पिता जैसा कोई नहीं

एक बाप ने अपने बच्चे की परवरिश बड़े लाड प्यार से किया |..उसे एक अच्छा इन्सान बनाया, एक अच्छी नौकरी मिली  और ज़िन्दगी में अपना एक मुकाम बनाया | तब वो बाप कुछ इत्मीनान होता है कि उसने  कर्त्तव्य को ठीक ढंग से निभाया है, अब उसका शारीर भी बुढा हो चला, परन्तु उस बाप ने एक गलती कर दी, वो उस बेटे से कुछ उम्मीदें लगा बैठा ….

किसी के क्या खूब कहा है …

जेब खाली हो फिर भी मना  करते नहीं देखा

मैंने पापा से आमिर इंसान नहीं देखा ..

एक बच्चा अपने पापा के साथ garden में खेल रहा था, मस्ती कर रहा था | तो पापा ने सोचा कि क्यों ना खेल खेल में इसे कुछ सिखाया जाए | तो उन्होंने कहा… बेटा आज हम gardening  करना सीखेंगे | आप को बताऊंगा कि ..पौधा  कैसे लगाते  है,  उसकी देख भाल कैसे करते है, उसमे  पानी कैसे देते है |..

छोटा बच्चा तैयार हो गया | बोला.. हाँ पापा , आप की  तरह मैं  भी gardening  करूँगा | तो ठीक है मैं जो बोलूँगा वैसा तुम करना..पापा ने समझाया | वो छोटा बच्चा अपने पापा को इस काम में मदद करने लगा | कभी पाइप लाकर देता तो कभी पानी | जो भी काम उसके वश में था वो कर रहा था | उसके पापा पौधे लगा रहे थे | और वो बड़े ध्यान से यह सब  देख रहा था | तभी पापा को  ख्याल आया कि  खेल खेल में कुछ काम की बातें भी सिखाई जाए,  इसे कुछ दुनियादारी की  बातें सिखाई जाए |

उन्होंने उस  बच्चे को आवाज़ देकर अपने पास बुलाया और कहा कि तुम एक काम करो | Garden के उस छोड़ पर जो वो एक पत्थर पड़ा है | तुम वहाँ जाकर उसे साइड कर दो और वहाँ के मिटटी को ठीक करो,  हम उस जगह एक सुंदर पौधा लगायेंगे |  बच्चे को यह काम पसंद आ गई, तो उसने कहा ..ठीक है पापा.. और फिर दौड़ते हुए उस जगह पर पहुँच गया | और जोर लगा कर पत्थर को साइड करने का प्रयास करने लगा, लेकिन पत्थर भारी था, इसलिए पत्थर टस से मस नहीं हो सका |

क्योकि बालक था तो बहुत छोटा, इसलिए कितना भी कोशिश करता रहा पर वो उस पत्थर को हटा नहीं पा रहा था | वो दौड़ कर अपने पापा के पास वापस आया और आकर कहने लगा ..पापा आप ने मुझे बहुत बड़ा task दे दिया | यह task मुझसे नहीं हो पायेगा | तब उसके पापा ने कहा कि बेटे …तुम मेरी बात ध्यान से सुनो…आप को वह पत्थर  साइड करना ही है और इसके लिए आप के पास जितने tricks है  ideas है उन सभी का उपयोग करना है | ताकि वह पत्थर आप हटा सको | यह पापा के तरफ से आप को challenge है |

बच्चे ने जब  challenge की  बात सुनी तो उसमे जोश आ गया और  वह दौड़ कर वापस उस जगह पर पहुँचा  और फिर से जोर आजमाइस करने लगा | उसने अपने तरफ से सारे तरीके आजमा लिए, फिर भी वह नन्हा सा  बालक बेचारा सफल नहीं हो पाया | बच्चे  से जब वो पत्थर नहीं हटा तो वो दुखी हो गया और जिद और गुस्से के कारण वो वही जमीन पर लोट -लोट कर रोने लगा |

जब बच्चे की  जिद पूरी नहीं होती है तो वह इसी तरह रोने लगता है | इसीलिए वो छोटा बालक गला फाड़  कर मम्मी मम्मी बोलकर रोने लगा ..उसकी आँखों से आँसू निकल रहा था |

जब पापा ने उसके रोने और चिल्लाने की  आवाज़ सुनी तो उन्हें लगा कि उसे पत्थर से चोट लग गया है ..इसलिए दौड़ कर उसकी मदद को  उसके पास गए | लेकिन उन्होंने देखा कि  बच्चा ठीक था उसे कही चोट नहीं लगी थी ..सिर्फ जोर जोर से रोये जा रहा था .|

