाँव में,  इसलिए हमलोग अभी ही जा रहे है |

तुम आज यही रुको और कल अपने  होस्टल चली जाना |  अगर तुम भी अभी चली जाती हो तो मामा – मामी को  यह घर बिलकुल  सुना सुना लगेगा | 

ठीक है माँ,  आज मैं रुक जाती हूँ …अनामिका ने कह कर माँ – पिता जी के पैर छू लिए और उन्हें छोड़ने के लिए दरवाज़े तक आई | माँ और पिताजी ने अनामिका को आशीर्वाद दिया  और रिक्शे पर बैठ गए स्टेशन जाने के लिए |

सचमुच रश्मि के विदाई के बाद घर बिलकुल सूना – सूना सा लग रहा था | एक तो काफी रिश्तेदार लोग वापस अपने अपने घरों को जा चुके थे और जो कुछ बचे थे वो खर्राटे भरकर सो रहे थे शायद रात की थकान को मिटा कर रहे थे |

अनामिका का तो बिलकुल भी मन नहीं लग रहा था …एक तो उसकी सहेली समान बहन अपने ससुराल चली गई थी और माँ – पिता जी अपने गाँव  | और सबसे बड़ी बात कि राजीव भी अपने शहर जमशेदपुर चला गया है |

उसने कल ही बताया था कि उसका ट्रान्सफर बोकारो सिटी से जमशेदपुर हो गया है |

जमशेदपुर शहर बहुत ही अच्छा है अगर मौका मिले तो ज़रूर आना …राजीव जाते समय बोल रहा था |

आज तो कॉलेज का क्लास भी है और मुझे सुबह १० बजे तक हर हाल में कैम्पस में पहुँच जाना होगा ….यही सोचते हुए अनामिका अपने सामान ज़ल्दी – जल्दी पैक कर रही थी |

तभी मामी आ गई और दुखी होते हुए अनामिका से कही …तुम अभी जा रही हो अनामिका ?

जी मामी,  सुबह – सुबह ही क्लास है और मैं उसे मिस नहीं करना चाहती …अनामिका मामी को समझाते हुए अपनी मज़बूरी बताई |

ठीक है ! लेकिन नास्ता कर के ही जाना …बोल कर मामी अपने दुसरे कामो में लग गई |

क्लास अटेंड करने के बाद अनामिका अपने हॉस्टल के कमरे में आयी  और अपनी किताब और नोट्स को एक जगह करने लगी | अब तो मुझे पढाई  में और मेहनत  करनी पड़ेगी क्योकि फाइनल परीक्षा होने वाला है, और मैंने राजीव से प्रॉमिस भी किया है कि उससे ज्यादा अंक ला कर दिखाउंगी .. . स्टडी टेबल पर बैठ कर अनामिका सोच रही थी |

रात हो चली थी इसलिए अनामिका  रात का खाना खा कर आई  और स्टडी टेबल पर बैठ कर आज से अपनी पढाई शुरू कर दी |

करीब आधा घंटा ही पढ़ी होगी कि कुर्सी पर बैठे बैठे ही उसे  नींद लग गई |  शायद रश्मि की शादी में ज्यादा काम करने की वजह से थकान  हो गई थी, तभी उसके  फ़ोन की घंटी बजी  और वह चौक कर उठ गई  |

घडी में देखा तो रात के बारह बज रहे थे | तुम अभी तक जाग रहे हो …अनामिका फ़ोन उठाते ही राजीव से पूछा |

हाँ अनामिका  ! जब भी तुम्हारे बारे में सोचता हूँ तो नींद गायब हो जाती है …राजीव रोमांटिक अंदाज़ में बोल रहा था .|

अनामिका की नींद भी गायब हो चुकी थी और उसकी रोमान्टिक  बातें सुनकर  अनामिका को समझ नहीं आ रहा था कि  इसका  कैसे ज़बाब दे |

फिर वह किताबी अंदाज़ में बोली….वो नज़रे  मिलाता नहीं और लफ्ज़ मेरे साथ देते नहीं ….इजहारे इश्क करे तो कैसे ?

