तस्वीर बनाता हूँ मैं

आज का ब्लॉग लिखने में कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा है | वैसे प्रत्येक ब्लॉग लिखने में ख़ुशी महसूस होती है  लेकिन आज कुछ अलग तरह का अनुभव कर रहा हूँ /

 मैंने आज ही सुबह एक ब्लॉग पोस्ट किया था “Journey of artist”  अपने ड्राइंग एंड पेन्टिंग के साथ | थोड़ी ही देर में मेरे दोस्त कामरान का फ़ोन आया और वह आश्चर्यचकित होकर बोल रहा था ..अरे, वर्मा जी.. ,आप को बहुत बहुत मुबारक हो |

मैंने पूछा ..भाई, किस बात के लिए मुबारक ?

इतनी अच्छी पेन्टिंग बनाने के लिए ./..

आपने  इतनी अच्छी पेन्टिंग बनाना कब सिखा ? पहले तो कभी इस शौक के बारे में आप से चर्चा सुना ही नहीं था |

अरे भाई यह सब लॉक डाउन  का असर है …मैंने कहा /

अगर ड्राइंग-पेन्टिंग नहीं बनाता,  और ब्लॉग नहीं लिखता तो मुझे घर में फालतू पड़े रहने के बदले घर के काम करने पड़ते | आज कल दाई- नौकर सभी को कोरोना के कारण छुट्टी दे दिया गया है  |

बर्तन साफ़ करना. कपडे धोना, झाड़ू लगाना और ना जाने कितने काम होते है घरों में, जिसका अहसास रिटायरमेंट के बाद घर में रहने के बाद ही हुआ है |

मुझे पता है कि यह सब घरेलु काम हम से होगा नहीं, इसीलिए कोई मुझ से यह सब काम करने के लिए कहे, इससे  अच्छा है कि एक लैपटॉप पकड़ कर बैठ जाऊं या पेपर – पेंसिल लेकर कुछ आड़े – तिरछे लाइन खींचता रहूँ, ताकि हमें बिजी समझ कर लोग घर के काम- काज करने को ना कहे |

हमें तो  झूठ – मुठ का अपने को  व्यस्त दिखाना पुरानी आदत है | और उसी का परिणाम है कि आज एक ब्लॉग लिख कर और उसमे कुछ आड़े -तिरछे अपने ड्राइंग -पेन्टिंग बना कर पोस्ट कर दिया है …. मैंने पूरी भूमिका के साथ कामरान को सच्ची बात बताई /

वो तो ठीक है, लेकिन आप ने इतनी अच्छी इंग्लिश में ब्लॉग लिखा कैसे ? मैं तो आप को शुरू से जानता हूँ ,आप की इंग्लिश उतनी अच्छी नहीं थी, अचानक इतनी अच्छी इंग्लिश में स्टोरी बना कर कैसे लिख लिया ?..उसने आश्चर्य से कहा |

अब उसको कौन बताये कि उलटे- सीधे इंग्लिश में ब्लॉग लिख कर मैं अपने छोटे बेटे से एडिट करवाता हूँ और वह मेरी गलतियों को सही कर देता है और अपना ब्लॉग  उसी का परिणाम है | हालाँकि बेटे को  इंग्लिश लिखना- पढना  मैंने ही सिखाना था बचपन में | आज भले ही अपना काम उससे करवाना पड़ता है |

खैर, जो भी हो, आज मैं बहुत खुश हूँ, क्योंकि आज तो बहुत सारे कॉम्प्लीमेंट मिल रहे है .यही तो मुझमे जोश की कमी महसूस होने नहीं देता है /

उसी का परिणाम है कि मैं अभी अभी फिर एक नया  ड्राइंग बनाया हूँ और इस ब्लॉग के साथ पोस्ट कर रहा हूँ |

मुझे ऐसा महसूस होता है कि अगर किसी से कुछ उम्मीद ना हो, लेकिन वो वैसा काम कर देता है,  तो लोगो को सरप्राइज होना लाज़मी ही है |

मेरे साथ भी यही सब हो रहा है / लोग कॉम्प्लीमेंट  भी दे रहे है और आश्चर्य भी प्रकट कर रहे है |

यह सत्य है कि मेरा साहित्य से दूर दूर का नाता नहीं है, फिर भी मैं कहानियाँ लिख रहा हूँ / और लोगो को पसंद भी आ रहे है / इसीलिए ढेर सारे कॉम्प्लीमेंट भी मिल रहे है हर एपिसोड के लिए |..और यही  कॉम्प्लीमेंट मुझे और अच्छा लिखने के लिए प्रेरित करता  है /

आज भी मुझे याद है जब स्कूल के दिनों में प्रोजेक्ट के लिए ड्राइंग बनाना पड़ता था तो अपने दोस्तों की खुशामद  करता था कि वो  मेरा भी ड्राइंग  बना दे | शुरू -शुरू में तो दोस्त – यार बना दिया करते थे …पर जब उन्होंने देखा कि यह तो हमेशा का धंधा है तो उन्होंने भी मेरी प्रोजेक्ट की ड्राइंग बनाने से मना कर दिया |

