# मंदिर के भगवान #

आज अचानक मेरे मोबाइल की घंटी बजी | मुझे फ़ोन करने वाले की आवाज अजनबी लगी और number भी अनजाना  /

मैंने तुरंत ही कहा — रौंग नम्बर और फ़ोन काट दिया | थोड़ी देर के बाद फिर उसी नंबर से दुबारा फ़ोन आया और विनती भरे लहजे में कहा कि फ़ोन ना कांटे और बताएं कि क्या आप वर्मा साहेब बोल रहे है ?

 मैं कुछ असमंजस में बोला,– जी हाँ, लेकिन आप कौन बोल रहे है ?

उन्होंने हँसते हुए कहा — ..आप ने मुझे नहीं पहचाना साहेब जी | मैं हूँ मांगी लाल माली, गाँव- कोसेलाव, राजस्थान से बोल रहा हूँ  |

कुर्सी पर बैठा मैं अचानक  जैसे अछल पड़ा | अरे , मांगी लाल, कैसे हो भई ? आज आप २५ वर्षो बाद अचानक याद किया ? और मेरा यह मोबाइल फ़ोन नम्बर मिला कैसे ?

वो थोड़ी सांस को नियंत्रित करता हुआ बोला — साहेब जी , आज अचानक आप का ब्लॉग मेरे सामने आ गया, | वही आपका संस्मरण, “डर के आगे जीत है” पढ़ा | जो हमारे गाँव से ही सम्बंधित है | बहुत अच्छा लगा और आप के फेस बुक से आपका मोबाइल नम्बर खोज कर फ़ोन कर रहा हूँ |

आप कैसे है ? आप फोटो से तो काफी बदल से गए है | बाल भी सफ़ेद हो गए है, और होगा क्यों नहीं ? तीस  साल पहले देखा था आप को, | जब आप मस्त मौला, हमेशा जोश से भरे हमलोगों के बीच रहते थे | आप अपने ब्लॉग में हमारे गाँव के tube well वाली प्रकरण पर article  क्यों नही लिखा ?

इतना सुनना था कि मैं तीस साल पीछे के यादों में खो गया | वो भी क्या दिन थे | नई- नई बैंक की  नौकरी और काम करने का जोश |

ये “माली”जाति के लोग गाँव कोसेलाव में अच्छे कास्तकार माने जाते थे और इसके पास सौ बीघा खेती लायक ज़मीन थी | ये कपास की खेती के लिए मशहूर थे | लेकिन तीन साल से लगातार वर्षा नहीं होने से अकाल की स्थिति झेल रहे थे | कुएँ सभी सुख चले थे .यहाँ तक कि इतना  जल भी उपलब्ध नहीं था  कि  अपने जानवरों के लिए चारा भी उगा पाते | स्थिति बहुत ही भयावह थी |

एक दिन ऋण की उगाही के लिए कोसेलाव गाँव का दौरा कर रहा था, तो मांगी लाल गाँव के मंदिर के पास मिल गया / | मैं भी जीप से उतर कर मंदिर में हाथ जोड़ने चला गया |

उसी समय बातो बातों में उसने बताया कि पाली से एक दोस्त आया था और उनसे ताम्बे के एक देशी यन्त्र द्वारा  पता लगाया है कि इस मंदिर से सटे जो  हमारा फार्म हाउस है उसके पूर्व के एक कोने में  अगर Bore well किया जाए तो underground water की संभावना है |

मैंने ने जबाब दिया.. यहाँ पूरा इलाका dark zone  घोषित किया जा चूका है और tube well या bore well के लिए नियमतः ऋण नहीं दिया जा सकता है |

दुसरे दिन वो अपने एक  दोस्त को लेकर शाखा में आए और फिर मुझसे आग्रह करने लगे कि किसी तरह tube well के लिए ४०,००० रूपये का ऋण स्वीकृत करे नहीं तो पानी के बिना खेती तो चौपट हो ही गई है , जानवर लोग भी चारा ओर पानी के बिना मर जाएंगे |

सचमुच स्थिति बड़ी भयावह थी | पूरा इलाका अकाल की चपेट में था | मुझे पता था कि Dark Zone होने के कारण वहाँ ऋण देना बैंक के नियम के खिलाफ है,|

लेकिन मानव सेवा का जो जज्बा हमारे अंदर था, उससे मेरे दिल ने कहा — जो भी हो, रिस्क तो लेना ही चाहिए | अगर पानी नहीं मिला तो मुझे बैंक के तरफ से मुझे punishment मिलेगा और अगर पानी निकल गया तो पुरे गाँव के लिए पिने का पानी और उनके जानवरों के लिए चारे की व्यवस्था हो जाएगी | 

ऐसा सोच कर मैंने अपनी स्वीकृति दे दी | Sunday का दिन तय हुआ और tube well खोदने के लिए बड़ा सा ड्रिलिंग – मशीन आ गया | मैं काम शुरू करा कर मैं अपने घर आ गया क्योंकि उसे ड्रिलिंग करने में शाम तो हो ही जाएगी |

करीब शाम के 5 बजे होंगे कि एक जीप पर सवार मांगी लाल अपने गाँव के कुछ लोगों के साथ मेरे घर के दरवाजे पर दस्तक दी | मैंने जैसे ही दरवाजा खोला,  सभी लोगों ने एक साथ जोर से बोल पड़ा –. साहेब की जय हो, साहेब की जय हो और साथ साथ मेरे गले में फूलों की माला डाल दी |

मुझे समझते देर ना लगी कि मिशन सफल हो गया है | मुझे ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा | क्योकि मैं ने बैंक के नियम के विरूद्ध वहाँ tube well लगाने के लिए पैसे दिए थे जहाँ वैज्ञानिक दृष्टी से Underground water नहीं थे |

इसे संयोग कहे या भगवान की कृपा , मैं तुरंत ही उसके साथ आकर जीप में बैठ गया, क्योकि मैं उस स्थान पर जल्द से जल्द पहुंचना चाहता था |

वहाँ जब पहुँचा तो गजब का नज़ारा था | , पूरा गाँव के लोग tube well के चारो ओर घेरे खड़े थे और उस नए खुदे गए Tube-well से पानी का बड़ा सा फौवारा निकल रहा था /

इस भयावह अकाल की स्थिति में इतना पानी जमीन से निकलता देख कर सभी को आश्चर्य और ख़ुशी का आभास हो रहा था | मांगी लाल सब लोगों को मिठाई बाँट रहे थे, क्योंकि इस मंदिर के भगवान ने गाँव के लोगों का और मांगीलाल के विश्वास को टूटने नहीं दिया |

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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http://www.retiredkalam.com



Categories: मेरे संस्मरण

11 replies

  1. Vare Nice. Good morning

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  2. Vare Nice Good. Morning

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  3. Reblogged this on Retiredकलम and commented:

    Life will never provide warranties & Guarantees ,
    It can only provide Possibilities & Opportunities
    to convert them into success …

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  4. वाह! मंदिर में नमन करने गये तो भगवान
    ने ऐसा चक्र चलाया कि आपको वहां की जनता का भगवान बना दिया।
    प्रेरक व समाज सेवा की सोच से गर्भित संस्मरण। An example of “Reasonable Risk”.
    :– मोहन”मधुर”

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    • सही कहा मोहन,
      भगवान् की चाह और हमारी सोच के मिलने से परिणाम अच्छा ही होता है /
      इसीलिए तो भगवान् में हमारी आस्था बढ़ जाती है |
      अपने विचार साझा करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद |

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