# कलयुग का बेटा #

आज सुबह ना जाने क्यों ४.३० बजे ही मेरी नींद खुल गई | , हालाँकि मेरा सुबह उठने का समय ६.०० बजे है , लेकिन पता नहीं क्यों मेरी नींद आज जल्दी खुल गई |

खैर, सुबह उठ कर थोडा exercise और  योगा  किया और फिर  morning walk के लिए करीब ६.३० बजे घर से कुछ दूर स्थित पार्क में चला गया |

पार्क के बीचो – बीच एक तालाब भी है जिसमे बहुत सुंदर हँस और  बतख को तैरते देखना अच्छा लगता है /

मौसम भी बहुत सुहाना है क्योंकि वसंत का आगमन हो चूका है और  पार्क भी हरे भरे पेड़ो  और  रंग बिरंगे फूलो से सजी बहुत सुंदर लग रहा है /

और  इसके अलावा पंछियों का चहकना और  दोस्तों के संग बिना सिर पैर की बात करना | इन सबों ने मिलकर सुबह को आनंदमय बना दिया है | 

पार्क के तलब में बहुत सारी मछलियाँ है | मैं यहाँ चिड़ियों और  तालाब की  मछलियों के लिए घर की बची हुई रोटियां और  ब्रेड साथ में लाता हूँ |

सचमुच पार्क में आने के बाद आज मन बड़ा प्रसन्न लग रहा है | , मैंने चावल के दाने और  रोटी पंछियों को खिलाया और   कुछ रोटी के टुकड़े पानी में जैसे ही फेका, तालाब की बहुत सारी मछलियाँ पास आ गई |

लेकिन कुछ मछलियाँ तो बहुत बड़े साइज़ की हो गई है, बिलकुल शार्क जैसे दिख रही है | , देखते देखते मछलियाँ कितने बड़ी बड़ी हो गई है, पर ,देख कर अच्छा लग रहा है |

तालाब के चारो ओर टहलने के लिए पथ भी बना हुआ है | ,

सचमुच यहाँ एक घंटा का समय कैसे बीत जाता है,  पता ही नहीं चलता,|

यहाँ आकर जीवन सरस लगने लगता है | कुछ पल के लिए अपने सारी चिंताएं भूल जाता हूँ |

यहाँ हरे भरे पेड़, फुल – पौधे और फुदकते  पंछियों के बीच  मैं भूल जाता हूँ, अपने बुढ़ापे को, अपने चेहरे की  झुर्रियां को,  घुटनों  के दर्द को,  और अपनों के द्वारा दी हुई  तकलीफों को |

बस, दिल कहता है — खुल कर जिओ ज़िन्दगी , जब तक मौत ना गले लगा ले |

मेरे पीछे – पीछे कुछ और  लोग भी टहल रहे है,|  उसी में एक बुजुर्ग मित्र पास आए और  अपनी मोबाइल देते हुआ वो अपनी फोटो खीचने का आग्रह करने लगे |

मैंने भी कहा … sure , क्यों नहीं click करूँगा |

मैं मन ही मन सोच रहा था , इतनी उम्र होने के बाबजूद भी दिल में वही उमंग बाकी है, इसीलिए तो वो फ़िल्मी स्टाइल में फोटो खीचा रहे है |

तभी उनके मोबाइल की घंटीफिर बजी और  कुछ देर मोबाइल पर बात करने के बाद मेरी i तरफ मुखातिब हुए और कहा. –..मेरा  बेटा का फ़ोन था | ,वो अमेरिका में रहता है,| नौकरी करता है वहाँ |

मैं १० साल पूर्व BSNL से रिटायर हो गया हूँ. |

और  यह फोटो खिचाने का मुख्य कारण है कि रोज़ सुबह morning walk के दौरान मुझे selfie लेकर उसे whats app के द्वारा अपने बेटे को good morning के साथ भेजना पड़ता है |

और  रात में भी वो फ़ोन से मेरा हाल समाचार लेता है |

मेरी उम्र हो गई है ना, इसलिए वह मेरा और  मेरी पत्नी की फिक्र करता है |

और  अगर थोड़ी भी फोटो भेजने में देर हो जाती है तो उधर से तुरंत message आ जाता है –, morning walk  पर क्यों नहीं गए ? तबियत ठीक है ना ?

मैं मन ही मन सोचने लगा कि .. वाह, क्या  प्रेम है बेटे का बाप के प्रति |

वो पिता बहुत ही भाग्यवान है जिसके पास आज के कलयुग में भी श्रवण जैसा पुत्र है | ..

भगवान सभी को ऐसा पुत्र दे  ||….

BE HAPPY… BE ACTIVE … BE FOCUSED ….. BE ALIVE,,

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Categories: motivational

6 replies

  1. अति भावनात्मक लेख। 👌

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  2. Reblogged this on Retiredकलम and commented:

    Life is short, Live it..
    Love is rare, Grab it..
    Anger is bad, Dump it..
    Fear is awful, Face it
    Memories are sweet, Cherish it..

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