और तब हमारे पास और कोई चारा नहीं रहता था तो मैं बल्ब और ग्लास की मदद से टोपो करके  ड्राइंग की नक़ल करता और  प्रोजेक्ट सबमिट करता था | मेरे कहने का मतलब कि कागज़, रबर, पेंसिल और उसकी मदद से कोई आकृति बनाना कभी सपने में भी नहीं सोचा था /

लेकिन आज लॉक डाउन  में खालीपन को दूर करने और समय का उपयोग करने के लिए स्केच / ड्राइंग  बना रहा हूँ… …धड़ल्ले से बना रहा हूँ और आश्चर्य की बात यह कि लोग पसंद भी कर रहे है ./

जैसा कि  हम सभी जानते है कि जब भी कुछ नया काम शुरू किया जाता है तो कुछ व्यवधान आता ही है, ..आज कल मैं भी महसूस कर रहा हूँ ,.यहाँ मेरी पत्नी इस पर कड़ी नज़र रखती है .. इसमें भी कुछ पाबंदियां लगा दी गई है, मेरी पत्नी के द्वारा /  

हमें कैसी फोटो बनानी है, पहले उनसे इजाजत लेनी पड़ती है और मुझे विषय और किस तरह के चित्र बनाने है, उसे मैडम के सेंसर से पास कराना पड़ता है / मेरी पत्नी द्वारा सीमा तय  किया हुआ है कि जवान लड़कियों की कैसी तस्वीर बना  सकता हूँ ,और उन्हें कैसी पोशाक में दिखा सकता हूँ……यह सब ध्यान में रखना पड़ता है ………..साधारणतया  गाँव की पोशाक और वो भी पूरी पोशाक में चित्र बनाने की अनुमति मिलती है | कभी कभी  ,वेस्टर्न टाइप पोशाक में यानी की कम कपड़ो में किसी जवान लड़की का सुन्दर सा फोटो बनाता हूँ तो मैडम  जल भुन जाती है /  अब आप ही बताइए,  जब किसी लड़की का स्विमिंग पूल में तैरते हुए फोटो बनाऊंगा,  तो पुरे कपड़ो में तो नहीं बना सकता  / तो  यही कभी कभी ओरिजिनालिटी से समझौता करना पड़ता है / लैंडस्केप  जानवर, पक्षियों के फोटो बनाने की  पूरी छुट है ./

 लेकिन फिर भी जब तक मेरी ड्राइंग पूरी नहीं होती है तब तक उस पर कड़ी नज़र रखी  जाती है / कभी कभी तो मुझे खीझ आती  है कि  इससे तो अच्छा होता कि झाड़ू-पोछा ही कर लेता | फिर ख्याल आता है कि दोस्तों की वाहवाही और कॉम्प्लीमेंट क्या दिखा कर ले सकता हूँ |

और इसी के चक्कर में नित नए रोज़ ड्राइंग बनाता  हूँ और ब्लॉग लिख कर दोस्तों के  कॉम्प्लीमेंट का  इंतज़ार करता हूँ / और इसी  वाहवाही पाने के चक्कर  में मैं इतना दूर आ गया हूँ कि लोग मुझे एक आर्टिस्ट  और रचनाकार के रूप में पहचानने लगे है /

.मैंने कहीं सूना था कि मज़बूरी भी कभी कभी वरदान बन जाता है ..और यह आप के सामने है मेरी मज़बूरी का परिणाम …….वैसे आप सब लोगों को बताना चाहता हूँ कि अभी तो मेरी यात्रा शुरू हुई है,  मुझे आगे जाना है …मुझे बहुत आगे  जाना है ….जाऊंगा भी …बस शर्त एक है कि आप सब इसी तरह मुझे प्रोत्साहित करते रहे,  अपना  प्यार और स्नेह मुझ पर बनाये रखे और आपस में एक दुसरे से जुड़े रहे  |

चाहे जितनी भी पाबन्दी हो,  बर्तन साफ़ करने और झाड़ू पोछा करने से तो बेहतर  विकल्प यही नज़र आता है और कभी कभी चुपके से उनसे नज़र बचा कर अपने पसंद की तस्वीर बना लेता हूँ और उसे पोस्ट कर के खुश हो लेता हूँ…  ..आप का क्या ख्याल है ?…. ,मुझे अपने विचार से अवगत ज़रूर कराएँगे |

इससे पहले के ब्लॉग हेतु नीचे लिखे link को click करें…

https://retiredkalam.com/2020/07/19/journey-of-an-artist/

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

10 thoughts on “तस्वीर बनाता हूँ मैं

  1. आपके इस लेख में सच्चाई की महक है जो सबके दिल तक पहुंचने के लिए सक्षम है । ऐसे ही लिखते रहिए और कागज पर खूबसूरत रंग बिखेरते रहिए ।

    Liked by 1 person

    1. आप के शब्द हमारे किये प्रेरणा का काम करती है | आप ने मेरा उत्साह बढाया है, मैं आपका आभारी हूँ /मेरी कोशिश ज़ारी है … बहुत बहुत धन्यवाद /

      Liked by 1 person

  2. truly, you are a wonderful friend and I appreciate your love .kindness and support .
    thanks for your beautiful comment that keeps me going….stay connected and stay happy..

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