उम्मीद पर टिकी ज़िन्दगी

उम्मीद भी बड़ी कमाल की चीज़ है..लोग कहते है ना कि उम्मीद पे ही दुनिया कायम है..वर्ना हम आज २१ दिनों के ” लॉक डाउन ” को सिर्फ इस उम्मीद से झेल रहे है कि आगे सब  ठीक हो जायेगा / सच तो यह है कि उम्मीद पर ही हमारी ज़िन्दगी टिकी है जिस दिन उम्मीद समाप्त,.. समझो ज़िन्दगी समाप्त ./

आज मुझे  इसी बात  पर एक वाक्या  याद आ गया  और  मैं उसे  याद कर के आज फिर  भावुक हो गया / इसलिए  मैं आज उस बीते लम्हे  को कलमबद्ध करना चाह रहा  हूँ /

हालाँकि बात बहुत पुरानी या यूँ कहें कि उन दिनों की  है जब मेरी बैंक की पहली पोस्टिंग शिवगंज शाखा , राजस्थान  में थी / नई नई नौकरी होने के कारण हमारे अंदर एक जोश और  कार्य करने का जज्बा था /

मेरा मुख्य काम गाँव के किसानो को  ऋण मुहैया कराना और  लोन की recovery करना था  पहली बार जाना कि  ..टारगेट क्या होता है  और  कैसे achieve किया जा सकता हैं / इस professional life  की शुरुवात क्या हुई कि  रोज़ कुछ ना कुछ नए अनुभवों से सामना होते रहता था /

Source:Google.com

एक दिन मैं अपनी शाखा  में  बैठा किसानो के बकाया क़िस्त की लिस्ट बना रहा था, और  उस लिस्ट को लम्बी  होती देख चिंतित हो रहा था, क्योंकि पिछले तीन सालों से लगातार अकाल की स्थिति उत्पन्न हो आई थी /

ठीक उसी समय एक पूर्व परिचित किसान “राम सिंह” ग्राम सांडेराव का मेरे पास आया और  कहा कि मुझे अभी १००० रुपयों की ज़रुरत है मुझे जल्दी से दे दीजिए /

उस समय ऋण के रिकॉर्ड और  बैंक का सब कुछ manual  था, उस समय बैंक में computerization  नहीं हुआ था / मैं बड़ा सा भारी- भरकम लोन रजिस्टर संख्या – चार को खोला और  उसके ऋण लिमिट को चेक किया तो पाया कि उसका ५००० रूपये  का लिमिट फुल है और  उससे और  पैसे नहीं दिया जा सकते है /

यह बात जब उसको बताई तो वो बड़े इत्मिनान से कहा ..जी,  मुझे पता है कि खाते से और  पैसे नहीं मिल सकते है / आप को तो पता ही है पिछले तीन सालों से लगातार  वारिस नहीं होने से फसल चौपट हो गई है और  मेरे कुँए में जो थोड़ी बहुत पानी है उसी से कुछ सब्जी और  जानवरों के लिए चारा पैदा कर पाता हूँ /

लेकिन आज मेरे बिजली का बिल भरने की आखरी तारीख है, अगर एक हज़ार रूपये का बिल नहीं भरा तो कनेक्शन कट जायेगा और  मेरी खड़ी फसल बर्बाद हो जाएगी / मैंने उलटे उसी से सवाल कर बैठा कि पैसे जब खाते में नहीं  है तो कहाँ से दिया जाए /

Source:Google.com

वो छूटने ही बोला ..यह रकम तो आप को अपने पॉकेट से देना पड़ेगा / उसके चेहरे पर कोई सिकन नहीं थी / बल्कि उम्मीद के भाव थे / मुझे बड़ा आश्चर्य हुआ कि इतना  बिश्वास  के साथ वह बोल गया और  इतना विश्वास कैसे है कि मैं उसे अपनी मिहनत की ,सैलरी के पैसे जो उस समय मात्र शायद ४००० रूपये  से ५००० रूपये ही माह के मिलते थे , उसमे से दे दूँगा /

 उसने अपनी बात  ज़ारी रखते हुए कहा … मैं पिछले कुछ दिनों से कोशिश कर रहा हूँ, लेकिन किसी ने मुझे पैसे नहीं दिए,इस अकाल की घडी में सभी के हाँथ तंग है / तो थक हार कर आप के पास आया हूँ / आप को पता है कि हमारी बिजली की कनेक्शन कट जाएगी तो  हमारी खड़ी फसल और   हमारे मवेशियों का क्या होगा / मुझे यह भी पता है कि आप मुझे कहीं से भी पैसे ज़रूर देंगे /

Source:Google.com

उसके इस उम्मीद ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि लोग सिर्फ भगवान से ही उम्मीद नहीं करते परन्तु जिसे अपना समझते है उससे भी वही उम्मीद रखते है /

मैं उसकी इस उम्मीद को टूटने नहीं देना चाहता था, और  अपने खाते से १००० रूपये  निकाल कर उसके हाथ में देते हुए पूछा …. क्या भगवान में विश्वास करते हो ? तो उसने मेरी ओर देखते हुए कहा ..जी, मैं सिर्फ भगवान में ही विश्वास करता हूँ…और  वो चला गया /…   

इससे आगे की कहानी जानने के लिए नीचे दिए link को click करें …

https://retiredkalam.com/2020/05/14/%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

If you enjoyed this post don’t forget to like, follow, share and comments.

Please follow me on social media..and visit my website…

http://www.retiredkalam.com

6 thoughts on “उम्मीद पर टिकी ज़िन्दगी

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s