हर ब्लॉग कुछ कहता है …1

जीवन का मूलमंत्र

मैं अभी अभी मोर्निंग- वाक से आया हूँ | सुबह के आठ बज रहे है और चाय का कप मेरे सामने है |     चाय की चुस्की लेते हुए मैं कुछ लिखने का प्रयास का रहा हूँ, जिसे ब्लॉग के रूप में आप सबों के साथ शेयर कर सकूँ |

आप ज़रूर जानना चाहेंगे कि ऐसी क्या बात हो गयी, जिसे आप सबों के साथ शेयर करने को उत्सुक हो रहा हूँ …..

बात यह है कि आज  मैं एक घंटा पहले घर के सामने स्थित चिल्ड्रेन – पार्क में टहल रहा था | और फिर थोड़ी देर टहलने के बाद वही एक जगह बैठ कर योगा करने लगा | यह मेरा रोज का नियम है |

उसी समय ३०-३५ साल का एक युवक मेरे पास आया और मुझे प्रणाम कर मेरे सामने ही बैठ गया | मुझे देखते हुए वो भी योगा करने लगा |

उसी दौरान उसने मुझसे बाते भी करनी शुरू कर दी | उसने अपना नाम जयंत बताया और यह भी कहा कि वो भी बैंक में नौकरी करता है और वो मुझे भी जानता है कि मैं एक बैंकर हूँ |

यह तो अच्छी बात है, लेकिन अब तो मैं  रिटायर हो गया हूँ …मैंने कहा |

जी सर, वो मैं जनता हूँ | दरअसल आप को मैं बताना चाहता हूँ कि आप से मैं बहुत मोटीवेट (motivate) होता रहता हूँ | आप का फेसबुक अकाउंट फॉलो करता हूँ , आप के सारे ब्लॉग पढता हूँ और यहाँ रोज़ आप को सुबह में देख कर ही मैं भी जॉगिंग करने आता हूँ …उसने  खुश हो कर कहा |

तुम तो मेरे बारे में इतना कुछ ऐसे बता रहा हो जैसे मेरी जासूसी कर रहे हो …मैंने  हँसते हुए कहा |

वो भी हंसने लगा और फिर कहा …मैं कुछ ही दिनों से आपको फॉलो कर रहा हूँ | लेकिन थोड़े ही दिनों में मैं अपने अंदर बहुत परिवर्तन महसूस करने लगा हूँ |

मैं  पहले मानसिक और शारीरिक रूप से बहुत कमज़ोर था, मुझमे नाकारात्मक सोच घर कर गई थी और मैं हमेशा बिना वज़ह के परेशान रहता था |

लेकिन मैं आपको आदर्श मान  कर आप के सभी अच्छे आदतों की नक़ल करने लगा और उसका नतीजा यह हुआ कि मेरी सभी तरह की दवाइयां बंद हो गई है और अब मैं बिलकुल स्वस्थ हूँ |

मैं उसकी इन बातों को सुन कर अवाक् रह गया | क्या हमारे जीवन  मोटिवेशन (motivation) का इतना महत्व है |

मैं खुद का भी विश्लेषण करने लगा …यह सच है कि मैं भी तो यही करता हूँ |

मैंने भी अपने आदर्श गुरु बना रखे है, हालाँकि मैं उनके पास नहीं जाता और ना ही उनसे मिल ही पाया हूँ | फिर भी उनकी Motivational  speech को सुनता हूँ | उनके जीवन संघर्ष की कहानी पढता हूँ |

एक काम और भी करता हूँ … सुबह सुबह रोज़  मोर्निंग वाक के समय अपने को motivate करने के लिए वाक के साथ साथ अपने motivational  song या motivational speech सुनता हूँ | इसके अलावा  धार्मिक गुरुओं की अध्यात्मिक बातों को भी हेड फ़ोन लगा कर सुनता रहता हूँ |

 इससे अपने अंदर एनर्जी महसूस करता हूँ | और यही एनर्जी  दिन भर  मुझे जोश से भरपूर रखता है |

 यह motivation क्या है ? और यह कैसे मेरे ज़िन्दगी पर प्रभाव डालती है | मैं इसका बारीकी से अध्ययन करने लगा हूँ /

मैं भी पहले हमेशा चिंतित रहता था, बहुत ही चिडचिडा हो गया था | छोटी छोटी बातों पर गुस्सा आ जाता था | मैं तो परेशान रहता ही था. हमारे साथ रहने वाले,  यहाँ तक कि ऑफिस के सहकर्मी भी मुझसे परेशान रहते थे |

मुझे इस बात का भली भांति एहसास था लेकिन मैं इसे अपना स्वभाव समझ लिया था और अपने को असहाय महसूस करता था |

एक दिन मोर्निंग वाक के दौरान पार्क में एक ऐसे इंसान से मुलाकात हुई जिसकी बात ने मेरी ज़िन्दगी बदल दी |

उन्होंने बताया कि वो एक रिटायर्ड इंजिनियर है, और एक सामाजिक संस्था से जुड़े हुए है | वो हमेशा खुश रहते है , क्योकि जब कभी भी मानसिक तनाव  होता है उसे अच्छी तरह manage कर लेते है | उन्होंने उस सामाजिक संस्था में अपना रिटायरमेंट से प्राप्त राशी का बड़ा हिस्सा दान कर दिया है |

 और अपने पेंशन की राशी से अपना गुज़ारा करते है | पत्नी का स्वर्गवास पांच साल पहले हो चुकी है . और एक बेटा है जो विदेश में रहता है |

वे यहाँ अकेले ही अपने खुद के मकान में रहते है, लेकिन वो संस्था के लोग अपने परिवार जैसे लगते है, और अकेलापन महसूस नहीं होता है | उन्होंने बताया कि वो जिस संस्था से जुड़े हुए है वो संस्था लाचार और मानसिक रूप से कमज़ोर बूढ़े लोग के लिए काम करता है |

यह संस्था  उनलोगों की देख भाल, खाना पीना और स्वस्थ सम्बन्धी सारी ज़िम्मेवारियों को उठता है |

यूँ देखा जाये तो हम सब भविष्य की काल्पनिक और नकारात्मक बातों को सोच कर अपने वर्तमान को डर डर कर जीते है  और ज़िन्दगी को नरक बना लेते है |

जबकि आज जो हमारे सामने है  यानी कि वर्तमान, उसी की चिंता करना चाहिए और उसी को सही ढंग से जीना चाहिए |

अगर हम अपने वतर्मान पर ध्यान देने लगे  और उसे सही ढंग उसे जीने लगे तो समझिये कि हमने ज़िन्दगी का राज समझ लिया है …..और यह हमारे मानसिक और शारीरिक संतुलन बनाने में मदद करती है |

क्योकि कल तो हमेशा कल रहता है,  तो हम कल की चिंता कल करेगे, उसके लिए अपना आज क्यों ख़राब करें |

अपने आज को मस्त होकर एन्जॉय कीजिये और अपने साथ साथ दूसरों को भी खुश रखिये, यही सुखी जीवन का मूलमंत्र है …आप का क्या विचार है…???.

इससे अगला ब्नलॉग के लिए नीचे दिए link को click करें…

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BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

4 thoughts on “हर ब्लॉग कुछ कहता है …1

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