रामायण की बातें

“करोना”  का कहर ऐसा कि हमलोग lockdown के तहत घरों में बंद है और  हमें तरह  तरह की  बातें सुनने को मिल रही है ..कोई  अच्छी भोजन बनाकर पत्नी को खुश कर रहा है तो दूसरी तरफ कोई stress के कारण अपनी पत्नी को ही पीट रहा है…इन्हीं सब घटनाओं  के  मध्य नज़र सरकार ने एक अच्छा काम किया है कि हमारे मनोरंजन के लिए  पौराणिक धारावाहिक रामायण और महाभारत का पुनः प्रसारण शुरू कर दिया गया  है |

रामायण को देख कर लोग खूब मनोरंजन कर रहे है |..लेकिन इस वक़्त की  ज़रुरत है कि उन रामायण में बताई गई बातें जो आज के समय में भी प्रासंगिक है, उसे समझे और  दिल से ग्रहण करें | ताकि फिर से सतयुग की  परिकल्पना की  जा सके | वैसे प्रकृति ने अपना रूप तो  दिखा ही दिया  है आज वो हमें घरों में कैद कर रखा है और  हमारे द्वारा फैलाई गई गन्दगी को खुद साफ़ कर रही है,  और  इसीलिए तो आज आकाश इतना स्वच्छ और  साफ़ दिखाई देता है ..

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अब कुछ रामायण की  बातें की जाए..

रामायण के अलग अलग प्रसंग से हमें बहुत  सारी शिक्षा मिलती है, जिसे हम अपनी ज़िन्दगी में उतार कर शांतिपूर्ण और  सुखमय बना सकते है | इसीलिए रामायण  देखने और  सुनने से ज्यादा महत्वपूर्ण है कि उसमे कही गई बातें समझे और  अपने जीवन में उसे उतारें | आइये बहुत थोड़े शब्दों में कुछ अच्छी बातों को जाने …

यह सत्य है कि मनुष्य के मन और  पैराशूट में बस यही एक समानता होती है कि ये दोनों तब काम करते है जब ये दोनों खुले होते है | इसीलिए मन को खोलना भी ज़रूरी है |

वक्त कब क्या रंग दिखा दे ..कोई नहीं जानता, वर्ना जिस राम को रात में राजगद्दी मिलने वाली थी उसे अचानक सुबह वनवास का फरमान ना सुनने को मिलता | और  यह भी कह सकते है कि lockdown और  कैरोना ने भी वक़्त के सितम को दिखला दिया | ऐसा कि जो लोग अपने को भगवान के समान  समझने लगे थे आज घुटनों के बल आ गए है |

यह घंटना यह बताती है कि मनुष्य हो या भगवान .. वक़्त के आगे सभी को मजबूर होना  पड़ता है | ज़िन्दगी में कठिन परिस्थितियों का सामना करके ही आगे बढ़ना  पड़ता है | लोग भगवान की  पूजा तो करते है पर कभी भी उनके चरित्र की  अच्छी आदतों को ग्रहण नहीं करते है |.

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भगवान श्री राम ने हर परेशानी को हँसकर स्वीकार किया और  अपने जीवन को उदाहरण बनाया और  बताया कि जीवन एक ऐसा सफ़र है जहाँ इंसान को हर तरह का अच्छा और  बुरा तजुर्बा मिलता है | अच्छे पलों  का तो हम भरपूर आनंद उठाते है पर मुश्किल की  घडी में हम अक्सर अपने भाग्य को कोसने लगते है |  यह बात हम सभी जानते है कि वक़्त कैसा भी क्यों ना हो  अपने साथ साथ कोई ना कोई सबक ज़रूर लाता है | लेकिन कभी कभी हम उस सबक को समझ पाने में सक्षम नहीं हो पाते |

हम हमेशा अपने जीवन काल के उस दुःख के समय में  खोए रहते है उससे उभर नहीं पाते | दुःख की  घडी तो आती है लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम अपने बुरे वक़्त को लेकर बैठे रहें, बल्कि हमारा फ़र्ज़ यह बनता है कि अपने जीवन काल की  मुश्किल घड़ियों से सीख ले और  आगे बढे |

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रामायण में  यह बात साफ़ साफ़ अंकित है कि दूख से बड़ा कोई शत्रु नहीं है | दुःख व्यक्ति का साहस ख़त्म कर देता है | वह व्यक्ति की  विवेक को ख़तम कर देता है और  धीरे धीरे  सब कुछ नष्ट कर देता है |

कहने का तात्पर्य इतना कि भुत काल की  दुखद घटनाओ को छोड़ वर्तमान में जीने का प्रयास करना चाहिए | क्योंकि जो बीत गया वो कभी लौट नहीं सकता | लेकिन आप अगर उसके दुःख में रहेंगे तो जीवन में कभी कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे |

रामायण के अनुसार किसी भी नेक और  खुश इंसान में कुछ मौलिक गुण होते है जैसे ..उदास और  दुखी ना होना,  अपने कर्तव्य पालन की  इच्छा और क्षमता रखना , और  विपरीत परिस्थितियों का बल पूर्वक सामना करने की  क्षमता होना |

