# प्रभु की माया #

आज थोड़ी सी चुक की वजह से सारा देश परेशान है | , यह मरकज़ जमात की सोच, कि खुदा हमारी रक्षा करेगा | और जमीनी हकीकत से कोसों दूर, बस हम अपनी बात को सही सिद्ध करने में लग गए |

धर्म का पालन करना अच्छी बात है ,लेकिन आप की वजह से दुसरे परेशानी में आ जाए, ऐसा तो कोई धर्म नहीं सिखाता है |

हमें ऐसी बातो से बचना चाहिए और आज जो medical science  कह रहा है उसका सही – सही पालन करना चाहिए |

इसी हकीकत की ओर इशारा करता एक छोटी सी कहानी, परन्तु बड़ी सिक्षा देती है |

एक गाँव में एक महात्मा रहते थे |, वो सच्चे मन से भगवान की पूजा किया करते थे | उनको ऐसा विश्वास था कि जब तक प्रभु अपने साथ है तब तक हमारा कभी अहित नहीं हो सकता |

वो दिन भर प्रभु की सच्चे मन से पूजा उस गाँव  में बने मंदिर में किया करते  और पास ही अपनी कुटिया में रहते थे / उन्हें अपने प्रभु पर अटूट विश्वास था | साथ ही साथ वो मानवता  की भी सेवा दिल से करते थे |

एक बार पास के पहाड़ी क्षेत्रों में ज्यादा वर्षा होने की वजह से गाँव में बाढ़ के स्थिति बनने लगी | गाँव वालो ने मिल कर फैसला लिया कि गाँव को छोड़ कर कही सुरक्षित जगह चले जाना चाहिए |

जब सभी लोग गाँव छोड़ कर जाने लगे तो महात्मा जी से भी आग्रह किया गया कि आप भी गाँव छोड़ कर चले |

इस पर महात्मा जी ने हँसकर उनकी बातो को टाल गए और कहा — आप लोग जाओ ,मुझे कुछ नहीं होगा| मुझे प्रभु में विश्वास है वो हमारी रक्षा करेंगे|

एक एक करके पूरा गाँव खाली हो गया और इस बीच गाँव का पानी बढ़ने लगा | पानी इतना बढ़ गया कि गाँव में नाव चलने लगा |

एक नाविकों का बचाओ दल यह देखने के लिए आया कि कोई गाँव में अब भी कोई फसां तो नहीं रह गया है | ,

तभी उनलोगों  ने कुटिया में एक महात्मा जी को देखा | वे लोग उनके पास जाकर कहा — हम आपको बचाने आए है, आप हमारे साथ नाव में चलिए | वर्ना आप इस बढती पानी में नहीं बच पाएंगे |

महात्मा जी ने आत्मविश्वास के साथ मुस्कुताए और बात को फिर टाल दिया ओर बोले — आप लोग मेरी चिंता ना करे, | मेरे प्रभु मुझे कुछ नहीं होने देंगे / आप लोग जाओ |

वे नाव में आये बचाओ का दल  वापस चला गया | परन्तु पानी तो दिनों – दिन बढ़ता ही रहा और कुटिया में भी पानी घुस गया | तब महात्मा जी बड़ी मुश्किल से जान बचाने के लिए गाँव के एक ऊँचे टीले पर जाकर एक पेड़ पर चढ़ गए और प्रभु से गुहार करने लगे ..प्रभु मुझे बचा लो |

source:google.com

तभी एक हेलीकाप्टर की आवाज़ आयी | हेलीकाप्टर में बचाओ दल बाढ़ में फसें लोगों की मदद के लिए आ रहा था, | तभी उन लोगों से महात्मा जी को एक ऊँचे टीले के एक पेड़ पर लटका हुआ देखा |

वो बचाओ दल वालों ने अपना हेलीकाप्टर को महात्मा जी के करीब ला कर रस्सी लटका दी और जोर से वे लोग चिल्ला कर कहा –आप रस्सी पकड़ कर ऊपर आ जाओ | हमलोग आप को बचाने आए है |

महात्मा जी ने फिर उसे भी मना कर दिया और बोला –..आप लोग जाइये मुझे कुछ नहीं होगा, हमें प्रभु पर पूरा भरोसा है, वो हमें बचा लेंगें. |

इस तरह अब हेलीकाप्टर वाला बचाओ दल भी वापस चला गला गया |

लेकिन पानी था कि लगातार बढ़ ही रही थी और मिटटी धसने के कारण पेड़ भी गिर गया और अंततः महात्मा जी की उस पानी में डूबने से मृत्यु हो गई |

 मरने के बाद जब महात्मा जी स्वर्ग में भगवान के सामने उपस्थित हुए तो वो भगवान से काफी नाराज़ थे, |

और नाराजगी में ही भगवान से बोले — मैं तो सच्चे मन से आप की भक्ति की , सेवा की | लेकिन आप मुझे बाढ़ में बचाने क्नयों हीं आए ?

तो प्रभु हँसे और बोले –..मैं तो तुम्हे एक बार नहीं तीन बार बचाने आया था | पहले गाँव वालों के रूप में, फिर नाविक के रूप में और फिर हेलीकाप्टर में बचाओ दल के रूप में | तुम्ही मुझे पह्चान नहीं पाए |

आप क्या सोचते है ?   भगवान वैसा भेष भूषा बना कर मेरे सामने आयेगें जैसा हमने मन में उनकी आकृति बना रखी है | तभी हम उन्हें पहचान पाएंगे ? नहीं, भगवान तो किसी भी रूप में आ सकते है ,उन्हें पहचानने का काम हमारा है |

आज के कैरोना महामारी के समय भी भगवान हमारे बीच है और वो अपना काम कर रहे है | ..कभी डॉक्टर के रूप में, ,पुलिस कर्मी के रूप में .और एडमिनिस्ट्रेशन के लोग के भेष में |

अगर हम इनकी बात नहीं सुनते है तो हमारा दोष है | / भगवान कैसे हमें बचा सकता है ? असल में जो आज हमारे बीच अपनी जान जोखिम में डाल कर भगवान की तरह मदद कर रहे है, उनका हमें सम्मान करना चाहिए | उनकी बातों को मानना चाहिए |

और इस लॉक डाउन (lockdown) के मौके पर घर पर रहें और सुझाए गए नियमों का पालन करें | इससे हम स्वयं भी  सुरक्षित रहेंगे ओर हमारे आस पास के लोग भी सुरक्षित रहेंगे |

और यही देश के प्रति सच्ची देश भक्ति है … …..जय हिन्द ….

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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Categories: motivational, story

6 replies

  1. Bhut khub sir ji
    Gd morning have a nice day sir ji

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  2. thank you dear..stay safe..

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  3. बहुत अच्छा लगा. बात सही है पहचान और पहचानने बाला चाहिए ःःःःःःःः

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  4. यह सही है कि समय कि नजाकत को समझा जाए /धन्यवाद डिअर /

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  5. Reblogged this on Retiredकलम and commented:

    ज़ल्दी जागना हमेशा ही फायदेमंद होता है …
    चाहे वो नींद से हो, या अहम् से हो या फिर वहम से हो |

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