# नमक हराम #….2

ढूँढ तो लेते कभी का तुम्हे शहर में भीड़  इतनी भी न थी पर रोक दी तलाश हमने जब जाना  खोये नहीं बल्कि  बदल गए थे तुम || अदालत की जंग रात के आठ बज रहे थे और चौपाल में … Continue reading # नमक हराम #….2