हालाँकि मनुष्य हमेशा प्रसन्न रहे ऐसा संभव नहीं है क्योंकि  प्रसन्नता  और  दुःख किसी के जीवन में आते जाते रहते है | ऐसा हो ही नहीं सकता कि किसी के जीवन में लगातार सुख रहे और  किसी के जीवन में लगातार दुःख बनी रहे | इसीलिए दुखो से हार कर जीवन को अंत कर देना ठीक नहीं है बल्कि उससे लड़ कर ही सुख और  आनंद का रास्ता निकलता है |

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जो व्यक्ति हमेशा अच्छा मीठा बोलता है, हर समय अपनी भाषा का ध्यान रखता है | किसी भी परिस्थिति में बुरे शब्दों का उपयोग नहीं करता … वह व्यक्ति जीवन में हमेशा प्रगति करता है | यह शाश्वत सत्य है कि बोलने से पहले शब्द हमारे वश में होता है और  बोलने के बाद हम उसके वश में हो जाते है | बोले गए शब्द  ऐसी चीज़ है जिसकी वजह से इंसान या तो दिल में उतर जाता है या दिल से उतर जाता है | इसीलिए हमेशा अपनी बात को सोच समझ कर ध्यान पूर्वक कहे  क्योंकि हम तो कोई बात बोल कर भूल जाते है लेकिन लोग उसे हमेशा याद रखते है.|

 भगवान राम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है क्योंकि राम ने अपने जीवन काल में कभी भी मर्यादा का उलंघन नहीं किया | वो हमेशा मर्यादा में रहे अपने अनुशासन का पालन किया | अनुशासन सुखी जीवन के लिए महत्वपूर्ण है | मर्यादा और  अनुशासन जीवन में आने वाले संघर्ष से जूझने की  शक्ति देती है | और  हमारे जीवन को सुखमय बनाता है |

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एक बात  और… अच्छी  संगत मनुष्य की  तरक्की के लिए बहुत ज़रूरी है | अगर वो गलत संगत में है तो जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता रुक जाता है | जैसे कैकई ने दासी मंथरा  की  गलत बातों में आकर राम को १४ वर्षों का वनवास पर भिजवाया था | अगर वो उसके गलत संगत  में नहीं होती तो उसका नाम इतिहास में विलेन के रूप में नहीं लिया जाता |

सब कुछ जानते हुए भी भगवान राम ने वनवास जाने का आदेश को स्वीकार किया,  क्यों कि यह सत्य है कि बच्चो के लिए उस क़र्ज़ को चुकाना मुश्किल है जो उनके माता पिता ने उन्हें बड़ा करने में खर्च कर दिया होता है |

रावण   ज्ञानी था, धनी भी था,  किन्तु अपने अहंकार और  क्रोध के कारण उसने सब कुछ नष्ट कर लिया | इससे यह बात सिद्ध होती है कि जीवन में सफल होने के लिए अहंकार और  क्रोध पर नियंत्रण बहुत ज़रूरी है | दूसरों को नुक्सान पहुँचाने के चक्कर में हम खुद का ही घर जला डालते है ..जैसा china का  हश्र हो रहा है |

और   रामायण से यह भी सीख मिलती है कि लक्ष्मण रेखा को कभी पार करने की  कोशिश नहीं करनी चाहिए, आज के परिपेक्ष में यह और भी ज़रूरी है कि हम अपने घरों से बाहर ना निकले और  सरकारी सलाह को मानते हुए लक्ष्मण रेखा का सम्मान करें….

इस तरह हम पाते है कि रामायण एक गाइड है  जो हमें जीवन जीने की कला  सिखाती है ..आइये हम सभी, रामायण में  बताई बातों का पालन करे और  एक सुखी इंसान बनें ….

ज़िन्दगी के रथ में लगाम बहुत है

अपनों के अपनों पर इलज़ाम बहुत है

ये शिकायतों  का दौर देखता हूँ तो थम जाता हूँ

लगता है उम्र के साथ साथ इम्तेहान बहुत है

शिकायतें ज़िन्दगी के कभी ख़त्म होने का नाम नहीं लेती है

जितना सुलझाता हूँ ..हर रोज़ नई  उलझ जाती है …

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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6 thoughts on “रामायण की बातें

  1. Ramayan and Mahabharata surprise us with the age old values of mankind; they advocate even before Iron Age! They are more relevant in these days. Your analogy between parachute and mind is unique. Keep it up.

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  2. यह सत्य है कि मनुष्य के मन और पैराशूट में बस यही एक समानता होती है कि ये दोनों तब काम करते है जब ये दोनों खुले होते है | इसीलिए मन को खोलना भी ज़रूरी है |
    :
    वाकई आपके शब्दो के चयन को साधुवाद, आप मे एक अच्छे लेखक के सर्वगुण है, लिखते रहिये, पुस्तक के रूप में प्रकाशित करे !

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर जी / आपकी कही बातें मेरे लिए प्रेरणा स्रोत है / आप आगे भी मार्ग दर्शन करेंगे, ऐसी आशा करते है /

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