वाह वाह,  तुम तो एकदम रोमांटिक मूड में आ गई हो | यही हाल रहा तो डॉक्टर की जगह शायर  बन जाओगी |

नहीं ..ज़नाब,  अभी मुझे बहुत पढाई करनी है …अनामिका ने कहा |

ठीक है… और तुम्हे डिस्टर्ब नहीं करूँगा .., गुड नाईट बोल कर फ़ोन कट गया |

जब दो इंसान इश्क में हो तो आस पास का वातावरण धुंधला सा हो जाता है | आपको अपने प्यार और साथी के अलावा और कुछ भी दिखाई नहीं देता | ऐसा ही हाल दोनों का हो गया था |

रोज़ रात में लम्बी लम्बी बातें होने लगी और कभी कभी तो वे अपने भविष्य के बारे में भी चर्चाएँ किया करते |

इसी तरह हँसी – ख़ुशी दिन बीतने लगे और अनामिका MBBS की परीक्षा पास कर ली |

घर आने पर अनामिका का खूब स्वागत हुआ | गाँव में तो एक बड़े  भोज का आयोजन किया गया  | पिता जी के साथ साथ गाँव वाले भी बहुत खुश थे | इस गाँव की कोई लड़की पहली बार डॉक्टर बनकर  गाँव की शान प्रतिष्ठा को बढाया था |

पिता जी ने उत्साहित होकर उसे MS करने की सलाह  दे डाली और अनामिका पिता की इच्छा को टाल  नहीं सकती थी |

अनामिका ने सोचा ….जब आगे पढना ही है तो अमेरिका में जाकर MS की पढाई क्यों ना की जाये | पैसों की कोई समस्या तो थी नहीं  | पिता जी ने उसके लिए हामी भर दी थी | वहाँ से पढाई करके निश्चित ही एक कामयाब डॉक्टर बन जाएगी |

और दो वर्ष के लिए अनामिका पढाई करने के लिए अमेरिका चली गई |

यहाँ  का माहौल कुछ अलग ही था | यहाँ की पढाई तो कठिन था ही,  साथ ही साथ यहाँ का नियम -क़ानून काफी सख्त थे | यहाँ पढाई के अलावा और किसी चीज़ की इजाजत नहीं थी |

यहाँ के एक प्रोफेसर के सुझाव  पर अनामिका  ने  MS करने के साथ एक “ वैक्सीन पर रिसर्च” कर रहे  ग्रुप में शामिल  हो गई | परिणाम यह हुआ वह काफी बिजी रहने लगी | पढाई लिखाई के अलावा और किसी काम के लिए फुर्सत ही नहीं मिलती थी |

अनामिका को छः महीने तो वहाँ के वातावरण में खुद को एडजस्ट करने में ही  निकल गए |

जब स्थिति कुछ सामान्य हुई तो उसने  यह महसूस किया कि माँ पिता का फ़ोन तो आता है , लेकिन राजीव का फ़ोन आना बंद हो गया |

शुरू में तो अनामिका ने यह समझा कि उसने राजीव को कुछ दिन से फ़ोन नहीं कर पायी है  तो गुस्से से राजीव भी फोन करना बंद कर दिया है ।

फिर एक दिन जब समय मिला तो अनामिका ने खुद ही राजीव को फ़ोन मिलाया | लेकिन  यह क्या ….फ़ोन नम्बर के बारे में …..invalid number .. बता रहा था ।. इसका मतलब था कि शायद राजीव ने किसी करना वश SIM change कर लिया है

लेकिन वो तो अपने नए नम्बर से मुझे फ़ोन कर ही सकता था …इसलिए अनामिका बहुत दिनों तक उसके फ़ोन का इंतज़ार करती रही | लेकिन उसका फ़ोन नहीं आया |

अनामिका को चिंता सताने लगी और फिर उसने रश्मि को फ़ोन लगाया और राजीव के बारे में जानकारी मांगी ।

रश्मि ने भी फ़ोन पर बताया कि शायद राजीव का नम्बर बदल गया है और उससे भी राजीव से बहुत दिनों से कांटेक्ट नहीं हो सका है |

अनामिका किसी अनहोनी आशंका को सोच कर परेशान हो उठी | फिर अगले ही पल अपने दिल को समझाया …… राजीव अपनी व्यस्तता के कारण उसे फ़ोन नहीं कर पा रहा होगा |

आज न कल उसका फ़ोन ज़रूर आएगा ..अनामिका बस इंतज़ार करती रही …..और राजीव का ना तो फ़ोन आया और ना ही उसकी कोई खबर आई ….. इस तरह देखते देखते दो साल गुज़र गए …..(क्रमशः)

इससे आगे की घटना जानने   हेतु नीचे link पर click करे..

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