तो घबरा कर पापा ने पूछा …बेटा क्या हुआ जो तुम इतना जोर जोर से रो रहे हो | तो बच्चे ने भोलेपन से कहा कि आप ने मुझे बहुत कठिन task दे दिया है, यह task आप को नहीं देना चाहिए था | हम  जैसे छोटे बच्चे को इतना भारी पत्थर हटाने को नहीं कहना चाहिए था |

तब उसके पापा ने उसे समझाया कि मैंने आप से जो कहा था ..उसे शायद गौड़ से सुना नहीं | मैंने कहा था कि आप अपने सारे tricks लगाना, सारे तरीके अपनाना और किसी तरह इस पत्थर को हटाना है |

तब बच्चे ने रोते हुए भावुक होकर कहा कि पापा मैंने तो सारी trick लगा ली थी फिर भी पत्थर नहीं हटा पाया | आप ने सचमुच बहुत बड़ा task दे दिया इसलिए सफल नहीं हो पाया | तब पापा  ने कहा कि ..बेटे., आपने अपनी सारी trick नहीं लगाई | एक trick और थी आप के पास, जिसे आप  भूल गए | बच्चा कौतुहल से पापा की  ओर देखा और बोला कि कौन सा trick पापा ..

तब पापा के कहा कि आप हमें आवाज़ देना भूल गए  ..अगर आप मुझे help के लिए बुलाते तो मैं ज़रूर आता और मैं उस पत्थर को साइड में कर देता आप का task पूरा हो जाता | 

life में कभी भी आप को problem आए तो आप अपने पापा को ज़रूर याद करना | हम हमारी ज़िन्दगी में कई बार उन्हें याद करना भूल जाते है, जिन्होंने पूरी ज़िन्दगी हमारे लिए हर पल हर limit को cross कर हमारी इच्छाओं को पूरी करते है |  

चाहे क्रिकेट बैट दिलाने की  बात हो चाहे trip पर ले जाना हो | पिता वो होता है जो अपने बच्चो के लिए ज़िन्दगी में अपने समर्थ से ज्यादा करने की  कोशिश करते है | आप उन्हें हमेशा याद रखे, क्योंकि वो मदद के लिए हमेशा तैयार रहते है | और मदद करने की  स्थिति में ना भी हो तो अपने अनुभव से कोई ना कोई सलाह  ज़रूर देगें जो आप के काम आएगी | जिससे आप वो काम करने में सफलता पा सकते है..

ज़िन्दगी में अपने पिता को कभी ना भूलें उनको due respect और प्यार दें,, उनको कभी भी हर्ट नहीं करे,

और  हां, आप अपने Godfather को भी कभी ना भूलिए जो हम सबके पिता है ..परमात्मा.| वो हमारी मदद के लिए सदैव  तैयार रहते है | वो  किसी ना किसी रूप में हम सब की  मदद करता है | रोज सुबह उठ कर उनके प्रति  gratitude के भाव प्रकट करें | आप हर मुसीबत को पार करने में सक्षम होगे |…

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सोचता हूँ कहाँ से कहाँ आ गए हम

इस विज्ञानं के युग में भावनाओं को खा गए हम

अब एक भाई दुसरे भाई से सामाधान कहाँ पूंछता है ?

अब बेटा बाप से उलझनों का निदान कहाँ पूछता है ?

बेटी नहीं पूछती माँ से गृहस्थी के सलीके ,

अब कौन गुरु के चरणों में बैठ कर ज्ञान की परिभाषा सीखता है ?

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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Published by vermavkv

I am Vijay Kumar Verma, residing in Kolkata, the city of joy. I was a Banker since December 1985 and retired in April 2017 from State Bank of India. After serving the Bank for 32 years as an officer holding different assignments from time to time, now I am currently enjoying the retired life. I would like to fulfil the duty of social service through this platform spreading aware about the health related problems and their remedies. I will also try to entertain my followers through knowledgeable information and motivate them to enjoy better and quality lifestyle. It is my endeavour to keep the post friendly and as informative as I can. I am willing to connect with my friends and followers, through my stories and drawings out of my passion to write and make sketches. I would like to create a trusted and joyful friend circle, and share tales from the past

16 thoughts on “पिता जैसा कोई नहीं

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